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क्या ऊर्जा मंत्री ने वायरल ऑडियो के बाद बस्ती के अधीक्षण अभियंता को निलंबित किया?

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क्या ऊर्जा मंत्री ने वायरल ऑडियो के बाद बस्ती के अधीक्षण अभियंता को निलंबित किया?

सारांश

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने उपभोक्ता से अभद्र बातचीत के वायरल ऑडियो के बाद बस्ती के अधीक्षण अभियंता को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के प्रति लापरवाह व्यवहार को रोकने के लिए की गई है। जानें पूरी कहानी में क्या हुआ?

मुख्य बातें

उपभोक्ता के प्रति सम्मान महत्वपूर्ण है।
सरकार की नीतियों की प्रभावशीलता पर ध्यान देना चाहिए।
दायित्वों का पालन सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है।
शिकायतों का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए।
संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का पालन आवश्यक है।

लखनऊ, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए उपभोक्ता से अभद्र बातचीत के ऑडियो का संज्ञान लेते हुए बस्ती जनपद के अधीक्षण अभियंता प्रशांत सिंह के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है।

मंत्री के निर्देश पर प्रशांत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कदम उपभोक्ताओं से अमर्यादित व्यवहार, शिकायतों के प्रति उदासीनता और विभागीय दायित्वों में लापरवाही बरतने के प्रथम दृष्टया प्रमाण मिलने पर उठाया गया।

ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शम्भु कुमार ने यह कार्रवाई करते हुए निलंबन अवधि में अधीक्षण अभियंता को वाराणसी स्थित निगम कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। वायरल ऑडियो में अधीक्षण अभियंता द्वारा मूड़घाट, बस्ती निवासी उपभोक्ता भरत पांडेय से की गई अशोभनीय बातचीत पर मंत्री ने सख्त रुख अपनाया।

ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार की ‘उपभोक्ता देवो भवः’ की नीति के अंतर्गत उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार, समस्याओं की अनदेखी और विद्युत आपूर्ति में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागीय कार्मिकों को चेताते हुए कहा कि लो वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग, अनावश्यक शटडाउन और बिजली कटौती जैसी समस्याएं अब कतई स्वीकार्य नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि बीते तीन वर्षों में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 26,000 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य कराए गए हैं। बावजूद इसके कुछ कर्मचारियों की संवेदनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये से विभाग और सरकार की छवि धूमिल होने लगी है। अब ऐसे तत्वों पर नकेल कसना आवश्यक हो गया है। मंत्री ने चेताया कि पॉवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष से लेकर ग्राउंड स्टाफ तक की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उपभोक्ताओं की समस्याओं के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना बताती है कि सरकारी कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। उपभोक्ताओं के प्रति दुर्व्यवहार को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जा सकता। यह कदम सरकार की गम्भीरता को दर्शाता है और यह सुनिश्चित करता है कि आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऊर्जा मंत्री ने क्यों कार्रवाई की?
ऊर्जा मंत्री ने वायरल ऑडियो में उपभोक्ता के साथ अभद्र बातचीत के चलते कार्रवाई की।
निलंबित अभियंता का नाम क्या है?
निलंबित अभियंता का नाम प्रशांत सिंह है।
क्या यह कार्रवाई स्थायी है?
अभी के लिए यह निलंबन है, आगे की कार्रवाई विभाग द्वारा तय की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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