नेपाल चुनाव में बालेन शाह का महत्वपूर्ण निर्णय, चीन की विवादास्पद परियोजना को हटाया

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नेपाल चुनाव में बालेन शाह का महत्वपूर्ण निर्णय, चीन की विवादास्पद परियोजना को हटाया

सारांश

नेपाल के पूर्व मेयर बालेन शाह ने अपने चुनावी घोषणा पत्र से चीन की विवादास्पद परियोजना को हटाकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह निर्णय नेपाल में आगामी संसदीय चुनावों में उनके राजनीतिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है।

Key Takeaways

  • बालेन शाह ने चुनावी घोषणा पत्र से चीन की परियोजना को हटाया।
  • यह परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा थी।
  • नेपाल में संसदीय चुनाव 5 मार्च को होने हैं।
  • बालेन शाह युवाओं के बीच लोकप्रिय नेता माने जा रहे हैं।
  • यह निर्णय नेपाल-भारत संबंधों पर असर डाल सकता है।

नई दिल्ली, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के गढ़ झापा-5 चुनाव क्षेत्र में उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। बालेन शाह ने नेपाल के अरबों रुपए की एक परियोजना को अपने घोषणा पत्र से हटा दिया है। यह प्रोजेक्ट चीन के महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का हिस्सा है।

नेपाल में संसदीय चुनाव 5 मार्च को एक अंतरिम सरकार के तहत होने जा रहे हैं। यह सरकार पिछले वर्ष सितंबर में हुए बड़े जेन-ज़ी भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के बाद ओली सरकार के इस्तीफे के बाद गठित की गई थी।

काठमांडू पोस्ट के अनुसार, बालेन के निर्णय के बाद झापा में दमक इंडस्ट्रियल पार्क, जिसका नाम बदलकर नेपाल-चीन फ्रेंडशिप इंडस्ट्रियल पार्क किया गया है, अब चर्चा का विषय बन गया है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, काठमांडू पोस्ट ने बताया कि यह परियोजना नेपाल-भारत सीमा के निकट, विशेष रूप से संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के पास स्थित होने के कारण नई दिल्ली के लिए चिंता का विषय रही है।

अधिकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि काठमांडू ने बीजिंग को सीमा के करीब इतना बड़ा प्रोजेक्ट बनाने की अनुमति क्यों दी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अब कई अन्य कारणों से भी संवेदनशील हो गया है।

35 वर्षीय इंजीनियर-रैपर से राजनेता बने बालेन शाह, जो राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) का प्रतिनिधित्व करते हैं, युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं और उन्हें नेपाल के भविष्य के प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है। वे पहले अंतरिम प्रधानमंत्री पद के लिए जेन-ज़ी की पसंद थे लेकिन उन्होंने स्वयं को अलग कर लिया था।

रिपोर्ट के अनुसार, "यह प्रोजेक्ट बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का हिस्सा है, जो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा शुरू किया गया एक बड़ा मल्टी-कॉन्टिनेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोग्राम है। फरवरी 2021 में नेपाल के पूर्व पीएम ओली ने (झापा) जिले की कमाल रूरल म्युनिसिपैलिटी में इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी।"

नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के अध्यक्ष के रूप में ओली के बीजिंग के साथ करीबी संबंध बताए जाते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, "जहां पूर्व प्रधानमंत्री ने पिछले हफ्ते अपने 41-पॉइंट वाले कमिटमेंट पेपर में इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण और पूरा होने की बात लिखी है, वहीं बालेन शाह ने सोमवार को जारी अपने मैनिफेस्टो से इस प्रोजेक्ट को हटा दिया है।"

रिपोर्ट में बालेन शाह के एक सहयोगी के हवाले से कहा गया, “हमें परियोजना और उससे जुड़े विवाद की जानकारी है, इसलिए हमने इसे घोषणापत्र से बाहर रखने का निर्णय लिया।”

पूर्व रिपोर्टों में बताया गया था कि नेपाली कांग्रेस और नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के बीच काठमांडू द्वारा ऋण लेने के मुद्दे पर मतभेद रहे हैं।

इन रिपोर्टों में बीआरआई की कई परियोजनाओं के कार्यान्वयन में उल्लेखनीय देरी का भी जिक्र किया गया है, जिनमें से कोई भी अब तक अंतिम रूप नहीं ले सकी है, जिससे इस पहल की प्रभावशीलता पर सवाल उठे हैं।

नेपाल के कुछ वर्गों में बीआरआई परियोजनाओं के वित्तीय प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की गई है, विशेष रूप से श्रीलंका की समान चीनी निवेश से जुड़ी वित्तीय कठिनाइयों के संदर्भ में।

पिछले वर्ष थिंक-टैंक सेंटर फॉर सोशल इनोवेशन एंड फॉरेन पॉलिसी (सीईएसआईएफ) द्वारा जारी एक दस्तावेज के अनुसार, चीन ने मूल रूप से मिश्रित वित्तपोषण मॉडल से लेकर वाणिज्यिक ऋण तक कई वित्तपोषण विकल्प प्रस्तावित किए थे। नेपाली कांग्रेस वाणिज्यिक ऋण लेने के खिलाफ थी, लेकिन अंतिम समझौते में “अनुदान वित्तपोषण मॉडल” के स्थान पर “सहायता वित्तपोषण मॉडल” शब्दावली अपनाई गई।

सीईएसआईएफ रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग द्वारा बड़े पैमाने पर कर छूट की मांग काठमांडू के लिए एक बड़ी बाधा थी, जिसका नेपाल के वित्त मंत्रालय ने विरोध किया था, क्योंकि यह केवल निर्माण चरण तक सीमित नहीं थी, बल्कि परियोजना पूर्ण होने के कई वर्षों बाद तक लागू रहने वाली थी।

हालांकि चीन की यह मांग विवाद का प्रमुख बिंदु बन गई, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री ओली की अध्यक्षता में नेपाल निवेश बोर्ड की बैठक में परियोजना को तेज करने का निर्णय लिया गया।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत ने इस परियोजना को रेड लाइन बताया था और नेपाली कांग्रेस तथा यूएमएल दोनों को आगे न बढ़ने की सलाह दी थी।

Point of View

लेकिन चीन और भारत के संबंधों पर इसका क्या असर होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
NationPress
27/02/2026

Frequently Asked Questions

बालेन शाह ने घोषणा पत्र से किस परियोजना को हटाया?
बालेन शाह ने अपने चुनावी घोषणा पत्र से चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा एक परियोजना को हटाया।
नेपाल में चुनाव कब हैं?
नेपाल में संसदीय चुनाव 5 मार्च को होने वाले हैं।
बालेन शाह कौन हैं?
बालेन शाह काठमांडू के पूर्व मेयर हैं और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इस परियोजना के हटाने का क्या कारण है?
बालेन शाह ने परियोजना और उससे जुड़े विवाद की जानकारी के कारण इसे अपने घोषणा पत्र से हटाया।
इस निर्णय का प्रभाव क्या हो सकता है?
यह निर्णय बालेन शाह की राजनीतिक छवि को प्रभावित कर सकता है और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता को बढ़ा सकता है।
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