असम में सरायघाट एक्सप्रेस से दो संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नकली आधार कार्ड और बांग्लादेशी मुद्रा बरामद
सारांश
मुख्य बातें
असम पुलिस ने 25 सितंबर 2026 को सरायघाट एक्सप्रेस में विशेष अभियान के दौरान दो संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। सिलचर से हावड़ा जा रही इस ट्रेन में की गई कार्रवाई के दौरान दोनों के पास से नकली आधार कार्ड और बांग्लादेशी मुद्रा नोट बरामद किए गए। यह गिरफ्तारी संदिग्ध अवैध विदेशी नागरिकों की आवाजाही से जुड़ी खुफिया सूचना के आधार पर की गई।
ऑपरेशन का विवरण
पुलिस उपायुक्त (बॉर्डर) कुलेंद्र नाथ डेका ने बताया कि ट्रेन की जाँच के दौरान दोनों संदिग्धों को रोका गया और पूछताछ में उनके दस्तावेज़ संदिग्ध पाए गए। उनके पास से जो दो आधार कार्ड मिले हैं, वे जाली होने के संदेह में हैं। साथ ही बांग्लादेशी मुद्रा भी बरामद हुई, जिसने जाँच को और गहरा कर दिया है।
डेका के अनुसार, अधिकारी दोनों व्यक्तियों की पहचान और नागरिकता की पुष्टि करने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा, 'पुलिस ने इमिग्रेंट्स (एक्सपल्शन फ्रॉम असम) एक्ट, 1950 के तहत इन दोनों संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को भारत से वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।' आवश्यक कानूनी और निर्वासन प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिपोर्टेशन की कार्रवाई की जाएगी।
इस सप्ताह की बड़ी कार्रवाइयाँ
यह गिरफ्तारी असम पुलिस की इस सप्ताह की व्यापक कार्रवाइयों की कड़ी है। 22 सितंबर 2026 को राज्यभर में चलाए गए अभियान के दौरान 22 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया था। इसके एक दिन बाद, 23 सितंबर को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर मनकाचर में एक घर से 6 संदिग्ध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। इस प्रकार, इस सप्ताह कुल 28 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को असम पुलिस ने पकड़ा है।
नकली दस्तावेज़ों की जाँच
बॉर्डर पुलिस विंग उन विदेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए विस्तृत जाँच कर रही है, जो कथित तौर पर बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे हैं और नकली भारतीय पहचान पत्रों का उपयोग कर रहे हैं। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि दोनों गिरफ्तार व्यक्तियों ने संदिग्ध नकली आधार कार्ड किन परिस्थितियों में और किस माध्यम से हासिल किए।
गौरतलब है कि नकली आधार कार्ड और फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेज़ों का उपयोग अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वालों द्वारा बड़े पैमाने पर किए जाने की शिकायतें असम में लंबे समय से सामने आती रही हैं। पुलिस उन लोगों की भी जाँच कर रही है जिन पर गिरफ्तार व्यक्तियों को पनाह देने का संदेह है।
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ रोकने और असम में गैरकानूनी रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह ऑपरेशन ऐसे समय में आया है जब असम में संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान और निष्कासन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ा हुआ है।
जाँच एजेंसियाँ इन दोनों व्यक्तियों की प्रवेश परिस्थितियों और दस्तावेज़ प्राप्ति के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं, और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।