सेंसेक्स 564 अंक उछला, 74,859 पर बंद; कच्चे तेल में गिरावट से फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स सोमवार, 21 सितंबर 2026 को 564.03 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,858.99 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 67.90 अंक चढ़कर 23,414.30 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तीव्र गिरावट, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में नरमी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक रुझान ने भारतीय शेयर बाजार को हरे निशान में रखा।
बाजार का प्रदर्शन
सेंसेक्स ने 74,535.18 पर कारोबार की शुरुआत की और दिन के दौरान एक समय 74,987.40 के उच्चतम स्तर को छुआ — जो पिछले बंद 74,294.96 से 692.43 अंक यानी 0.93 प्रतिशत की उछाल थी। निफ्टी50 ने 23,330.20 पर थोड़ी कमजोरी के साथ शुरुआत की, लेकिन दिन में 23,466.80 का उच्चतम स्तर दर्ज किया।
व्यापक बाजार में मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। निफ्टी मिडकैप में 0.29 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.07 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई, जो दर्शाती है कि तेजी मुख्यतः बड़ी कंपनियों तक सीमित रही।
सेक्टरवार प्रदर्शन
सत्र में निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शीर्ष लाभ कमाने वाले सेक्टर रहे। दूसरी तरफ, निफ्टी मेटल, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी ऑटो दबाव में रहे।
निफ्टी50 में शीर्ष लाभ कमाने वाली कंपनियों में इटरनल, एचसीएल टेक, आईटीसी, सन फार्मा, मैक्स हेल्थ, टाइटन, एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ शामिल रहीं। जबकि भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, पावरग्रिड, विप्रो, ग्रासिम, इंफोसिस और टाटा स्टील शीर्ष नुकसान उठाने वाली कंपनियों में रहीं।
कच्चे तेल और वैश्विक संकेतों का असर
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.5 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। सऊदी अरब से शिपमेंट में सुधार की उम्मीदों को इस गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है। ऊर्जा लागत में कमी का सीधा असर घरेलू बाजार के उत्साह पर दिखा।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता और संयुक्त राष्ट्र मंच पर अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक संकेतों ने वैश्विक जोखिम भावना को बेहतर किया है।
संस्थागत निवेशकों की गतिविधि
गौरतलब है कि लगातार सात सत्रों की बिकवाली के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को भारतीय शेयरों में शुद्ध खरीदारी करते हुए ₹599 करोड़ के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी सत्र के दौरान ₹1,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, महंगाई और ऊर्जा लागत को लेकर चिंताओं में कमी से विभिन्न सेक्टरों में रिकवरी हुई है और समग्र बाजार का माहौल बेहतर हुआ है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि सकारात्मक आय चक्र और बाजार के कुछ हिस्सों में आकर्षक वैल्यूएशन के कारण इक्विटी के लिए मध्यम अवधि का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, आने वाले समय में भू-राजनीतिक घटनाक्रम और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बाजार की दिशा पर असर डालती रहेगी।