एफआईआई की लगातार तीसरे सप्ताह खरीदारी: ₹1,228 करोड़ का निवेश, निफ्टी 24,366 पर बंद
सारांश
मुख्य बातें
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने कच्चे तेल की ऊँची कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे सप्ताह शुद्ध खरीदारी दर्ज की। 15 अगस्त को जारी अनंतिम एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार, एफआईआई ने इस सप्ताह ₹1,228.24 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। हालाँकि बाजार दबाव में रहा और निफ्टी सप्ताह के दौरान 24,583 से फिसलकर 24,366 पर बंद हुआ।
साप्ताहिक निवेश प्रवाह का ब्यौरा
सप्ताह की शुरुआत में एफआईआई ने लगातार दो सत्रों में खरीदारी की, इसके बाद दो सत्रों में बिकवाली का रुख अपनाया। हालाँकि सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन वे फिर से खरीदार के रूप में लौटे। विश्लेषकों के अनुसार, यह मिश्रित रुख दर्शाता है कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भी विदेशी निवेशकों का भारत को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने इस दौरान और भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। सप्ताह के पहले सत्र को छोड़कर बाकी सभी चार सत्रों में डीआईआई खरीदार रहे। सप्ताह भर में उन्होंने कुल ₹9,286 करोड़ का निवेश किया, जिसमें से ₹7,768 करोड़ की शुद्ध खरीदारी दर्ज हुई।
अगस्त का समग्र चित्र
आंकड़ों के अनुसार, अगस्त की शुरुआत एफआईआई के लिए कमजोर रही थी। महीने के पहले दो सप्ताह में उन्होंने क्रमशः ₹4,205 करोड़ और ₹3,893 करोड़ की बिकवाली की थी, जिससे निफ्टी 23,767 के निचले स्तर तक पहुँच गया था।
गौरतलब है कि 28 जुलाई के बाद विदेशी निवेशकों का रुख पलटा और खरीदारी फिर शुरू हुई, जिससे निफ्टी 3 अगस्त तक 24,774 के स्तर तक पहुँच गया। बावजूद इसके, अगस्त में अब तक एफआईआई का कुल निवेश प्रवाह लगभग ₹3,174 करोड़ के शुद्ध नकारात्मक स्तर पर बना हुआ है, जो बताता है कि तीन सप्ताह की खरीदारी अभी शुरुआती भारी बिकवाली की पूरी भरपाई नहीं कर सकी है।
डीआईआई: बाजार की असली रीढ़
डीआईआई पूरे अगस्त माह में बाजार के लिए मजबूत सहारा बने रहे। प्रत्येक सप्ताह लगातार खरीदारी के साथ उनकी कुल शुद्ध खरीदारी ₹38,715 करोड़ तक पहुँच चुकी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की इस मजबूत भागीदारी ने वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारतीय बाजार को स्थिरता प्रदान की है।
प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन
सप्ताह के दौरान सूचकांकों का प्रदर्शन मिश्रित रहा। निफ्टी 0.8% की गिरावट के साथ 24,366 पर बंद हुआ, जबकि बैंक निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार के बाद 0.4% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स ने नया सर्वकालिक उच्च स्तर बनाते हुए सप्ताह का समापन 0.5% की बढ़त के साथ किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तरों के आसपास बना रहा, जो निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता और मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में जारी रुचि को दर्शाता है।
आगे की राह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले सप्ताहों में भारतीय बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक भू-राजनीतिक स्थितियों, विदेशी निवेश प्रवाह और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। फिलहाल एफआईआई की वापसी और डीआईआई की निरंतर खरीदारी भारतीय इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।