पीयूष गोयल ने नीदरलैंड्स में डच कंपनियों को दिया भारत में चिप निर्माण और निवेश का न्योता
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड्स में आयोजित एक प्रमुख बिजनेस राउंडटेबल के दौरान डच कंपनियों को भारत में निवेश, सह-विनिर्माण (को-मैन्युफैक्चरिंग) और नवाचार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को हुई इस बैठक में गोयल ने कहा कि भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, सुधारों की रफ़्तार और उभरता विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र डच कंपनियों के लिए असाधारण अवसर प्रदान करता है।
मुख्य घटनाक्रम
नीदरलैंड्स में आयोजित बिजनेस लीडर्स राउंडटेबल के दौरान पीयूष गोयल ने कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने भारत की विकास यात्रा, निवेश की संभावनाओं और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान गोयल ने नेक्सपेरिया के अंतरिम सीईओ स्टीफन टिल्गर से मुलाकात कर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, 'भारत की तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता और विस्तार करते तकनीकी इकोसिस्टम के कारण वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।'
आईकेईए और ग्रीन हाइड्रोजन पर चर्चा
केंद्रीय मंत्री ने इंग्का ग्रुप (आईकेईए) के सीईओ और अध्यक्ष जुवेंसियो माएज्तु से भी बैठक की। इसमें भारत के बढ़ते उपभोक्ता बाज़ार और देश की मजबूत विनिर्माण क्षमताओं पर विचार-विमर्श हुआ। गोयल ने सुझाया कि आईकेईए भारत को अपने वैश्विक सोर्सिंग नेटवर्क के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित कर सकता है, और दोनों पक्षों ने भारत में कंपनी की उपस्थिति एवं निवेश को विस्तार देने की संभावनाओं पर सहमति जताई।
इसके अलावा, गोयल ने पावर2एक्स के संस्थापक एवं सीईओ ओको रूएलोफसेन के साथ ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड्स सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास के साझा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया।
एएसएमएल से सेमीकंडक्टर साझेदारी पर ज़ोर
सेमीकंडक्टर उद्योग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक में पीयूष गोयल ने एएसएमएल के कार्यकारी उपाध्यक्ष और बोर्ड सदस्य वेन एलन से मुलाकात की। उन्होंने भारत में सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एएसएमएल की भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया।
गोयल ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए मजबूत नीतिगत समर्थन, बढ़ते निवेश और कुशल प्रतिभा का तेजी से विस्तार हो रहा है। उनके अनुसार, अत्याधुनिक चिप प्रौद्योगिकियों, नवाचार और कौशल विकास में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं, जो भारत को वैश्विक चिप वैल्यू चेन में और सुदृढ़ स्थान दिला सकती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है।
इंडिया-नीदरलैंड्स बिजनेस फोरम में संबोधन
पीयूष गोयल ने इंडिया-नीदरलैंड्स बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया, जहाँ नीदरलैंड्स के विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री स्जोर्ड स्जोर्ड्स्मा भी उपस्थित थे। इस मंच पर गोयल ने सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, समुद्री सहयोग, जल प्रबंधन और लचीले बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी की संभावनाओं को उजागर किया।
गोयल ने कहा कि भारत का विशाल बाज़ार, युवा प्रतिभा और तेज आर्थिक विस्तार तथा नीदरलैंड्स की तकनीकी विशेषज्ञता मिलकर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सक्षम हैं। गौरतलब है कि भारत-नीदरलैंड्स द्विपक्षीय व्यापार हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है, और यह दौरा उसे और गति देने की कोशिश है।
आगे की राह
डच निवेशकों और कंपनियों से भारत में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए पीयूष गोयल ने साझा विकास और समृद्धि के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, एएसएमएल और नेक्सपेरिया जैसी अग्रणी डच चिप कंपनियों की भारत में संभावित भागीदारी देश के सेमीकंडक्टर मिशन को एक निर्णायक मोड़ दे सकती है।