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क्या दिल्ली में रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार हुआ?

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क्या दिल्ली में रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार हुआ?

सारांश

दिल्ली में एक रिश्तेदार के घर से चोरी की गई ज्वेलरी की जांच में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला रिश्तेदार के विश्वास का उल्लंघन कर चोरी करने का है, जिसने अपनी मौसी की बेटी के घर से गहने चुराए। क्या यह मामला आपको हैरान करता है?

मुख्य बातें

रिश्तेदारों पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच घटनाओं को सुलझाने में सहायक होती है।
परिवार के सदस्यों के बीच विश्वास की कमी से अपराध बढ़ सकते हैं।
जांच में गहराई से पूछताछ महत्वपूर्ण होती है।

नई दिल्ली, २४ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एक चोर को गिरफ्तार किया, जिसने अपने ही रिश्तेदार के घर से गहने चुरा लिए थे। द्वारका जिले के बिंदापुर पुलिस स्टेशन की टीम ने गिरफ्तारी के बाद चोरी के गहने बरामद कर लिए।

द्वारका पुलिस के एक बयान के अनुसार, टीम ने आरोपी की निशानदेही पर एक लॉकेट वाली सोने की चेन, एक अन्य सोने की चेन, एक जोड़ी सोने की चेन, एक जोड़ी सोने की बालियां, दो सोने की अंगूठियां और २० ग्राम का सोने का बिस्किट बरामद किया।

बिंदापुर पुलिस स्टेशन को ९ नवंबर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा ३०५ के तहत एक ऑनलाइन ई-एफआईआर प्राप्त हुई। इसके बाद, पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शिकायतकर्ता मनजिंदर कौर से मिली, जो अस्लम सलीम की पत्नी हैं और आर्य समाज रोड, उत्तम नगर, दिल्ली की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि अनजान लोगों ने उनके घर से गहने चुरा लिए हैं। उनकी शिकायत के आधार पर, उपरोक्त ई-एफआईआर दर्ज की गई।

द्वारका डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी के निर्देश पर जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए, केस को सुलझाने और दोषी को पकड़ने के लिए बिंदापुर पुलिस स्टेशन से एक टीम बनाई गई। इस टीम में हेड कांस्टेबल नीरज, हेड कांस्टेबल अशोक, कांस्टेबल राजेश डागर और कांस्टेबल आशीष शामिल थे, जिनका सुपरविजन इंस्पेक्टर नरेश सांगवान, स्टेशन हाउस ऑफिसर और ओवरऑल सुपरविजन राजकुमार, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, डाबरी का था।

मामले की जांच के लिए टीम क्राइम स्पॉट पर गई और घर और आस-पास के क्षेत्रों में सीसीटीवी फुटेज चेक की। खास बात यह थी कि जबरदस्ती घुसने का कोई निशान नहीं था, कोई ताला या दरवाजा नहीं तोड़ा गया था, जिससे पुलिस को शक हुआ कि इसमें घर से जान-पहचान वाले या उसी बिल्डिंग में रहने वाले किसी व्यक्ति का हाथ है।

पूछताछ के दौरान पता चला कि शिकायत करने वाले का एक कजन घर आया था और तीन दिन तक वहीं रुका था। पुलिस ने उससे पूछताछ की, जिसकी पहचान परमजीत सिंह के तौर पर हुई। पूछताछ के दौरान परमजीत ने शुरू में अपना परिचय सब-इंस्पेक्टर परमवीर सिंह के तौर पर दिया, लेकिन वह कोई पहचान पत्र नहीं दिखा सका और अपनी कथित पोस्टिंग के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।

शक होने पर पुलिस ने और गहराई से पूछताछ की। इस दौरान परमजीत ने माना कि वह पुरानी कारों का कमीशन एजेंट का काम करता है और आखिर में उसने शिकायत करने वाली के घर पर चोरी करना कबूल कर लिया, जो उसकी मौसी की बेटी है।

उसने बताया कि उसने चोरी की ज्वेलरी हिमाचल प्रदेश के अंबोटा में अपने नाना के घर पर एक बिस्तर के अंदर छिपा दी थी।

पुलिस ने परमजीत को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस की एक टीम उसके साथ हिमाचल प्रदेश गई, जहां से चोरी का सामान सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया। इस मामले में आगे की जांच चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो समाज में अस्थिरता बढ़ती है। पुलिस का त्वरित कार्रवाई से आरोपी को पकड़ना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए और प्रयासों की आवश्यकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में यह चोरी कब हुई थी?
यह चोरी ९ नवंबर को हुई थी।
पुलिस ने आरोपी को कब गिरफ्तार किया?
पुलिस ने आरोपी को सोमवार को गिरफ्तार किया।
चोरी की गई ज्वेलरी क्या क्या थी?
चोरी की गई ज्वेलरी में सोने की चेन, बालियां, अंगूठियां और बिस्किट शामिल थे।
आरोपी की पहचान क्या है?
आरोपी की पहचान परमजीत सिंह के तौर पर हुई है।
चोरी की ज्वेलरी कहां छिपाई गई थी?
चोरी की ज्वेलरी हिमाचल प्रदेश के अंबोटा में छिपाई गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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