कोलकाता: इकबालपुर में ₹35 लाख की चोरी, 21 वर्षीय आसिफ हुसैन गिरफ्तार; 172 ग्राम सोना बरामद
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने 29 जुलाई 2026 को इकबालपुर इलाके में एक दंपति के घर से ₹35 लाख से अधिक मूल्य की सोने की ज्वेलरी और नकदी चोरी करने के आरोप में 21 वर्षीय आसिफ हुसैन को गिरफ्तार किया। डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के चोरी रोधी विंग ने उसे राजारहाट के एक रिसॉर्ट से पकड़ा, जहाँ वह कथित तौर पर एक कारोबारी की आड़ में छिपा हुआ था।
घटनाक्रम: कैसे हुई चोरी
एम.एम. अली रोड, इकबालपुर स्थित एक दंपति अपना घर बंद कर काम पर गए थे। वापस लौटने पर उन्होंने पाया कि घर के अंदर एक अलमारी टूटी हुई है, जबकि मुख्य दरवाज़े का ताला सुरक्षित था। पुलिस के अनुसार, घर से 201 ग्राम सोने के गहने और ₹4 लाख नकद चोरी हुए।
गौरतलब है कि चोरी हुआ कीमती सामान उस दंपति की हाल ही में विवाहित बेटी का था, जो कनाडा जाने से पहले अपने माता-पिता के पास छोड़ गई थी। चोरी के बाद परिवार में विवाद भी खड़ा हो गया — दामाद ने अपने ससुराल वालों पर ही शक जताते हुए उन पर कीमती सामान हड़पने का आरोप लगाया। इस पारिवारिक कलह के बाद बेटी कनाडा से स्वदेश लौटी और इकबालपुर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
जाँच और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने जाँच अपने हाथ में ली। जाँचकर्ताओं ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से पड़ताल की, जिसके आधार पर आसिफ हुसैन को मुख्य संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने उसे न्यू टाउन के एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया, जहाँ वह कथित तौर पर छिपा हुआ था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि चोरी की नकदी वह पहले ही खर्च कर चुका है। जाँचकर्ताओं को यह भी पता चला कि उसने रिसॉर्ट में ₹4 लाख से अधिक महिला साथियों के साथ मनोरंजन पर खर्च किए थे।
सोने की बरामदगी
प्रारंभिक पूछताछ में गहने बरामद नहीं हो सके थे। हालाँकि, आरोपी के एंटली स्थित घर की तलाशी के दौरान अलमारी में बने एक गुप्त तहखाने से 172 ग्राम सोना बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, चोरी के शेष सामान की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
आगे की जाँच
पुलिस ने बताया कि मामले की जाँच अभी चल रही है और बाकी बरामदगी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। यह मामला इस दृष्टि से भी उल्लेखनीय है कि आरोपी ने चोरी के बाद पाँच सितारा जीवनशैली अपनाने की कोशिश की, जो अंततः उसकी पहचान का कारण बनी। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई शहर में चोरी रोधी तंत्र की सक्रियता का संकेत देती है।