क्या बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी को मिलेगी बढ़त, जमात का समीकरण बिगड़ता दिख रहा है?

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क्या बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी को मिलेगी बढ़त, जमात का समीकरण बिगड़ता दिख रहा है?

सारांश

क्या बांग्लादेश के आगामी चुनावों में बीएनपी को मिलेगी बढ़त? जानिए जमात का बिगड़ता समीकरण और भारत की चिंता।

Key Takeaways

  • बीएनपी को 70% लोगों का समर्थन मिला है।
  • तारिक रहमान की वापसी ने पार्टी को मजबूती दी है।
  • जमात का समर्थन सिर्फ 19% है।
  • हिंसा के बढ़ने की आशंका है।
  • भारत बीएनपी की सरकार की उम्मीद कर रहा है।

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद अब 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होने जा रहे हैं। इस चुनाव के प्रति राजनीतिक दलों की गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक दलों में आंतरिक विवाद भी स्पष्ट होने लगे हैं। लेकिन इस सबके बीच ओपिनियन पोल में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का पलड़ा मजबूत नजर आ रहा है।

पिछले महीने के सर्वेक्षण में, बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच की स्थिति कांटे की थी। हालांकि, अब बीएनपी ने 70% लोगों का समर्थन हासिल कर लिया है, जबकि जमात को केवल 19% लोगों का समर्थन मिला है। लोग खालिदा जिया की पार्टी को वोट देने की इच्छा जता रहे हैं।

गौरतलब है कि 17 साल बाद तारिक रहमान की वापसी ने न केवल बांग्लादेश की राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि बीएनपी के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है। रहमान की वापसी से पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।

एक सर्वेक्षण के अनुसार, बांग्लादेश में पिछले साल की हिंसा और शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बनी नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) को 2.9% लोगों का ही समर्थन मिला है।

विश्लेषकों का कहना है कि बीएनपी को कई कारणों से समर्थन मिल रहा है। एक महत्वपूर्ण कारण यह है कि पूर्व पीएम खालिदा जिया की मृत्यु के कारण लोगों का भावनात्मक समर्थन बीएनपी के पक्ष में है।

इसके अलावा, जिया के बेटे तारिक रहमान की वापसी ने पार्टी को मजबूती प्रदान की है। रहमान चुनावी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल हो गए हैं, जिसका असर लोगों पर स्पष्ट है।

दूसरी ओर, हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में अपराध बढ़ गए हैं, और इसके लिए कट्टरपंथी जमात को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

एक इंटेलिजेंस ब्यूरो अधिकारी ने कहा कि लोगों को यह समझ में आ रहा है कि यदि जमात सत्ता में आई, तो देश एक आजाद देश नहीं रह पाएगा।

आम जनता शांति, विकास और समृद्धि चाहती है, न कि धार्मिक शासन। अधिकारी ने कहा कि वे ईरान जैसा देश नहीं चाहते, और यह भी समझते हैं कि यदि जमात सत्ता में आई, तो स्थिति विकट हो जाएगी।

ओपिनियन पोल में यह भी पाया गया है कि शेख हसीना के कई समर्थक अब बीएनपी का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि, अवामी लीग की अनुपस्थिति इसका मुख्य कारण हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिससे उसके समर्थक बीएनपी के साथ खड़े हो रहे हैं।

अवामी लीग के 60% समर्थक अब बीएनपी को वोट देने की बात कर रहे हैं, जबकि 25% समर्थक जमात का समर्थन कर रहे हैं।

सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि 71% महिलाएँ बीएनपी को वोट देने के लिए तैयार हैं। बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया भी इसी पार्टी की थीं।

20 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच किए गए सर्वे में 77% लोगों को विश्वास है कि बीएनपी सत्ता में आएगी।

हालाँकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि हिंसा बढ़ सकती है, और जमात तथा आईएसआई की जोड़ी चुनाव को टालने के लिए प्रयासरत है।

पिछले 18 दिनों में हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं, जिसमें 6 हिंदुओं को निशाना बनाया गया है। इंटेलिजेंस एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की घटनाएँ और बढ़ सकती हैं।

इंटेलिजेंस ब्यूरो का एक अधिकारी ने कहा कि सीमा पर हाई अलर्ट रहने की आवश्यकता है, क्योंकि आईएसआई यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर सकता है कि यह उन्माद भारत में भी फैल जाए।

Point of View

बांग्लादेश का आगामी चुनाव भारतीय हितों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। बीएनपी की बढ़ती लोकप्रियता और जमात का कमजोर होना, दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित कर सकता है। स्थिरता और शांति की चाहत रखने वाले बांग्लादेशी नागरिकों की आवाज़ सुननी चाहिए।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश में चुनाव कब हो रहे हैं?
बांग्लादेश में आम चुनाव 12 फरवरी 2026 को होने जा रहे हैं।
बीएनपी को कितने प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है?
बीएनपी को 70% लोगों का समर्थन मिला है।
जमात का समर्थन कितना है?
जमात को केवल 19% लोगों का समर्थन प्राप्त है।
तारिक रहमान की वापसी का क्या महत्व है?
तारिक रहमान की वापसी ने बीएनपी को मजबूती प्रदान की है और पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा है।
क्या भारत बांग्लादेश की राजनीति में शामिल है?
हाँ, भारत बीएनपी के समर्थकों से बातचीत कर रहा है और उम्मीद करता है कि बीएनपी सत्ता में आएगी।
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