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क्या दिल्ली में ज्वेलरी चमकाने के झांसे में लोग फंस रहे हैं?

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क्या दिल्ली में ज्वेलरी चमकाने के झांसे में लोग फंस रहे हैं?

सारांश

दिल्ली में ज्वेलरी धोखाधड़ी के मामलों में तेजी आ रही है। हाल ही में सरोजिनी नगर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने महिलाओं को निशाना बनाते हुए ज्वेलरी चमकाने के बहाने धोखाधड़ी की। इस मामले की गहराई में जाने पर पता चलता है कि ऐसे अपराधियों का एक संगठित गिरोह काम कर रहा है।

मुख्य बातें

धोखाधड़ी के मामलों में सतर्कता आवश्यक है।
महिलाओं को अपने गहनों को किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
पुलिस को तत्काल सूचना देना चाहिए यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे।

नई दिल्ली, 26 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के सरोजिनी नगर पुलिस थाने ने ज्वेलरी चमकाने के बहाने धोखाधड़ी करने के आरोप में दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 10,000 रुपए और धोखाधड़ी में उपयोग किया गया वाहन भी बरामद किया है।

आरोपी महिलाएं को निशाना बनाकर धोखाधड़ी करते थे। उनकी पहचान विनोद प्रसाद साह, जो हर्ष विहार के निवासी हैं, और मोहम्मद सत्तार, जो नंद नगरी के निवासी हैं, के रूप में हुई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला 17 दिसंबर 2025 को सरोजिनी नगर पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। महिला शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने उसे गहनों को पॉलिश करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने महिला से एक सोने का पेंडेंट और एक अंगूठी ली और फिर उसे गर्म पानी लाने के लिए कहा। जैसे ही महिला रसोई में गई, आरोपी गहने लेकर भाग गए।

इंस्पेक्टर अतुल त्यागी और एसीपी मेल्विन वर्गीस की निगरानी में मुकेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और फोटोग्राफिक पहचान प्रणाली का उपयोग करके जांच की। इसके बाद दोनों आरोपियों को 21 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अच्छे कपड़े पहनकर रिहायशी क्षेत्रों में महिलाओं को गहने पॉलिश करने का झांसा देते थे। गहने लेने के बाद, वे महिला से गर्म पानी लाने के लिए कहते थे और फिर गहने लेकर भाग जाते थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गहनों को बेच दिया गया था और कुछ पैसे जुए में खोए थे।

विनोद प्रसाद साह और मोहम्मद सत्तार पहले भी धोखाधड़ी के मामलों में शामिल थे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इनके गिरोह में अन्य कितने लोग शामिल थे और उन्होंने कहां-कहां इस तरह की घटनाएं की हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के धोखों में ना आएं और अपने गहने किसी को न दें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह पहली बार है जब दिल्ली में ऐसे मामले सामने आए हैं?
नहीं, दिल्ली में ऐसे धोखाधड़ी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन यह मामला विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करता है।
कौन से उपाय किए जा सकते हैं इन धोखाधड़ी से बचने के लिए?
महिलाओं को कभी भी अज्ञात व्यक्तियों को अपने गहने नहीं देने चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट पुलिस को करनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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