त्रिपुरा में पारदर्शी भर्ती के तहत 20,248 सरकारी नौकरियों का हुआ वितरण

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त्रिपुरा में पारदर्शी भर्ती के तहत 20,248 सरकारी नौकरियों का हुआ वितरण

सारांश

त्रिपुरा की सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 20,248 सरकारी नौकरियों का वितरण किया है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने योग्य उम्मीदवारों को नौकरी देने का संकल्प लिया है।

Key Takeaways

  • पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से 20,248 सरकारी नौकरियां प्राप्त हुईं।
  • योग्य उम्मीदवारों को नौकरी देने का संकल्प।
  • त्रिपुरा में शांति और अच्छे माहौल का विकास।
  • फिशरी सेक्टर में आत्मनिर्भरता पर ध्यान।
  • सरकार की नई पहलों से मछली उत्पादन में वृद्धि।

अगरतला, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य सरकार पारदर्शी भर्ती को सुनिश्चित कर रही है और यह गारंटी दे रही है कि नौकरियां केवल काबिल और योग्य उम्मीदवारों को दी जाएंगी, जो कि राज्य का वादा है।

मुख्यमंत्री ने प्रज्ञा भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, त्रिपुरा फिशरीज सर्विस (टीएफएस) ग्रेड-I फिशरी ऑफिसर पद के लिए चयनित 52 उम्मीदवारों को अपॉइंटमेंट लेटर प्रदान किए। उन्होंने कहा कि जन कल्याण सभी सरकारी पहलों का मुख्य उद्देश्य है।

साहा ने कहा, "अब नौकरियों की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। केवल वही लोग नौकरी पा रहे हैं जो अपनी पढ़ाई और काबिलियत से अपनी काबिलियत साबित करते हैं। अब किसी भी प्रकार की सिफारिश की आवश्यकता नहीं है।"

उन्होंने पिछले समय की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि पहले आतंकवाद और खराब कनेक्टिविटी के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों में नौकरी देना मुश्किल था।

उन्होंने आगे कहा, "अब स्थिति काफी बेहतर हो गई है। राज्य में शांति और अच्छा माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व में, उत्तर-पूर्व राज्यों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है, और त्रिपुरा में कनेक्टिविटी में काफी सुधार हुआ है।"

नए अधिकारियों को सलाह देते हुए, साहा ने उनसे अपनी स्किल्स को लगातार अपग्रेड करने और लगन और दया से काम करने की अपील की।

उन्होंने कहा, "जिंदगी केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए भी होनी चाहिए। अधिकारियों को मदद की आवश्यकता रखने वाले लोगों के प्रति सहानुभूति दिखानी चाहिए। इस दृष्टिकोण से, एक नया त्रिपुरा बनाना संभव है।"

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी नौकरी के अलावा, राज्य सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक 20,248 लोगों को विभिन्न विभागों के विभिन्न पदों पर सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।

फिशरी सेक्टर पर जोर देते हुए, साहा ने कहा कि त्रिपुरा वर्तमान में मछली उत्पादन में उत्तर-पूर्व राज्यों में दूसरे स्थान पर है और उसे शीर्ष स्थान पर आने का लक्ष्य रखना चाहिए।

फिश फार्मिंग में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए, सरकार ने कई पहलों की शुरुआत की है, जिनमें बंद पड़े पानी के स्रोतों का पुनर्निर्माण, नए तालाबों की खुदाई और वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन को बढ़ावा देना शामिल है।

कार्यक्रम में फिशरी मंत्री सुधांशु दास और फिशरी विभाग की सचिव दीपा डी. नायर भी उपस्थित थीं।

Point of View

जो भविष्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक होगा।
NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

त्रिपुरा में कितनी सरकारी नौकरियां दी गई हैं?
त्रिपुरा में अब तक 20,248 सरकारी नौकरियों का वितरण किया गया है।
पारदर्शी भर्ती का क्या मतलब है?
पारदर्शी भर्ती का मतलब है कि नौकरी केवल योग्य और काबिल उम्मीदवारों को दी जाएगी, बिना किसी सिफारिश के।
मुख्यमंत्री ने किस कार्यक्रम में यह घोषणा की?
मुख्यमंत्री ने प्रज्ञा भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में यह घोषणा की।
फिशरी सेक्टर में त्रिपुरा का स्थान क्या है?
त्रिपुरा वर्तमान में मछली उत्पादन में उत्तर-पूर्व राज्यों में दूसरे स्थान पर है।
सरकार ने फिश फार्मिंग में आत्मनिर्भरता के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने कई पहल की हैं, जैसे बंद पड़े पानी के स्रोतों का पुनर्निर्माण और नए तालाबों की खुदाई।
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