11 अगस्त 2026
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सेंसेक्स 388 अंक टूटा, 78,154 पर बंद; कच्चे तेल की उछाल से FMCG-रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली

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सेंसेक्स 388 अंक टूटा, 78,154 पर बंद; कच्चे तेल की उछाल से FMCG-रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली

सारांश

कच्चे तेल की अचानक उछाल और होर्मुज स्ट्रेट की अनिश्चितता ने मंगलवार को भारतीय बाज़ार को झटका दिया — सेंसेक्स 388 अंक टूटा, FMCG और रियल्टी सबसे ज़्यादा पिटे। फार्मा और आईटी ने राहत दी, लेकिन महंगाई आँकड़ों से पहले निवेशक सतर्क बने रहे।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 11 अगस्त को 388.19 अंक (0.49%) गिरकर 78,154.25 पर बंद हुआ।
NSE निफ्टी 112.10 अंक (0.46%) की कमज़ोरी के साथ 24,471.70 पर बंद।
निफ्टी FMCG ( 1.17% ) और निफ्टी रियल्टी ( 0.99% ) दिन के शीर्ष घाटे वाले सूचकांक रहे।
निफ्टी फार्मा 1.02% और निफ्टी आईटी 0.61% की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद।
होर्मुज स्ट्रेट में व्यवधान और अमेरिका-ईरान वार्ता की चिंताओं ने कच्चे तेल के भाव को ऊपर धकेला।
विदेशी निवेश की मज़बूत आवक से गिरावट का जोखिम सीमित बना रहा।

BSE सेंसेक्स मंगलवार, 11 अगस्त को 388.19 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,154.25 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 112.10 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 24,471.70 पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल ने महंगाई की आशंकाओं को हवा दी, जिससे निवेशकों की धारणा सतर्क बनी रही।

मुख्य घटनाक्रम

बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में व्यवधान और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बढ़ती चिंताओं ने कच्चे तेल के भाव को ऊपर धकेला। इसके चलते ऊर्जा लागत के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों पर सर्वाधिक दबाव पड़ा। भारत और अमेरिका दोनों में महंगाई के अहम आँकड़े आने से पहले निवेशकों ने जोखिम से दूरी बनाए रखी।

गौरतलब है कि कंपनियों के तिमाही नतीजे अपेक्षाकृत अच्छे रहे, फिर भी वैश्विक ऊर्जा अनिश्चितता के सामने यह सकारात्मकता बाज़ार को थाम नहीं सकी। यह ऐसे समय में आया है जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की आवक लगातार बनी हुई है, जिसने गिरावट को सीमित रखने में मदद की।

सेक्टरवार प्रदर्शन

बिकवाली का दबाव सबसे अधिक निफ्टी FMCG (1.17 प्रतिशत) और निफ्टी रियल्टी (0.99 प्रतिशत) में रहा, जो दिन के शीर्ष घाटे वाले सूचकांक रहे। इसके अलावा निफ्टी मेटल 0.95 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 0.86 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 0.84 प्रतिशत, निफ्टी कंजम्पशन 0.63 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.56 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 0.55 प्रतिशत और निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।

दूसरी ओर, निफ्टी फार्मा 1.02 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 0.61 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर 0.32 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।

मिडकैप और स्मॉलकैप का हाल

लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 11.85 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली कमज़ोरी के साथ 63,843.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 43.20 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की तेज़ी के साथ 19,857.15 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के प्रमुख शेयर

सेंसेक्स पैक में इटरनल, इन्फोसिस, टाइटन, एचसीएल टेक और टीसीएस बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, इंडिगो, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, आईटीसी, एमएंडएम, टाटा स्टील, एचयूएल, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, SBI, ट्रेंट, HDFC बैंक, टेक महिंद्रा, NTPC, ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और BEL नुकसान में रहे।

आगे की दिशा

विश्लेषकों के अनुसार, जब तक कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती और भारत-अमेरिका के महंगाई आँकड़े स्पष्ट नहीं होते, तब तक बाज़ार में सतर्कता बनी रह सकती है। हालाँकि, विदेशी निवेश की मज़बूत आवक और कंपनियों की बेहतर आय से गिरावट का जोखिम सीमित रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संकेत देता है कि बाज़ार ऊर्जा लागत के दीर्घकालिक असर को लेकर सजग है। जब तक होर्मुज स्ट्रेट की अनिश्चितता और भारत-अमेरिका के महंगाई आँकड़े स्पष्ट नहीं होते, बाज़ार की यह सतर्कता बनी रह सकती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 अगस्त को सेंसेक्स कितना गिरा?
11 अगस्त को BSE सेंसेक्स 388.19 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,154.25 पर बंद हुआ। NSE निफ्टी भी 112.10 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 24,471.70 पर बंद रहा।
शेयर बाज़ार में गिरावट का मुख्य कारण क्या रहा?
कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल मुख्य कारण रहा, जिसने महंगाई की आशंकाओं को बढ़ावा दिया। होर्मुज स्ट्रेट में व्यवधान और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर चिंताओं ने बाज़ार की धारणा को सतर्क बनाए रखा।
आज कौन-से सेक्टर सबसे ज़्यादा गिरे?
निफ्टी FMCG 1.17 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 0.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ शीर्ष घाटे वाले सूचकांक रहे। निफ्टी मेटल, इन्फ्रा, कमोडिटीज, प्राइवेट बैंक और ऑटो भी लाल निशान में बंद हुए।
क्या कोई सेक्टर आज बढ़त में रहा?
हाँ, निफ्टी फार्मा 1.02 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी ऑयल एंड गैस ने भी मामूली बढ़त दर्ज की।
आगे बाज़ार की दिशा क्या रह सकती है?
विश्लेषकों के अनुसार, भारत और अमेरिका के महंगाई आँकड़े और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता बाज़ार की अगली दिशा तय करेगी। विदेशी निवेश की मज़बूत आवक और कंपनियों की बेहतर आय से बड़ी गिरावट का जोखिम सीमित माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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