सेंसेक्स 302 अंक फिसला, 74,012 पर बंद; आईटी में 2.6% की तेजी, ऑयल-फार्मा में दबाव
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार, 16 अक्टूबर को वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच 302.62 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,012.99 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 भी दिन के दौरान 22,913.80 के निम्नतम स्तर तक फिसला, जो 151.3 अंक यानी 0.65 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। पिछले दिन की शानदार तेजी के बाद यह पुलबैक वैश्विक अनिश्चितता और ऊँचे कच्चे तेल के भावों से प्रेरित रहा।
कारोबारी सत्र का घटनाक्रम
सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,315.61 से मामूली बढ़त के साथ 74,341.08 पर खुला और शुरू में 74,504.34 का दिन का उच्चतम स्तर भी छुआ। हालाँकि बाद के सत्र में बिकवाली का दबाव बढ़ा और बेंचमार्क दिन के निम्नतम 74,012.99 तक लुढ़क गया।
निफ्टी 50 भी अपने पिछले बंद 22,997.35 से 67.75 अंक ऊपर 23,065.10 पर खुलकर दिन के दौरान 22,913.80 तक गिरा। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.5 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार प्रदर्शन
निफ्टी आईटी इंडेक्स ने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए 2.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्रमुख आईटी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों और सकारात्मक प्रबंधन टिप्पणियों ने इस क्षेत्र को बल दिया। इसके बाद निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक में भी खरीदारी देखी गई।
दूसरी ओर, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी फार्मा सबसे अधिक दबाव में रहे। निफ्टी50 में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में एचडीएफसी लाइफ, बीएसई, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, श्रीराम फाइनेंस और रिलायंस शामिल रहे।
वैश्विक बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में शुक्रवार को अधिकतर में तेजी रही। जापान का निक्केई 225 1.38 प्रतिशत बढ़ा, टॉपिक्स में करीब 1.8 प्रतिशत की बढ़त रही, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.56 प्रतिशत उछला और ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 1.01 प्रतिशत चढ़ा।
वॉल स्ट्रीट पर गुरुवार को तीनों प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों में बढ़त रही। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 500 से अधिक अंक यानी करीब 1.1 प्रतिशत चढ़ा, एसएंडपी 500 करीब 0.3 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त रही। गौरतलब है कि एसएंडपी 500 और नैस्डैक ने लगातार तीन सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा, हालाँकि साप्ताहिक आधार पर दोनों में क्रमशः करीब 1 प्रतिशत और 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही।
ब्रेंट क्रूड शुक्रवार को $105 प्रति बैरल से ऊपर बना रहा और मध्य पूर्व में आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण साप्ताहिक बढ़त की ओर अग्रसर था।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह निफ्टी 50 में पिछले तीन कारोबारी सत्रों में 668 अंकों की बढ़त दर्ज हुई, जो वैश्विक बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह बेहतरी एआई शेयरों में कमजोरी, आगामी बजट में दीर्घकालिक पूँजीगत लाभ (एलटीसीजी) कर में संभावित बदलावों की उम्मीद और दूसरी तिमाही के अपेक्षा से बेहतर नतीजों के कारण रही।
विश्लेषकों ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड के घटकर 5.07 प्रतिशत पर आने और रुपये की सापेक्षिक मजबूती से विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली कुछ हद तक सीमित हो सकती है। हालाँकि जब तक 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5 प्रतिशत से ऊपर और ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल से अधिक रहेगा, एफआईआई बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।
तकनीकी नज़रिया और आगे की राह
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,200 से 23,600 का दायरा अहम बना हुआ है। 23,070 के नीचे बने रहने पर बाजार में मीन रिवर्जन यानी औसत स्तरों की ओर वापसी की संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि 22,780 के नीचे बड़ी गिरावट न आने तक निचले स्तरों पर खरीदारी का रुझान बना रह सकता है।
दूरसंचार, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और धातु क्षेत्र की कंपनियों — विशेषकर तांबा, एल्युमीनियम और जिंक — के दूसरी तिमाही के नतीजे भी मजबूत रहने की उम्मीद है, जो बाजार को बुनियादी समर्थन दे सकते हैं। आगामी सप्ताह में वैश्विक मैक्रो संकेत और एफआईआई की गतिविधि बाजार की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।