3 नवंबर 2026
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सीएम योगी का दीपोत्सव संदेश: जाति नहीं सहभागिता है पहचान, 1.89 करोड़ परिवारों को गैस सब्सिडी

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सीएम योगी का दीपोत्सव संदेश: जाति नहीं सहभागिता है पहचान, 1.89 करोड़ परिवारों को गैस सब्सिडी

सारांश

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को जाति से ऊपर उठकर सहभागिता की पहचान बताया और दीपावली पर उत्तर प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को ₹1,500 करोड़ की गैस सिलेंडर सब्सिडी देने की घोषणा की — ताकि कोई भी परिवार फिर से धुएं वाले चूल्हे पर लौटने को मजबूर न हो।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 3 नवंबर 2026 को एक्स पोस्ट के ज़रिए अयोध्या दीपोत्सव को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।
दीपोत्सव में धर्माचार्य, विद्यार्थी, स्वच्छताकर्मी, कुम्हार और व्यापारी सभी समान रूप से सहभागी होते हैं — पहचान जाति से नहीं, सहभागिता से।
₹1,500 करोड़ की धनराशि से 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को दीपावली पर रसोई गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी वितरित की जाएगी।
योगी ने 2017 से पहले की सरकारों पर जातीय विभाजन को राजनीति का आधार बनाने और सांस्कृतिक विरासत की उपेक्षा का आरोप लगाया।
सरकार की प्रतिबद्धता — आर्थिक अभाव के कारण कोई गरीब परिवार धुएं वाले चूल्हे पर लौटने को विवश न हो।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 नवंबर 2026 को अयोध्या दीपोत्सव को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक बताते हुए कहा कि जाति की जड़ता समाज को विभाजित करती है, जबकि साझी आस्था और संस्कृति उसे एकसूत्र में बाँधती हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए यह भी घोषणा की कि दीपावली के अवसर पर प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को ₹1,500 करोड़ की धनराशि से रसोई गैस सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी वितरित की जाएगी।

दीपोत्सव: समरसता का सामाजिक संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम नगरी अयोध्या का दीपोत्सव अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस उत्सव में धर्माचार्य, विद्यार्थी, स्वच्छताकर्मी, कुम्हार और व्यापारी — सभी समान उत्साह और श्रद्धा के साथ सहभागी होते हैं।

योगी ने कहा, 'यहाँ पहचान जाति से नहीं, सहभागिता से होती है। दीप अलग-अलग हाथों में जलते हैं, लेकिन उनका प्रकाश पूरे समाज को एक करता है। यही दीपोत्सव का संदेश है।' यह उद्घोषणा उन्होंने ऐसे समय में की है जब उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता के मुद्दे पर राजनीतिक विमर्श तेज़ है।

पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जातीय विभाजन को राजनीति का आधार बनाने वाली सरकारों ने इस सांस्कृतिक शक्ति की पूर्णतः उपेक्षा की। उनके अनुसार, 'डबल इंजन सरकार' ने 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत कर इस सोच को बदला और राम नगरी की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन के उत्सव में परिवर्तित किया।

उन्होंने परिवारवाद की राजनीति पर भी प्रहार किया और कहा कि जब शासन की प्राथमिकता अपना परिवार हो, तो गरीब परिवारों की पीड़ा नीतियों से ओझल हो जाती है। उनके अनुसार पूर्ववर्ती सरकार के दौर में उत्तर प्रदेश में लाखों माताएं और बहनें धुएं से भरी रसोई में जीवन बिताने को विवश थीं।

गरीब परिवारों को गैस सब्सिडी: सरकार की प्रतिबद्धता

योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में ₹1,500 करोड़ की धनराशि से प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को रसोई गैस सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी का वितरण किया जाएगा। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की भावना के अनुरूप बताया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी गरीब परिवार फिर से धुएं वाले चूल्हे पर लौटने को विवश न हो — यह सरकार की प्रतिबद्धता है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना केंद्र सरकार की उस पहल का हिस्सा है जिसके तहत गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था।

मातृशक्ति और वंचित वर्ग पर फोकस

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार ने परिवारवाद के स्थान पर लोक-कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने मातृशक्ति को स्वास्थ्य, सुविधा और सम्मान का संबल देने की बात दोहराई और कहा कि 'हर घर में दीपावली की खुशियाँ और हर रसोई में सुविधा का प्रकाश बना रहे।'

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच कल्याणकारी योजनाओं की घोषणाएँ जन-समर्थन को साधने का माध्यम भी बन रही हैं। सब्सिडी वितरण का सीधा लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के निम्न-आय वर्ग को मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक साथ पढ़ना ज़रूरी है। सामाजिक समरसता का सांस्कृतिक आख्यान और ₹1,500 करोड़ की कल्याण-घोषणा एक ही दिन एक ही मंच से आना, चुनावी-पूर्व राजनीति की उस परिचित लय को दर्शाता है जहाँ भावनात्मक और आर्थिक दोनों तारों को एक साथ छेड़ा जाता है। असली सवाल यह है कि 1.89 करोड़ लाभार्थियों तक यह सब्सिडी वास्तव में पहुँची या नहीं — इसका सत्यापन-योग्य डेटा सार्वजनिक नहीं है। उज्ज्वला योजना के आँकड़े बताते हैं कि कनेक्शन मिलना और नियमित रूप से सिलेंडर रिफिल होना — दोनों अलग-अलग वास्तविकताएं हैं। बिना पारदर्शी क्रियान्वयन तंत्र के, यह घोषणा भी उन आश्वासनों की श्रृंखला में जुड़ सकती है जो सुर्खियों में तो बड़ी होती हैं, ज़मीन पर पहुँचते-पहुँचते छोटी पड़ जाती हैं।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने दीपोत्सव को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दीपोत्सव को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ पहचान जाति से नहीं, सहभागिता से होती है और दीप अलग-अलग हाथों में जलकर पूरे समाज को एक करते हैं।
उत्तर प्रदेश में दीपावली पर गैस सब्सिडी किसे मिलेगी?
उत्तर प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को दीपावली पर रसोई गैस सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी दी जाएगी। इस वितरण के लिए लखनऊ में ₹1,500 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है।
अयोध्या दीपोत्सव की शुरुआत कब हुई?
सीएम योगी के अनुसार अयोध्या दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में डबल इंजन सरकार के आने के बाद हुई। इससे पहले की सरकारों पर उन्होंने इस सांस्कृतिक परंपरा की उपेक्षा का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और यह सब्सिडी किस तरह जुड़ी है?
मुख्यमंत्री ने गैस सब्सिडी वितरण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्ज्वला योजना की भावना से जोड़ा, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की रसोई तक स्वच्छ ईंधन पहुँचाना है। उनके अनुसार यह सब्सिडी सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक अभाव के कारण कोई परिवार फिर से धुएं वाले चूल्हे पर लौटने को विवश न हो।
योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों की क्या आलोचना की?
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले जातीय विभाजन को राजनीति का आधार बनाने वाली सरकारों ने दीपोत्सव जैसी सांस्कृतिक विरासत की पूर्णतः उपेक्षा की। उन्होंने परिवारवाद की राजनीति को कटघरे में रखते हुए कहा कि उस दौर में लाखों माताएं और बहनें धुएं से भरी रसोई में जीवन बिताने को विवश थीं।
राष्ट्र प्रेस
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