सेंसेक्स 395 अंक टूटा, लगातार छठी गिरावट; कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव से बाजार दबाव में
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को इंट्राडे कारोबार में 395.99 अंक यानी 0.53 प्रतिशत फिसलकर 73,210.76 के दिन के निचले स्तर पर पहुँच गया — यह लगातार छठा कारोबारी सत्र है जब बाजार में गिरावट दर्ज हुई। ब्रेंट क्रूड का $114 प्रति बैरल से ऊपर बने रहना और मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों की धारणा पर भारी पड़ रहा है।
बाजार का शुरुआती हाल
दिन की शुरुआत में सेंसेक्स 73,484.38 पर खुला — अपने पिछले बंद 73,606.75 से 122.37 अंक यानी 0.17 प्रतिशत नीचे। निफ्टी 50 भी 44.40 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,708.80 पर खुला, जबकि इसका पिछला बंद 22,753.20 था। इंट्राडे में निफ्टी 22,653.20 के निचले स्तर तक गिरा।
सेक्टरवार प्रदर्शन
निफ्टी आईटी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही, जबकि निफ्टी सीमेंट 0.98 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.53 प्रतिशत नीचे आए। दूसरी ओर, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.68 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.44 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में रहे।
व्यापक बाजारों ने मुख्य बेंचमार्कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.6 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.54 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई।
एफआईआई-डीआईआई का रुख और मुद्रा बाजार
सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुद्ध रूप से ₹1,462 करोड़ के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार 10वें सत्र में खरीदारी जारी रखते हुए ₹2,609 करोड़ के शेयर खरीदे — जो बाजार के लिए एक मजबूत आंतरिक सहारा बना हुआ है।
मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2 पैसे मजबूत होकर 95.17 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 95.19 पर बंद हुआ था।
वैश्विक संकेत और विशेषज्ञों की राय
वैश्विक मोर्चे पर एसएंडपी 500 0.7 प्रतिशत और नैस्डैक 0.82 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए, जबकि एशियाई बाजारों में मिला-जुला प्रदर्शन देखा गया। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 4.97 प्रतिशत के करीब बने रहना भी भारतीय बाजार पर दबाव बनाए हुए है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा माहौल में एफआईआई जोखिम लेने से परहेज करेंगे, हालाँकि दूसरी तिमाही के बेहतर कॉर्पोरेट नतीजे और घरेलू फंडों का निरंतर प्रवाह बाजार को सहारा देता रहेगा।
आगे क्या
विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी 50 के लिए 22,630 का स्तर अहम समर्थन है — इसके ऊपर बने रहने पर 23,000–23,500 तक तेजी संभव है, जबकि टूटने पर सूचकांक 22,250–22,000 तक लुढ़क सकता है। साप्ताहिक और मासिक डेरिवेटिव एक्सपायरी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक और जारी दूसरी तिमाही के नतीजों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।