अमिताभ बच्चन को नींद न आने की परेशानी, जिम रूटीन भी हुआ बेपटरी — ब्लॉग में खुद बताया हाल
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने 3 नवंबर 2026 को अपने निजी ब्लॉग के ज़रिए अपनी सेहत, नींद और फिटनेस को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने लिखा कि इन दिनों उन्हें कभी-कभी नींद आने में परेशानी होती है और उनकी जिम की दिनचर्या भी बाधित हो गई है। मुंबई में रहने वाले इस 82 वर्षीय अभिनेता ने स्वीकार किया कि उम्र के साथ शरीर की अपनी सीमाएँ होती हैं, लेकिन वे हार मानने को तैयार नहीं हैं।
रात की नींद और ब्लॉग की बेचैनी
अमिताभ ने बताया कि पिछली रात ब्लॉग पूरा न लिख पाने की बात उनके मन में चलती रही, जिसके कारण वे सुबह जल्दी उठ गए। उन्होंने लिखा, 'आज थोड़ी जल्दी उठ गया, क्योंकि मन में यही चल रहा था कि कल रात ब्लॉग लिख लेना चाहिए था। अब उम्मीद है कि दोबारा नींद आ जाएगी, अगर नींद आई तो।'
इसके साथ ही उन्होंने ब्लॉग लिखते समय अक्षरों का फॉन्ट साइज़ बदलने में आ रही तकनीकी दिक्कत का भी ज़िक्र किया। उन्होंने पाठकों से मदद माँगते हुए कहा, 'अगर किसी को इसका तरीका पता है तो मुझे समझाएं। मैंने गूगल पर भी देखा, लेकिन वहाँ दिए गए निर्देश समझ नहीं आए।'
नींद लाने का 'माँ के गर्भ' वाला नुस्खा
अमिताभ ने बताया कि इंटरनेट पर नींद लाने के लिए दिए गए अनेक शारीरिक तरीके उन्होंने आज़माए, लेकिन कोई कारगर नहीं रहा। इसके बाद उन्होंने अपना एक अनोखा और दिल को छू लेने वाला नुस्खा साझा किया।
उन्होंने लिखा, 'इसलिए सबसे अच्छा है कि प्राकृतिक तरीके से सोने की कोशिश की जाए। कंबल में घुसकर उसी तरह सिमटकर सो जाओ, जैसे दुनिया में आने से पहले माँ के गर्भ में थे। और बस, नींद आ जाती है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि जम्हाई आना ऑक्सीजन की कमी का संकेत है, इसलिए वे आराम करने जा रहे हैं।
जिम रूटीन और 'बूढ़े इंसान' को हावी न होने देने की चुनौती
फिटनेस के मोर्चे पर अमिताभ ने माना कि उनकी जिम जाने की दिनचर्या इन दिनों बेपटरी हो गई है। उन्होंने कहा कि लगातार काम करने से शरीर और दिमाग दोनों थक जाते हैं, और ऐसे में खुद पर थोड़ा अधिक ध्यान देना ज़रूरी हो जाता है।
उन्होंने 'डोंट लेट द ओल्ड मैन इन' — यानी 'अपने अंदर के बूढ़े इंसान को हावी मत होने दो' — के मंत्र का उल्लेख करते हुए लिखा, 'मन कहता है कि हाँ, एक्सरसाइज करो, लेकिन शरीर कहता है — थोड़ा रुको दोस्त। यह कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल। फिर भी कोशिश करनी होगी और मैं करूंगा।'
उम्र और कार्यभार का असर
यह ऐसे समय में आया है जब अमिताभ कई फिल्म और टेलीविज़न परियोजनाओं पर एक साथ काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि वे दशकों से अपने कड़े फिटनेस शेड्यूल के लिए जाने जाते रहे हैं। उनका यह खुलापन दर्शाता है कि उम्र के साथ शरीर की ज़रूरतों को स्वीकार करना कितना ज़रूरी है — और यह संदेश उनके करोड़ों प्रशंसकों के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है।
अमिताभ का यह ब्लॉग उनके लेखन की उस शृंखला का हिस्सा है जिसमें वे अपने जीवन के निजी पहलुओं को बेबाकी से बाँटते हैं। उनकी यह ईमानदारी ही उन्हें पीढ़ियों से जोड़े रखती है।