दिल्ली: चितरंजन पार्क पुलिस ने दो चोर दबोचे, 3 बाइक और चोरी का सामान बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली की दक्षिण जिला पुलिस ने 16 जून 2026 को चितरंजन पार्क थाने की विशेष टीम के माध्यम से दो कथित शातिर चोरों को गिरफ्तार किया, जो क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी और घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें, वारदात में इस्तेमाल की गई एक अन्य बाइक और घरों से लूटा गया सामान बरामद किया है।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
क्षेत्र में मोटर वाहन चोरी और घरेलू चोरी की बढ़ती शिकायतों के मद्देनज़र चितरंजन पार्क थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर अनीश शर्मा के नेतृत्व में और एसीपी की निगरानी में विशेष टीमें गठित की गई थीं। इस अभियान को एएसआई दलवीर सिंह, हेड कॉन्स्टेबल रोशन और हेड कॉन्स्टेबल गिर्राज की टीम ने अंजाम दिया।
सीसीटीवी और खुफिया जानकारी से मिली सफलता
पुलिस ने घटनास्थलों और आसपास के क्षेत्रों से सीसीटीवी फुटेज एकत्र कर उनका गहन विश्लेषण किया। फुटेज में दो संदिग्धों को चोरी की वारदात के बाद फरार होते देखा गया। इसके बाद पुलिस ने फुटेज का मिलान पुराने आपराधिक रिकॉर्ड से किया और स्थानीय मुखबिरों को संदिग्धों की तस्वीरें व जानकारी उपलब्ध कराई। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को अंबेडकर नगर के दक्षिण पुरी इलाके से दबोचा गया।
आरोपियों की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उदय कुमार उर्फ एलियन (24 वर्ष) और सौरव कुमार (24 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उदय कुमार के खिलाफ पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला, जबकि सौरव कुमार के खिलाफ साकेत थाने में चोरी का एक पुराना मुकदमा दर्ज है। जाँच में सामने आया कि दोनों आरोपी बिना निगरानी खड़ी मोटरसाइकिलों और घरों में रखे कीमती सामान को निशाना बनाते थे, और बाद में माल को छिपाने या बेचने का प्रयास करते थे।
बरामदगी का ब्यौरा
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की दो मोटरसाइकिलें, वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल, एक ब्लड प्रेशर जाँच मशीन और चाँदी की परत चढ़े वॉशरूम के दो नल बरामद किए। इस कार्रवाई से चितरंजन पार्क थाने में दर्ज मोटरसाइकिल चोरी और चोरी के दो मामलों का खुलासा हुआ है।
पुलिस का बयान
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अनंत मित्तल ने कहा कि समय पर की गई कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज के प्रभावी विश्लेषण और पुलिस टीमों के बेहतर समन्वय के कारण यह सफलता संभव हुई। उन्होंने बताया कि अन्य मामलों में भी आरोपियों की संलिप्तता की जाँच जारी है।