सेंसेक्स 728 अंक उछला, लगातार दूसरे दिन हरे निशान में खुला बाज़ार; एफआईआई खरीदारी और कच्चे तेल में गिरावट से तेज़ी
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार के बाद मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भी तेज़ी के साथ खुला, इंट्रा-डे में 728.7 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,421.48 के उच्चतम स्तर को छूते हुए। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, कंपनियों के मज़बूत दूसरी तिमाही के नतीजे और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार खरीदारी ने बाज़ार को यह रफ़्तार दी।
प्रमुख सूचकांकों का हाल
BSE सेंसेक्स अपने पिछले बंद भाव 75,692.78 के मुकाबले 595.87 अंक (0.78 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 76,288.65 पर खुला। कारोबार के दौरान यह उछलकर 76,421.48 तक पहुँचा, जो दिन का उच्चतम स्तर रहा।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 अपने पिछले बंद भाव 23,440.80 से 141.45 अंक (0.60 प्रतिशत) ऊपर 23,582.25 पर खुला। इंट्रा-डे में इसने 198.4 अंक यानी 0.84 प्रतिशत की उछाल के साथ 23,639.20 का दिन का उच्च स्तर दर्ज किया।
सेक्टोरल प्रदर्शन
सेक्टर के लिहाज़ से वित्तीय सेवाएँ सबसे आगे रहीं — निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज़ एक्स-बैंक इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत चढ़ा। केमिकल, एफएमसीजी और मीडिया शेयरों में भी 0.77 प्रतिशत तक की मज़बूती आई। प्राइवेट बैंक, सीमेंट, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे।
दूसरी ओर, हेल्थकेयर और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में मुनाफावसूली देखी गई, जिससे इन सेक्टरों पर कुछ दबाव बना रहा।
एफआईआई और डीआईआई की गतिविधि
सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार दूसरे सत्र खरीदारी जारी रखते हुए ₹3,114 करोड़ की शुद्ध इक्विटी खरीद की। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार दूसरे दिन ₹392 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की।
यह ऐसे समय में आया है जब एफआईआई पिछले कई हफ्तों से निकासी कर रहे थे और उनकी वापसी बाज़ार के लिए एक सकारात्मक मोड़ मानी जा रही है।
तकनीकी संकेत और विशेषज्ञ राय
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी ने अपना 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) करीब 23,170 के स्तर पर पुनः हासिल कर लिया है। RSI बढ़कर 61.03 पर पहुँचा है, जो मज़बूत गति का संकेत देता है। पुट-कॉल रेशियो (PCR) 1.28 पर है, जो डेरिवेटिव बाज़ार में सकारात्मक रुझान दर्शाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,200-23,300 का दायरा निकटतम समर्थन (सपोर्ट) क्षेत्र है, जबकि 23,600-23,700 का स्तर तत्काल प्रतिरोध (रेज़िस्टेंस) के रूप में देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि हालिया तेज़ी का एक बड़ा कारण वैल्यू बायिंग और शॉर्ट कवरिंग है। बड़े लार्जकैप शेयरों में मंदड़ियों ने एफआईआई बिकवाली जारी रहने की उम्मीद पर शॉर्ट पोज़िशन बनाई थीं, लेकिन परिस्थितियाँ बदलने के साथ इन पोज़िशनों को कवर किया जा रहा है।
आगे क्या देखेगा बाज़ार
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड का $104 प्रति बैरल तक आना, बेहतर कॉर्पोरेट नतीजे और एफआईआई की खरीदारी मिलकर बाज़ार के लिए अनुकूल माहौल बना रही हैं। आने वाले दिनों में निवेशकों की नज़र अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों और उनके वैश्विक भू-राजनीतिक प्रभाव पर भी बनी रहेगी, क्योंकि इनका असर वैश्विक वित्तीय बाज़ारों और निवेश प्रवाह पर पड़ सकता है।