15 सितंबर 2026
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सेंसेक्स 777 अंक टूटकर 74,003 पर बंद; डिफेंस-रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली

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सेंसेक्स 777 अंक टूटकर 74,003 पर बंद; डिफेंस-रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली

सारांश

मंगलवार को भारतीय बाजार व्यापक दबाव में रहे — सेंसेक्स 777 अंक टूटा और डिफेंस व रियल्टी इंडेक्स में 4-6% की भारी गिरावट आई। वैश्विक बॉन्ड यील्ड, महँगा कच्चा तेल और केंद्रीय बैंक बैठकों से पहले की बेचैनी ने मिडकैप-स्मॉलकैप तक को नहीं बख्शा।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 15 सितंबर 2026 को 777.94 अंक ( 1.04% ) गिरकर 74,003.82 पर बंद हुआ।
NSE निफ्टी 50 279.50 अंक ( 1.19% ) टूटकर 23,118.60 पर आया।
निफ्टी इंडिया डिफेंस 5.96% और निफ्टी रियल्टी 4.04% की गिरावट के साथ सबसे बड़े पीड़ित रहे।
निफ्टी मिडकैप 100 2.12% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 2.43% लुढ़के।
केवल निफ्टी IT 2.19% की बढ़त के साथ अपवाद रहा।
कच्चे तेल की ऊँची कीमतें, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और केंद्रीय बैंक बैठकों से पहले सतर्कता मुख्य कारण रहे।

BSE सेंसेक्स मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को 777.94 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,003.82 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत टूटकर 23,118.60 पर आ गया। कच्चे तेल की ऊँची कीमतों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उछाल और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की बैठकों से पहले निवेशकों की सतर्कता ने बाजार को दबाव में रखा।

किन सेक्टरों में सबसे अधिक नुकसान

निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 5.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ सत्र का सबसे बड़ा पीड़ित रहा। निफ्टी रियल्टी 4.04 प्रतिशत टूटा। इसके अलावा निफ्टी मेटल 2.54 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.41 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 2.40 प्रतिशत, निफ्टी PSE 2.29 प्रतिशत, निफ्टी PSU बैंक 2.29 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 2.17 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ बंद हुए।

उल्लेखनीय है कि गिरावट का दायरा व्यापक रहा — लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जमकर बिकवाली देखी गई।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर असर

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,318.95 अंक यानी 2.12 प्रतिशत लुढ़ककर 60,878.25 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 483.85 अंक या 2.43 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 19,422.45 पर आया। यह चौड़ी बाजार में व्यापक घबराहट का संकेत है, जो केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।

गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स पैक में HCL टेक, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, TCS, HDFC बैंक, HUL और टाटा स्टील बढ़त में रहे। दूसरी ओर, BEL, IndiGo, Titan, बजाज फिनसर्व, M&M, SBI, Trent, Asian Paints, बजाज फाइनेंस, Eternal, UltraTech Cement, Axis Bank, Kotak Mahindra Bank, Power Grid, ICICI Bank, L&T, Maruti Suzuki, NTPC और ITC लूजर्स की सूची में रहे। केवल निफ्टी IT इंडेक्स ही 2.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ अपवाद बना।

बाजार में गिरावट के कारण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सत्र के दौरान घरेलू बाजारों पर दोहरा दबाव रहा — एक तरफ कच्चे तेल की ऊँची कीमतें और दूसरी तरफ वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी। यह ऐसे समय में आया है जब प्रमुख केंद्रीय बैंकों की बैठकें इस सप्ताह होने वाली हैं और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मौद्रिक नीति को और सख्त किए जाने की आशंका बढ़ रही है।

विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका में लंबे समय तक ऊँची ब्याज दरों की चिंता ने ट्रेजरी यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा है, जिससे उभरते बाजारों — भारत सहित — में विदेशी निवेशकों की निकासी जारी है।

आगे क्या होगा

विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि केंद्रीय बैंकों की नीतिगत घोषणाओं तक सावधानी बरतें। गौरतलब है कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के इस दौर में IT सेक्टर का प्रदर्शन एकमात्र सकारात्मक संकेत रहा। आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के रुख और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा पर बाजार की नज़र टिकी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह सेक्टर हाल के वर्षों में घरेलू नीतिगत समर्थन के बल पर तेजी से बढ़ा था। IT का अकेले हरे निशान में रहना यह भी बताता है कि बाजार की धारणा अभी भी डॉलर-आय वाले सेक्टरों को सुरक्षित मान रही है, जो खुद फेडरल रिज़र्व के रुख पर निर्भर है — एक विरोधाभास जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 सितंबर 2026 को सेंसेक्स कितना गिरा?
सेंसेक्स मंगलवार को 777.94 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,003.82 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 भी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत टूटकर 23,118.60 पर आ गया।
आज शेयर बाज़ार में गिरावट क्यों आई?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की ऊँची कीमतें, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की आगामी बैठकों से पहले निवेशकों की सतर्कता मुख्य कारण रहे। अमेरिका में लंबे समय तक ऊँची ब्याज दरों की आशंका ने विदेशी निवेशकों की निकासी को भी तेज़ किया।
आज किस सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट आई?
निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 5.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे बड़ा पीड़ित रहा, इसके बाद निफ्टी रियल्टी 4.04 प्रतिशत टूटा। मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और PSU बैंक इंडेक्स में भी 2 प्रतिशत से अधिक की कमज़ोरी रही।
क्या कोई सेक्टर आज बढ़त में रहा?
हाँ, निफ्टी IT इंडेक्स 2.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ एकमात्र प्रमुख गेनर रहा। सेंसेक्स में HCL टेक, इन्फोसिस, TCS और टेक महिंद्रा जैसे IT शेयर भी बढ़त में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर क्या असर पड़ा?
गिरावट का असर व्यापक रहा — निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,318.95 अंक (2.12%) गिरकर 60,878.25 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 483.85 अंक (2.43%) की कमज़ोरी के साथ 19,422.45 पर बंद हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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