पिथौरागढ़ में CM धामी का ₹284 करोड़ की 67 परियोजनाओं का लोकार्पण, बोले — देवभूमि के स्वाभिमान पर एक इंच नहीं झुकेंगे
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 25 अक्टूबर 2026 को पिथौरागढ़ के रामलीला मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा में ₹284 करोड़ से अधिक की लागत वाली 67 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार देवभूमि के स्वाभिमान और प्रदेश के हित के किसी भी मुद्दे पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी।
मुख्य विकास घोषणाएँ
मुख्यमंत्री धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'आज पिथौरागढ़ जिले की विकास यात्रा में एक नया और सुनहरा अध्याय जुड़ रहा है।' उन्होंने बताया कि जिले में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों में ₹750 करोड़ से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण प्रगति पर है। इसके अलावा ₹34 करोड़ से स्पोर्ट्स कॉलेज के बहुउद्देशीय हॉल और ₹21 करोड़ से क्रिटिकल केयर सेंटर (CCC) का निर्माण भी कराया जा रहा है।
पुलिस भवन, फायर ब्रिगेड और रोडवेज वर्कशॉप के निर्माण के साथ-साथ एक भव्य स्टेडियम बनाने की भी घोषणा की गई। धामी ने कहा कि ये परियोजनाएँ पिथौरागढ़ के हर नागरिक के जीवन को 'सरल, सुलभ, समृद्ध और सुविधाजनक' बनाने में मील का पत्थर साबित होंगी।
पर्यटन में उछाल और PM मोदी की यात्रा का प्रभाव
धामी ने याद दिलाया कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में आदि कैलाश क्षेत्र और गुंजी का दौरा किया था और पिथौरागढ़ तथा जागेश्वर धाम में रुके थे, तब से इन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा, 'एक नया परिवर्तन पूरे क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।'
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड सरकार सीमावर्ती जिलों को पर्यटन के नक्शे पर स्थायी रूप से स्थापित करने की कोशिश कर रही है। पिथौरागढ़ स्वयं धामी की जन्मभूमि है — एक भावनात्मक तथ्य जिसका उल्लेख उन्होंने सभा में किया। उन्होंने कहा, 'यहां की मिट्टी ने मुझे बचपन से ही संघर्ष करना सिखाया।'
सरकार की नीतिगत उपलब्धियाँ और विवादास्पद फैसले
धामी ने गिनाया कि उनकी सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) का कानून लागू किया। इसके अलावा धर्मांतरण विरोधी कानून, लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसी गतिविधियों पर अंकुश, और मदरसा बोर्ड का विघटन जैसे कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से 'तुष्टीकरण की राजनीति' करने वालों को आपत्ति है, लेकिन सरकार किसी दबाव में नहीं झुकेगी।
उन्होंने कहा कि न भ्रष्टाचारियों को, न नकल माफियाओं को और न ही कानून तोड़ने वालों को बख्शा जाएगा। धामी के इस बयान को उनकी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस पर हमला
धामी ने विपक्षी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 'मंचों से खोखले नारे लगाने से कुछ नहीं होता।' उन्होंने आरोप लगाया कि जो दल 60 वर्षों तक देश पर शासन कर चुके हैं, वे अब हर अच्छे फैसले पर लगातार सवाल उठाते हैं। धामी के अनुसार, कांग्रेस 'देश के सुरक्षा प्रहरियों और राष्ट्रीय नायकों का बार-बार अपमान' करके अपनी राष्ट्रविरोधी मानसिकता उजागर कर रही है।
गौरतलब है कि धामी का यह भाषण आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और राज्य में BJP की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने की व्यापक रणनीति के तहत माना जा रहा है।
रोजगार और पलायन रोकने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को ऐसा राज्य बनाना है जहाँ युवाओं को अपना घर छोड़ने की नौबत न आए। लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं के उत्पादों की माँग देश और विदेश में बढ़ रही है। कृषि के ज़रिए गाँवों में आजीविका के नए अवसर तैयार करने की दिशा में भी काम हो रहा है।
आने वाले महीनों में पिथौरागढ़ में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे — और इनके परिणाम ही धामी के वादों की असली कसौटी होंगे।