मुजफ्फरपुर PNG पाइपलाइन विस्फोट: तेजस्वी यादव का आरोप — 'CM सम्राट चौधरी को घटना की जानकारी तक नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुजफ्फरपुर के गोबरसही इलाके में पीएनजी पाइपलाइन विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत पर मंगलवार, 3 नवंबर को गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस दुर्घटना की जानकारी तक नहीं है, यही कारण है कि उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति कोई संवेदना भी व्यक्त नहीं की।
घटना का पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सोमवार, 2 नवंबर को मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही इलाके में नाला निर्माण कार्य के दौरान पीएनजी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए। यह घटना उस वक्त और गंभीर हो गई जब राहत-बचाव के लिए जा रहा अग्निशमन वाहन यातायात में फंसा रहा।
तेजस्वी के प्रमुख आरोप
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि घटनास्थल के निकट सड़क पर BJP की एक सभा आयोजित की गई थी, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता, नेता और बिहार के पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के अनुसार सभा में उपस्थित लोगों को इस दुर्भाग्यपूर्ण विस्फोट की सूचना मिल गई थी, इसके बावजूद अग्निशमन वाहन को प्राथमिकता देकर तत्काल रास्ता नहीं दिया गया।
तेजस्वी ने इस चूक को 'अक्षम्य' करार देते हुए कहा कि ऐसी आपात स्थिति में अग्निशमन सेवा को तुरंत मार्ग देना अनिवार्य था। उनका कहना था कि BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मामले में अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई।
मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवाल
विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी तक नहीं है, इसीलिए उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने की भी जरूरत नहीं समझी। तेजस्वी ने कहा, 'राजनीति नागरिकों के लिए है, न कि नागरिक राजनीति के लिए।'
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर विपक्ष लगातार सत्तापक्ष पर दबाव बना रहा है। आलोचकों का कहना है कि राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण आपातकालीन सेवाओं में देरी एक गंभीर प्रशासनिक विफलता है।
आम जनता पर असर
इस विस्फोट की चपेट में आने से जहाँ एक परिवार ने अपना प्रिय खोया, वहीं घायल लोगों की संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी अधिकारियों के बयान के अनुसार अभी स्पष्ट नहीं है। नाला निर्माण जैसे नागरिक कार्यों के दौरान भूमिगत उपयोगिता पाइपलाइनों की सुरक्षा का मुद्दा इस घटना के बाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
क्या होगा आगे
तेजस्वी यादव के आरोपों के मद्देनज़र अब राज्य सरकार पर जवाब देने का दबाव बढ़ेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। विपक्ष इस मामले को बिहार विधानसभा में उठाने की तैयारी में है, जिससे राज्य में राजनीतिक तापमान और बढ़ने के आसार हैं।