सोनू निगम का नया लक्ष्य: चीनी, जापानी और स्पेनिश में गूंजेगी आवाज़, बोले- 'नई भाषा सीखना मज़ेदार'
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड के दिग्गज गायक सोनू निगम ने अपनी संगीत यात्रा को एक नई दिशा देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वे आने वाले समय में चीनी, जापानी और स्पेनिश जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में गाने की कोशिश करना चाहते हैं। 25 अगस्त को एक खास बातचीत में उन्होंने यह खुलासा किया कि नई भाषाओं में गाना उनके लिए एक रोमांचक सीखने का अनुभव होगा।
अंतरराष्ट्रीय भाषाओं की ओर नया कदम
सोनू निगम ने कहा, 'मैं आने वाले समय में चीनी, जापानी और स्पेनिश जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में गाने की कोशिश करना चाहता हूं। मेरे लिए यह दूसरे देश की भाषा और संगीत को समझने का नया मौका होगा।' उन्होंने यह भी बताया कि वे पहले ही लैटिन, अंग्रेज़ी और डच भाषाओं में स्टेज पर प्रदर्शन कर चुके हैं, और अब वे अपनी इस भाषाई यात्रा को और आगे ले जाना चाहते हैं।
जिंगल्स से शुरू हुई बहुभाषी संगीत यात्रा
सोनू निगम ने बताया कि उनकी बहुभाषी गायकी की नींव बहुत कम उम्र में ही पड़ गई थी। उन्होंने कहा, 'मेरा संगीत का सफर बहुत छोटी उम्र में शुरू हो गया था। उस समय मैं मुंबई नहीं आया था और दिल्ली में रहकर जिंगल्स के लिए गाने रिकॉर्ड किया करता था। मैं एक दिन में करीब 16 से 17 जिंगल्स तक रिकॉर्ड कर लेता था।' उन्होंने कहा कि इन जिंगल्स ने उन्हें अलग-अलग आवाज़ों और अंदाज़ों में गाने का अमूल्य अनुभव दिया।
भारतीय भाषाओं में विस्तृत अनुभव
सोनू निगम ने बताया कि दिल्ली में अपने शुरुआती दिनों में वे कश्मीरी, हरियाणवी, राजस्थानी, मराठी, तमिल, तेलुगु, मणिपुरी और असमिया सहित कई भाषाओं में गाते थे। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें विभिन्न क्षेत्रों की बोलियों और संगीत शैलियों को गहराई से समझने में मदद की।
मुंबई आने के बाद उनके करियर ने नई ऊंचाइयाँ छुईं। उन्होंने ओड़िया, बंगाली, कन्नड़, तेलुगु, तमिल, राजस्थानी, गुजराती, मराठी, हरियाणवी, खासी, मणिपुरी, कोंकणी, गढ़वाली, कुमाऊंनी, कश्मीरी और डोगरी जैसी भाषाओं में गाने गाए। यह विविधता उनके लंबे और समृद्ध करियर की सबसे बड़ी पहचानों में से एक है।
नई भाषाएँ सीखना 'मज़ेदार' क्यों लगता है
सोनू निगम ने कहा, 'नई भाषा में गाना मेरे लिए मज़ेदार होगा क्योंकि इससे मुझे कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा। मैं आगे भी अलग-अलग भाषाओं में अपनी आवाज़ आज़माने के लिए तैयार हूं।' यह रवैया उन्हें उन गिने-चुने भारतीय गायकों में शामिल करता है जो भाषाई सीमाओं को पार कर वैश्विक संगीत मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय संगीत उद्योग वैश्विक स्तर पर तेज़ी से अपनी पहुँच बढ़ा रहा है।