सोनू निगम का पहला हिंदी-हरियाणवी गाना 'चुन्नी' रिलीज़, बोले- 'रोमांस और मस्ती का बेहतरीन मेल'
सारांश
मुख्य बातें
मशहूर गायक सोनू निगम ने 7 अगस्त 2026 को पहली बार हिंदी-हरियाणवी संगीत में कदम रखते हुए अपना नया गाना 'चुन्नी' रिलीज़ किया। तीन दशक से भी अधिक समय से हिंदी सिनेमा और पॉप संगीत में अपनी आवाज़ का जलवा बिखेरने वाले निगम के लिए यह एक नई विधा में पहला प्रयोग है। इस गाने में रोमांस, मस्ती और हरियाणवी लोक संस्कृति का आधुनिक संगीत के साथ अनूठा संगम है।
गाने की खासियत और संगीत का मेल
'चुन्नी' में सोनू निगम के साथ हरियाणवी गायिका रेणुका पंवार की आवाज़ भी शामिल है, जो मुख्यधारा और क्षेत्रीय संगीत के बीच एक सेतु का काम करती है। गाने में आधुनिक बीट्स के साथ हरियाणवी लोक धुनों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह युवा और पुराने — दोनों तरह के श्रोताओं को आकर्षित करने में सक्षम है।
इस गाने को सोनू निगम के अपने म्यूजिक लेबल 'आई बिलीव म्यूजिक' के तहत वार्नर म्यूजिक इंडिया और ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन के सहयोग से जारी किया गया है।
सोनू निगम ने क्या कहा
गाने को लेकर सोनू निगम ने कहा, 'संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि अलग-अलग संस्कृतियों और भावनाओं को जोड़ने का सबसे खूबसूरत ज़रिया भी है। 'चुन्नी' में मधुर धुन, रोमांटिक बोल और जोशीले संगीत का बेहतरीन मेल है। इस गाने की सबसे बड़ी खासियत इसकी एनर्जी है, जो सुनने वालों को अपने साथ जोड़ लेती है। मुझे इस गीत के बीट्स और इसकी चंचलता बेहद पसंद आई।'
उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में श्रोताओं को इस तरह के कई नए और दिलचस्प संगीत सुनने को मिलेंगे। कलाकारों को समय-समय पर प्रयोग करते रहना चाहिए — इससे संगीत की दुनिया समृद्ध होती है और नए श्रोताओं तक पहुँच बनाने का अवसर मिलता है।'
निर्माताओं की प्रतिक्रिया
डिजिटल मनोरंजन और प्रौद्योगिकी कंपनी जेटसिंथेसिस के चेयरमैन राजन नवानी ने कहा, ''चुन्नी' केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध क्षेत्रीय संगीत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है जिनसे क्षेत्रीय कलाकारों को देश ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल सके।'
ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजकुमार सिंह ने कहा, 'समय के साथ क्षेत्रीय संगीत की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है और अब लोग अपनी मातृभाषा और लोक संस्कृति से जुड़े गीतों को पहले से कहीं अधिक पसंद कर रहे हैं। 'चुन्नी' इसी सोच का विस्तार है।'
क्षेत्रीय संगीत को मिलेगा वैश्विक मंच
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में हरियाणवी संगीत की लोकप्रियता देश की सीमाओं से बाहर भी बढ़ी है। सोनू निगम जैसे मुख्यधारा के कलाकार का इस विधा में आना हरियाणवी संगीत को एक नई पहचान और व्यापक दर्शक वर्ग दिला सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब भोजपुरी, पंजाबी और राजस्थानी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं का संगीत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करोड़ों व्यूज़ बटोर रहा है। 'चुन्नी' की सफलता यह तय करेगी कि हरियाणवी संगीत वैश्विक मंच पर अपनी जगह बना पाता है या नहीं।