सोनू निगम का हरियाणवी डेब्यू: 'चुन्नी' के साथ फरीदाबाद की यादों को दी आवाज़
सारांश
मुख्य बातें
मशहूर गायक सोनू निगम ने अपने पहले हरियाणवी ट्रैक 'चुन्नी' के ज़रिए एक नई संगीत यात्रा की शुरुआत की है — और इस गाने की जड़ें उनके बचपन की यादों में गहरी हैं। 7 अगस्त 2026 को रिलीज़ हुए इस रोमांटिक और ऊर्जावान गाने के बारे में निगम ने कहा कि हरियाणा उनके लिए महज़ एक राज्य नहीं, बल्कि एक भावनात्मक पड़ाव है।
फरीदाबाद से जुड़ी जड़ें
सोनू निगम का जन्म हरियाणा के फरीदाबाद में हुआ था। उन्होंने बताया, 'भगवान हमारे जन्म की जगह जो भी चुनते हैं, उसके पीछे खास वजह होती है। इसलिए मुझे हरियाणा के फरीदाबाद में जन्म लेने का सौभाग्य मिला। मेरी बहन भी वहीं पैदा हुई थी और मेरे पिता का पूरा बचपन फरीदाबाद में बीता — तो जाहिर है हरियाणा हमारे लिए एक बहुत ही खास जगह है।' यह ऐसे समय में आया है जब हरियाणवी संगीत राष्ट्रीय स्तर पर तेज़ी से अपनी पहचान बना रहा है।
'चुन्नी' की रचना-प्रक्रिया
गाने की भाषाई बारीकियों पर बात करते हुए निगम ने कहा, 'स्कूल के दिनों में मेरे बहुत सारे दोस्त हरियाणवी थे। हम हमेशा भाषा समझते थे, लेकिन ज़्यादा बोलते नहीं थे — लेकिन गाने के लिए हमें भाषा को सही तरीके से बोलना था।' इस चुनौती से पार पाने के लिए उन्होंने गाने के गीतकार और संगीतकार आमीन बरोडी से विस्तृत मार्गदर्शन लिया। निगम के अनुसार बरोडी को संगीत की गहरी समझ है और उनका सोचने का तरीका भी अनूठा है।
गाने में किसने दी आवाज़ और किसने किया अभिनय
'चुन्नी' में सोनू निगम के साथ लोकप्रिय हरियाणवी गायिका रेणुका पंवार ने भी अपनी आवाज़ दी है। गाने के बोल और संगीत आमीन बरोडी ने तैयार किए हैं, जबकि म्यूजिक वीडियो में चार्मी जावेरी नज़र आती हैं। यह ट्रैक सोनू निगम के करियर में हरियाणवी संगीत में पहला आधिकारिक कदम है।
हरियाणवी संगीत का बढ़ता दायरा
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में हरियाणवी संगीत ने यूट्यूब और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर करोड़ों श्रोताओं तक अपनी पहुँच बनाई है। सोनू निगम जैसे मुख्यधारा के कलाकार का इस विधा में प्रवेश इस क्षेत्रीय संगीत शैली की बढ़ती स्वीकार्यता को रेखांकित करता है। रेणुका पंवार पहले से ही हरियाणवी संगीत की स्थापित आवाज़ों में शुमार हैं, और उनके साथ यह जुगलबंदी इस गाने को दोनों दर्शक वर्गों तक पहुँचाने में सहायक मानी जा रही है।