धामी कैबिनेट ने ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट समेत 26 प्रस्तावों को दी मंजूरी, गैरसैंण सत्र से पहले बड़े फैसले
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 22 अक्टूबर 2026 को देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। यह बैठक 27 अक्टूबर से गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र से ठीक पहले दोपहर 3 बजकर 55 मिनट पर शुरू हुई। सबसे महत्त्वपूर्ण निर्णय ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को स्वीकृति देना रहा, जिसे आगामी मानसून सत्र में गैरसैंण विधानसभा में पेश किया जाएगा।
बैठक की मुख्य पृष्ठभूमि
कैबिनेट बैठक में मंत्री रेखा आर्य और राम सिंह कैड़ा अनुपस्थित रहे। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब उत्तराखंड सरकार 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के लिए अपने विधायी एजेंडे को अंतिम रूप दे रही है। गैरसैंण — जिसे राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा हासिल है — में होने वाले इस सत्र में अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
शिक्षा और दिव्यांगजनों के लिए अहम फैसले
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान करने की पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख कर दी गई है। दिव्यांगजनों को उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं में 5 अंकों की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। ऊधमसिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को अपग्रेड कर हाईस्कूल का दर्जा देने का निर्णय भी लिया गया।
प्रशासनिक पुनर्गठन और नियामक सुधार
कैबिनेट ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के ढाँचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी। उरेडा (UREDA) के संगठनात्मक ढाँचे का भी पुनर्गठन किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह-घ कर्मचारियों के लिए नई सेवा नियमावली अधिसूचित की गई। इसके अलावा पुल और सड़क निर्माण कार्यों के लिए अलग-अलग स्वीकृति की बाध्यता समाप्त करते हुए एकल प्रशासनिक अनुमति की व्यवस्था लागू की जाएगी।
कानूनी और सामाजिक प्रस्तावों पर मुहर
स्टांप से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को स्वीकृति मिली। उत्तर प्रदेश पुनर्निर्माण अधिनियम 2000 में जनजातियों की सूची में दर्ज 'जन्नासारी' शब्द को सुधारकर 'जौनसारी' किया जाएगा। समान नागरिक संहिता (UCC) में मौजूद लिपिकीय त्रुटि को दूर करने हेतु संशोधन को भी मंजूरी दी गई। उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक 2026 को अधिनियमित करने की स्वीकृति भी मिली।
पर्यटन, खेल और महिला कल्याण की दिशा में कदम
साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई। हरिद्वार में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय के नाम से दो नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को हरी झंडी मिली। पीएम पोषण योजना के अंतर्गत अन्नामृत फाउंडेशन को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में सेंट्रल किचन निर्माण के लिए भूमि आवंटन को स्वीकृति दी गई। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार जीतने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी और हर जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक तैनात किए जाएंगे। निराश्रित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई। उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट 2019-22 को विधानसभा पटल पर रखने का निर्णय भी लिया गया। इन निर्णयों का क्रियान्वयन अब आगामी विधानसभा सत्र और उसके बाद विभागीय स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा।