गैरसैंण में उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र आज से, ₹7,412 करोड़ का अनुपूरक बजट होगा पेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र 27 अक्टूबर 2026 को गैरसैंण में शुरू हो रहा है, जहाँ राज्य सरकार पहले ही दिन ₹7,412 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन के सामने रखेगी। इस सत्र में वित्तीय प्रस्तावों और विधायी कार्यों के अलावा जनहित के मुद्दों पर व्यापक बहस की उम्मीद है।
सत्र का मुख्य कार्यक्रम
अनुपूरक बजट के साथ-साथ सरकार इस सत्र में आठ विधेयक भी पेश करने जा रही है, जो वित्तीय और विधायी दोनों मोर्चों पर कार्यवाही को केंद्रित करेंगे। सदन पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित करेगा।
कुल 31 विधायकों ने इस सत्र के लिए 445 प्रश्न जमा किए हैं, जिनमें शासन, जन कल्याण, विकास और राज्य की वित्तीय प्राथमिकताओं से जुड़े विभिन्न मामले उठाए जाएँगे। इन प्रश्नों के माध्यम से विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं पर सरकार से सीधे जवाब माँगेंगे।
सत्र से पहले भाजपा और कांग्रेस की तैयारी
सत्र शुरू होने से पहले सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सत्र की रणनीति और संभावित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री और विधायक दोनों इस बैठक में शामिल रहे।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री धामी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: 'इस दौरान सदन की कार्यवाही, जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और राज्य के विकास तथा जन कल्याण से संबंधित विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।' दूसरी ओर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) ने भी अपनी आंतरिक बैठक में सत्र की रणनीति तय की।
गौरतलब है कि कांग्रेस बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी (कार्य सलाहकार समिति) की बैठक में शामिल नहीं हुई, जो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संभावित तनाव का संकेत है।
विपक्ष की रणनीति और विरोध की तैयारी
कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और स्थानीय चिंताओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बना रही है। विपक्ष विधानसभा परिसर के आसपास विरोध प्रदर्शन करने की भी तैयारी में है, ताकि इन मामलों में सरकार की कमियों को उजागर किया जा सके।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय रोजगार के मुद्दे पहले से जनचर्चा में हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तीखी बहस इस सत्र को उल्लेखनीय बना सकती है।
विधानसभा अध्यक्ष की अपील
विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे दो दिवसीय सत्र के सुचारू संचालन में सहयोग दें। उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है जब दोनों प्रमुख दलों के बीच कार्यसूची को लेकर खिंचाव स्पष्ट दिख रहा है।
सत्र के समापन पर वित्तीय प्रस्तावों पर मतदान और विधेयकों के पारित होने की स्थिति यह तय करेगी कि राज्य की बजटीय प्राथमिकताएँ किस दिशा में आगे बढ़ती हैं।