सेंसेक्स 78,079 पर बंद, 113 अंक की गिरावट; डिफेंस और रियल्टी में तेजी
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स गुरुवार, 13 अगस्त को 113.61 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 24,395.85 पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र में दोनों प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में घूमते रहे, जो बाज़ार की सतर्क मनोदशा को दर्शाता है।
सेक्टोरल प्रदर्शन: कौन चढ़ा, कौन फिसला
निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ सत्र का शीर्ष लाभार्थी रहा, जबकि निफ्टी रियल्टी 0.97 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी आईटी, निफ्टी कंजम्पशन, निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसई और निफ्टी ऑटो भी हरे निशान पर रहे।
दूसरी ओर, निफ्टी मेटल, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी पीएसयू बैंक लाल निशान पर बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप में उत्साह
बड़े सूचकांकों की तुलना में छोटे और मझोले शेयरों में अपेक्षाकृत बेहतर तेजी रही। निफ्टी मिडकैप 100 97.15 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 64,121.55 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 53.45 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,875 पर रहा।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का हाल
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, एनटीपीसी, बीईएल, एलएंडटी, एचयूएल, इटरनल, टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, एचसीएल टेक, आईटीसी, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा और एमएंडएम बढ़त के साथ बंद हुए।
वहीं आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी और एक्सिस बैंक गिरावट के साथ बंद हुए।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और भारत, दोनों देशों में महंगाई के आँकड़े उम्मीद से कम रहे, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इससे यह अटकलें भी मज़बूत हुईं कि अमेरिकी फेडरल रिज़र्व और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) निकट भविष्य में अपनी मौद्रिक नीति में संयम बरत सकते हैं।
हालाँकि, कच्चे तेल की ऊँची कीमतें और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अनिश्चितता बाज़ार में जोखिम लेने के रुझान को पूरी तरह उभरने से रोक रही हैं। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि कंपनियों के मौजूदा तिमाही नतीजों ने भारत में माँग की स्थिति और कॉर्पोरेट मज़बूती पर भरोसा बढ़ाया है।
आगे क्या होगा
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार निकट भविष्य में बाज़ार की दिशा मुख्यतः ऊर्जा बाज़ारों में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक जोखिमों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के पूँजी प्रवाह की निरंतरता से तय होगी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।