सेंसेक्स 0.65% और निफ्टी 0.22% टूटा, लगातार छठे सप्ताह बाजार पर दबाव; एफआईआई ने ₹7,620 करोड़ की बिकवाली की
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 पर 19 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में लगातार छठी बार बिकवाली का दबाव हावी रहा — सेंसेक्स साप्ताहिक आधार पर 0.65 प्रतिशत कमजोर होकर 74,294 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 0.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार पाँचवें सप्ताह शुद्ध बिकवाली और वैश्विक ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊँचे बने रहने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क रखा।
साप्ताहिक बाजार का घटनाक्रम
सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन बाद में कच्चे तेल की कीमतों में हालिया ऊँचाई से नरमी आने के कारण बाजार में आंशिक रिकवरी देखी गई। शुक्रवार को सेंसेक्स मात्र 19 अंक या 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 74,294 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,346 अंक पर पहुँचा।
अमेरिका और जापान के केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसले बाजार की उम्मीदों के काफी हद तक अनुरूप रहे। ऊर्जा महंगाई को लेकर चिंताएँ कुछ घटने से सरकारी बॉन्ड यील्ड पर दबाव हल्का हुआ, जिससे इक्विटी बाजारों को सीमित राहत मिली।
एफआईआई बनाम डीआईआई: आँकड़े क्या कहते हैं
एक्सचेंज के आँकड़ों के अनुसार, एफआईआई इस सप्ताह ₹7,620 करोड़ के शुद्ध विक्रेता रहे — यह लगातार पाँचवाँ सप्ताह है जब उन्होंने बिकवाली की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने ₹11,232 करोड़ की शुद्ध खरीदारी कर बाजार को मध्यसप्ताह के निचले स्तर से उबारने में मदद की।
इस महीने अब तक एफआईआई ने ₹7,041 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की है, जबकि डीआईआई ने ₹36,219 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की है। इसके बावजूद निफ्टी अगस्त के अंत के 24,080.40 अंक की तुलना में 3.05 प्रतिशत नीचे आ गया है।
सेक्टर प्रदर्शन: हेल्थकेयर आगे, आईटी पिछड़ा
हेल्थकेयर और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने स्थिर घरेलू आय वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी। रियल्टी और मेटल शेयर भी शुक्रवार को मजबूत रहे।
दूसरी ओर, निफ्टी आईटी सूचकांक में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मिड और स्मॉलकैप आईटी तथा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों पर भी वैश्विक प्रौद्योगिकी खर्च को लेकर चिंताओं और ऊँची ब्याज दरों के बीच विवेकाधीन माँग में सुस्ती का असर दिखा। गौरतलब है कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बड़े-कैप शेयरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
तकनीकी नजरिया: सपोर्ट और रेजिस्टेंस
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,000–23,100 अंक का दायरा तत्काल समर्थन (सपोर्ट) क्षेत्र बना हुआ है। वहीं 23,400–23,600 अंक का स्तर निकट अवधि में प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) के रूप में देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि एफआईआई की लगातार बिकवाली ने रुपए पर भी दबाव बनाए रखा और बाजार की रिकवरी को सीमित किया। मौद्रिक नीति पर प्रमुख केंद्रीय बैंकों की भविष्य संबंधी टिप्पणियों ने भी संकेत दिया कि सख्त रुख अभी जारी रह सकता है।
आगे क्या देखेंगे निवेशक
आने वाले सप्ताह में घरेलू ऋण वृद्धि (क्रेडिट ग्रोथ) और पीएमआई आँकड़े आर्थिक गतिविधियों की गति का संकेत देंगे। इसके अलावा अमेरिका के प्रारंभिक बेरोजगारी दावों (जॉबलेस क्लेम्स) के आँकड़े और फेडरल रिजर्व अधिकारियों की टिप्पणियाँ वैश्विक तरलता और ब्याज दरों की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डीआईआई की स्थिर खरीदारी गिरावट को सीमित रखेगी, बशर्ते वैश्विक प्रतिकूलताएँ और न बढ़ें।