22 सितंबर 2026
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सेंसेक्स 330 अंक लुढ़का, निफ्टी 23,329 पर बंद; IT और वित्तीय शेयरों में बिकवाली से चार दिन की बढ़त टूटी

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सेंसेक्स 330 अंक लुढ़का, निफ्टी 23,329 पर बंद; IT और वित्तीय शेयरों में बिकवाली से चार दिन की बढ़त टूटी

सारांश

सोमवार की बढ़त के बाद मंगलवार को भारतीय बाजार फिर लाल — सेंसेक्स 330 अंक टूटा, निफ्टी की चार दिन की जीत-की-लकीर खत्म। ब्रेंट क्रूड का 100 डॉलर के करीब लौटना, कमजोर रुपया और विदेशी निकासी — तीन मोर्चों पर एक साथ दबाव।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 22 सितंबर 2026 को 329.91 अंक (0.44%) गिरकर 74,529.08 पर बंद हुआ।
निफ्टी50 85.30 अंक (0.36%) फिसलकर 23,329.00 पर आया; चार दिन की लगातार बढ़त का सिलसिला टूटा।
निफ्टी मिडकैप 0.08% और निफ्टी स्मॉलकैप 0.23% की गिरावट के साथ बंद।
कोल इंडिया 3.2% की तेजी के साथ निफ्टी का शीर्ष गेनर; टाटा कंज्यूमर , बजाज फाइनेंस और TCS शीर्ष लूजर्स में।
ब्रेंट क्रूड फिर 99-100 डॉलर/बैरल के करीब; रुपया 95.8/डॉलर पर कमजोर।
विशेषज्ञों ने निफ्टी के 23,300–23,350 जोन पर नजर रखने और लिक्विडिटी बनाए रखने की सलाह दी।

BSE सेंसेक्स मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को 329.91 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,529.08 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत फिसलकर 23,329.00 पर आ गया। सोमवार की बढ़त के बाद मंगलवार को बाजार फिर लाल निशान में लौट आया और इस तरह निफ्टी50 की चार दिन की लगातार बढ़त का सिलसिला टूट गया

मुख्य घटनाक्रम

कारोबारी सत्र के दौरान आईटी और वित्तीय शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया, जो बाजार की गिरावट का प्रमुख कारण रहा। व्यापक बाजारों में भी कमजोरी रही — निफ्टी मिडकैप 0.08 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी सीमेंट, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा सबसे ज्यादा दबाव में रहे। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मेटल में तेजी दर्ज की गई।

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी50 में सबसे अधिक कोल इंडिया के शेयरों में 3.2 प्रतिशत की तेजी रही। इसके साथ इटरनल, इंडिगो, टाइटन और डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज शीर्ष लाभ उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।

वहीं टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, नेस्ले इंडिया, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, ग्रासिम, ट्रेंट, आयशर मोटर्स और टीसीएस सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में रहे।

बाजार पर दबाव के कारण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद फिर से 99-100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की निकासी और भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है, जिससे महंगाई और आयात लागत को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

विशेषज्ञों ने बताया कि रुपया 95.8 रुपए प्रति डॉलर के आसपास कमजोर बना हुआ है। वैश्विक ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच सोने और चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजारों में भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि निफ्टी के 23,300–23,350 के महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र में बने रहने को देखते हुए, निवेशकों को शॉर्ट-टर्म रैली के पीछे भागने से बचना चाहिए।

विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेश को चरणबद्ध तरीके से विभाजित करें, मजबूत आय संभावना वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करें, पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें और बाजार में किसी भी बड़ी गिरावट का लाभ उठाने के लिए पर्याप्त नकदी (लिक्विडिटी) सुरक्षित रखें।

आगे क्या

आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक निफ्टी 23,300 के स्तर से ऊपर टिका रहता है, मध्यम अवधि की दिशा स्थिर मानी जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तीन साथ आती समस्याओं का प्रतिबिंब है — ब्रेंट क्रूड का 100 डॉलर के दरवाजे पर दस्तक, रुपया 95.8 पर लड़खड़ाता, और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी। गौरतलब है कि निफ्टी का 23,300 का स्तर अब तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण समर्थन बन गया है — इसके टूटने पर बाजार में व्यापक बिकवाली का जोखिम बढ़ सकता है। आईटी क्षेत्र पर दबाव विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है, क्योंकि यह वैश्विक मंदी की आशंकाओं और डॉलर की चाल दोनों से एक साथ प्रभावित होता है। बाजार के लिए असली परीक्षा आने वाले सत्रों में वैश्विक ब्याज दर संकेतों और Q2 कॉर्पोरेट नतीजों के साथ होगी।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 सितंबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक गिरे?
22 सितंबर 2026 को BSE सेंसेक्स 329.91 अंक (0.44%) गिरकर 74,529.08 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 85.30 अंक (0.36%) फिसलकर 23,329.00 पर आया। यह गिरावट निफ्टी की चार दिन की लगातार बढ़त के बाद आई।
आज बाजार में गिरावट क्यों आई?
आईटी और वित्तीय शेयरों में बिकवाली, ब्रेंट क्रूड का 99-100 डॉलर/बैरल के करीब लौटना, विदेशी निवेशकों की निकासी और भू-राजनीतिक अनिश्चितता मुख्य कारण रहे। इसके अलावा रुपया 95.8 प्रति डॉलर पर कमजोर बना रहा, जिससे आयात लागत और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ीं।
आज के कारोबार में कौन से शेयर सबसे ज्यादा चढ़े और गिरे?
कोल इंडिया 3.2% की तेजी के साथ शीर्ष गेनर रहा; इटरनल, इंडिगो, टाइटन और डॉ. रेड्डीज भी लाभ में रहे। नुकसान की ओर टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, नेस्ले इंडिया, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, ग्रासिम, ट्रेंट, आयशर मोटर्स और TCS सबसे अधिक प्रभावित रहे।
निफ्टी50 का अगला समर्थन स्तर क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 23,300–23,350 का क्षेत्र अभी महत्वपूर्ण समर्थन जोन है। जब तक निफ्टी इस स्तर के ऊपर बना रहता है, मध्यम अवधि की दिशा स्थिर मानी जा सकती है।
मौजूदा बाजार में निवेशकों को क्या करना चाहिए?
बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक शॉर्ट-टर्म रैली के पीछे न भागें और निवेश को चरणबद्ध रूप से विभाजित करें। मजबूत आय संभावना वाली कंपनियों पर ध्यान दें, पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें और बड़ी गिरावट का लाभ उठाने के लिए पर्याप्त नकदी रखें।
राष्ट्र प्रेस
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