सेंसेक्स 325 अंक लुढ़का, 76,909 पर बंद; फेड मिनट्स और क्रूड की चिंता से बाजार दबाव में
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स बुधवार, 19 अगस्त को 325.78 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,909.68 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 76.60 अंक या 0.32 प्रतिशत कमज़ोर होकर 24,078.30 पर आ गया। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की बैठक के मिनट्स जारी होने से पहले निवेशकों में सतर्कता और क्रूड ऑयल की ऊँची कीमतों ने बाज़ार की धारणा को कमज़ोर किया।
सेक्टोरल प्रदर्शन: किसने खींचा नीचे
बाज़ार में लगभग चौतरफा बिकवाली रही। निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे बड़ा लूज़र रहा, उसके बाद निफ्टी एनर्जी 1.18 प्रतिशत नीचे आया। निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसई, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी कमोडिटीज़, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी ऑटो, निफ्टी सर्विसेज़, निफ्टी फार्मा और निफ्टी कंजम्पशन — सभी लाल निशान में बंद हुए।
हालाँकि, निफ्टी आईटी और निफ्टी कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स हरे निशान में बंद रहे — कमज़ोर रुपये और वैल्यू बाइंग ने आईटी शेयरों को सहारा दिया।
मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में
लार्जकैप के साथ-साथ व्यापक बाज़ार में भी बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 130.65 अंक यानी 0.21 प्रतिशत गिरकर 63,408.75 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 101.70 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 19,707.15 पर रहा।
सेंसेक्स के गेनर्स और लूज़र्स
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, टाइटन, टीसीएस, इन्फोसिस और ट्रेंट बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, आईटीसी, एचयूएल, बीईएल, इंडिगो, एसबीआई, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक नुकसान में रहे।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार जानकारों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की बैठक के मिनट्स जारी होने से पहले निवेशकों में सतर्कता का माहौल रहा — आशंका है कि महँगाई के खिलाफ फेड सख्त रुख बनाए रख सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान सीज़फायर समाप्त होने के बाद कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला है, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें और बॉन्ड यील्ड ऊँचे बने हुए हैं।
गौरतलब है कि एशियाई बाज़ारों में भी कमज़ोरी रही, जिसका असर भारतीय इक्विटी पर पड़ा। हालाँकि, कमज़ोर रुपये के कारण निर्यात-उन्मुख आईटी कंपनियों के शेयरों में वैल्यू बाइंग देखी गई, जिसने उस सेक्टर को बाकी बाज़ार से अलग रखा।
आगे क्या होगा
फेड मिनट्स के जारी होने के बाद वैश्विक संकेत साफ होंगे, जो अगले कारोबारी सत्र में भारतीय बाज़ार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। क्रूड ऑयल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव निकट भविष्य में बाज़ार पर दबाव बनाए रख सकते हैं।