भोजपुर फर्जी एनकाउंटर: तेजस्वी यादव ने CM सम्राट चौधरी से माँगी सार्वजनिक माफी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ को फर्जी करार देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सार्वजनिक माफी की माँग की है। शनिवार, 20 जून को पटना स्थित राजद प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायिक जाँच की घोषणा के बावजूद पीड़ित परिवार और ग्रामीणों पर प्राथमिकी दर्ज कराना सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मुख्य आरोप और माँगें
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में इससे पहले भी अनेक फर्जी एनकाउंटर हो चुके हैं और कुछ मामलों में जातीय आधार पर कार्रवाई किए जाने के आरोप लगे हैं। उन्होंने गायघाट और मधुबनी से जुड़े मामलों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि पीड़ितों को अब तक न्याय नहीं मिला है। उनके अनुसार, सरकार इन संवेदनशील मुद्दों को उठाकर टेंडर माफिया रिशु श्री प्रकरण से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था पर निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि रिशु श्री प्रकरण ₹20,000 से ₹25,000 करोड़ के कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है और इसमें प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की आशंका है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, आवास और फर्जी एनकाउंटर जैसे विषयों को उछालकर मूल प्रश्नों से जनता को दूर किया जा रहा है। तेजस्वी ने बिहार में बढ़ते अपराध, शराब माफियाओं की सक्रियता और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया, यह आरोप लगाते हुए कि अपराधियों को संरक्षण की संस्कृति पनप रही है।
कोचिंग घोटाले में CBI जाँच की माँग
तेजस्वी यादव ने कोचिंग संस्थानों से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में CBI जाँच की माँग दोहराई और कहा कि राज्य सरकार को निष्पक्ष जाँच के लिए केंद्र सरकार से अनुशंसा करनी चाहिए। उन्होंने नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उनके अनुसार, छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने के लिए पर्याप्त परिवहन सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं कराई जातीं।
जनता के बुनियादी मुद्दे
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य में गरीबों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई, बढ़ती महँगाई, पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की ऊँची कीमतों और महिलाओं से जुड़े अधूरे वादों को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने माँग की कि सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के हितों को प्राथमिकता दे और जनता के बुनियादी सवालों का जवाब दे। यह टिप्पणियाँ ऐसे समय में आई हैं जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की आहट के बीच विपक्ष सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है।