22 अक्टूबर 2026
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धामी कैबिनेट ने ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट समेत 26 प्रस्तावों को दी मंजूरी, गैरसैंण सत्र से पहले बड़े फैसले

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धामी कैबिनेट ने ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट समेत 26 प्रस्तावों को दी मंजूरी, गैरसैंण सत्र से पहले बड़े फैसले

सारांश

27 अक्टूबर के गैरसैंण विधानसभा सत्र से पहले धामी कैबिनेट ने ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी दी। SC/ST छात्रों की कोचिंग आय सीमा ₹2 लाख से ₹8 लाख, दिव्यांगों को 5 अंक छूट, UCC संशोधन और एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन समेत 26 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर 2026 को देहरादून में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें 26 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को स्वीकृति दी, जो गैरसैंण विधानसभा सत्र में 27 अक्टूबर से पेश किया जाएगा।
SC/ST छात्रों की निःशुल्क कोचिंग के लिए परिवार की आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख की गई।
दिव्यांगजनों को उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं में 5 अंकों की अतिरिक्त छूट मिलेगी।
समान नागरिक संहिता (UCC) में लिपिकीय सुधार और उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी।
निराश्रित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना और उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन के गठन को स्वीकृति।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 22 अक्टूबर 2026 को देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। यह बैठक 27 अक्टूबर से गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र से ठीक पहले दोपहर 3 बजकर 55 मिनट पर शुरू हुई। सबसे महत्त्वपूर्ण निर्णय ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को स्वीकृति देना रहा, जिसे आगामी मानसून सत्र में गैरसैंण विधानसभा में पेश किया जाएगा।

बैठक की मुख्य पृष्ठभूमि

कैबिनेट बैठक में मंत्री रेखा आर्य और राम सिंह कैड़ा अनुपस्थित रहे। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब उत्तराखंड सरकार 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के लिए अपने विधायी एजेंडे को अंतिम रूप दे रही है। गैरसैंण — जिसे राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा हासिल है — में होने वाले इस सत्र में अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।

शिक्षा और दिव्यांगजनों के लिए अहम फैसले

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान करने की पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख कर दी गई है। दिव्यांगजनों को उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं में 5 अंकों की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। ऊधमसिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को अपग्रेड कर हाईस्कूल का दर्जा देने का निर्णय भी लिया गया।

प्रशासनिक पुनर्गठन और नियामक सुधार

कैबिनेट ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के ढाँचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी। उरेडा (UREDA) के संगठनात्मक ढाँचे का भी पुनर्गठन किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह-घ कर्मचारियों के लिए नई सेवा नियमावली अधिसूचित की गई। इसके अलावा पुल और सड़क निर्माण कार्यों के लिए अलग-अलग स्वीकृति की बाध्यता समाप्त करते हुए एकल प्रशासनिक अनुमति की व्यवस्था लागू की जाएगी।

कानूनी और सामाजिक प्रस्तावों पर मुहर

स्टांप से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को स्वीकृति मिली। उत्तर प्रदेश पुनर्निर्माण अधिनियम 2000 में जनजातियों की सूची में दर्ज 'जन्नासारी' शब्द को सुधारकर 'जौनसारी' किया जाएगा। समान नागरिक संहिता (UCC) में मौजूद लिपिकीय त्रुटि को दूर करने हेतु संशोधन को भी मंजूरी दी गई। उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक 2026 को अधिनियमित करने की स्वीकृति भी मिली।

पर्यटन, खेल और महिला कल्याण की दिशा में कदम

साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई। हरिद्वार में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय के नाम से दो नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को हरी झंडी मिली। पीएम पोषण योजना के अंतर्गत अन्नामृत फाउंडेशन को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में सेंट्रल किचन निर्माण के लिए भूमि आवंटन को स्वीकृति दी गई। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार जीतने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी और हर जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक तैनात किए जाएंगे। निराश्रित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई। उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट 2019-22 को विधानसभा पटल पर रखने का निर्णय भी लिया गया। इन निर्णयों का क्रियान्वयन अब आगामी विधानसभा सत्र और उसके बाद विभागीय स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

412 करोड़ का अनुपूरक बजट अपने आप में एक बड़ा आँकड़ा है, लेकिन असली सवाल यह है कि इसे किन विभागों के लिए और किस उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया है — जिसका स्पष्ट ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। SC/ST छात्रों की कोचिंग आय सीमा का चार गुना विस्तार स्वागत योग्य है, पर इसका लाभ तब तक सीमित रहेगा जब तक राज्य में गुणवत्तापूर्ण कोचिंग संस्थाओं का विस्तार नहीं होता। UCC में 'लिपिकीय सुधार' की घोषणा मामूली लगती है, किंतु विवरण के अभाव में यह स्पष्ट नहीं कि संशोधन का दायरा कितना व्यापक है। कुल मिलाकर, 26 प्रस्तावों की यह सूची विधानसभा सत्र से पहले की प्रशासनिक तैयारी की झलक है — जिसका असली परीक्षण गैरसैंण में जनप्रतिनिधियों की जाँच-परख में होगा।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धामी कैबिनेट ने ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को कब और क्यों मंजूरी दी?
22 अक्टूबर 2026 को देहरादून में हुई कैबिनेट बैठक में इस अनुपूरक बजट को स्वीकृति दी गई, ताकि इसे 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले गैरसैंण विधानसभा सत्र में पेश किया जा सके। अनुपूरक बजट का उपयोग वार्षिक बजट में न शामिल अतिरिक्त व्यय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाता है।
उत्तराखंड में SC/ST छात्रों की निःशुल्क कोचिंग के लिए नई आय सीमा क्या है?
धामी कैबिनेट ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों को निःशुल्क कोचिंग की पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख कर दी है। इस बदलाव से उन परिवारों के अधिक छात्र लाभान्वित हो सकेंगे जो पहले इस सुविधा से वंचित थे।
उत्तराखंड में UCC संशोधन को मंजूरी क्यों दी गई?
कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रावधानों में मौजूद लिपिकीय त्रुटि को दूर करने के लिए संशोधन को स्वीकृति दी है। यह तकनीकी सुधार है, जिसका उद्देश्य दस्तावेज़ की भाषाई और प्रशासनिक स्पष्टता सुनिश्चित करना है।
उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड का गठन क्यों हो रहा है?
कैबिनेट ने राज्य में साहसिक पर्यटन को संगठित और प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी है। उत्तराखंड अपनी भौगोलिक विशेषताओं के कारण ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग और पर्वतारोहण जैसी गतिविधियों के लिए लोकप्रिय है, और यह नया निकाय इस क्षेत्र को नीतिगत समर्थन देगा।
मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना किनके लिए है?
यह योजना उत्तराखंड में निराश्रित महिलाओं के लिए है, जिन्हें सामाजिक और आर्थिक सहायता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। कैबिनेट ने 22 अक्टूबर 2026 की बैठक में इसे औपचारिक स्वीकृति दी है, हालाँकि लाभ राशि और पात्रता मानदंड का विस्तृत विवरण अभी जारी होना शेष है।
राष्ट्र प्रेस
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