12 अक्टूबर 2026
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हरिद्वार में उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: सीएम धामी ने किया ₹2,700 करोड़ की 315 सड़कों का ऐलान

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हरिद्वार में उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: सीएम धामी ने किया ₹2,700 करोड़ की 315 सड़कों का ऐलान

सारांश

उत्तराखंड की कैबिनेट इस बार हरिद्वार में बैठी — और सिर्फ़ प्रतीक के तौर पर नहीं। ₹2,700 करोड़ की 315 सड़कें और 32 पुल, 610 बस्तियों को जोड़ने का वादा — सीएम धामी का 'शासन जनता के द्वार' दृष्टिकोण इस बार ठोस घोषणाओं के साथ आया है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 12 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार में कैबिनेट बैठक का नेतृत्व किया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 315 सड़कों की मंजूरी अगले सप्ताह तक पूरी करने का भरोसा दिलाया।
परियोजना में 32 बड़े पुल भी शामिल; कुल लागत ₹2,700 करोड़ से अधिक ।
इन सड़कों से 610 बस्तियों को पहली बार सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी।
कैबिनेट बैठकें राज्य के विभिन्न जनपदों में आयोजित करना विकेंद्रीकृत शासन की नई नीति का हिस्सा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 12 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद बड़े विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट बैठकों को देहरादून से बाहर विभिन्न जनपदों में आयोजित करने का मकसद शासन को जनता के और करीब लाना है। इसी बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई मुलाकात में 315 सड़कों और 32 बड़े पुलों की मंजूरी की प्रक्रिया अगले सप्ताह तक पूरी होने का भरोसा दिलाया गया, जिसकी कुल लागत ₹2,700 करोड़ से अधिक है।

कैबिनेट बैठक का महत्व

मुख्यमंत्री धामी ने बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, 'देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक विकास में विशिष्ट स्थान रखने वाले हरिद्वार में आयोजित कैबिनेट बैठक प्रदेश की प्रगति यात्रा में महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श और जनहित से जुड़े निर्णयों की साक्षी बनी।' उन्होंने आगे कहा कि कैबिनेट बैठकों को विभिन्न जनपदों में ले जाने का उद्देश्य 'स्थानीय परिस्थितियों, जनअपेक्षाओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की प्राथमिकताओं को समझना' है।

गौरतलब है कि यह पहल विकेंद्रीकृत शासन की दिशा में एक सोचा-समझा कदम है, जो पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक विविधता को देखते हुए विशेष महत्व रखती है।

315 सड़कें और 32 पुल: कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत 315 सड़कों को मंजूरी देने की अंतिम प्रक्रिया अगले सप्ताह तक पूरी हो जाएगी। धामी ने कहा, 'हमने पहले सड़कों की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजे थे, क्योंकि इन इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत है।'

ये सड़कें सीधे तौर पर 610 बस्तियों को जोड़ेंगी — यानी वे क्षेत्र जहाँ अभी तक सड़क पहुँच नहीं है, वे इस परियोजना के बाद मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। इस प्रोजेक्ट में 32 बड़े पुल भी शामिल हैं और कुल लागत ₹2,700 करोड़ से अधिक बताई गई है।

उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियाँ और विकास की राह

उत्तराखंड की पहाड़ी भूगोल सड़क निर्माण को स्वाभाविक रूप से जटिल बनाती है। मुख्यमंत्री धामी ने स्वीकार किया कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियाँ बेहद चुनौतीपूर्ण हैं, और इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए परियोजनाओं की अंतिम मंजूरी प्रक्रिया अभी जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार दूरदराज के इलाकों में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने पर बल दे रही है।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और उनके उत्तराखंड दौरों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र की योजनाओं का लाभ राज्य को निरंतर मिल रहा है।

आम जनता पर असर

610 नई बस्तियों को सड़क संपर्क मिलने से इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा और बाजार तक पहुँच आसान होगी। विशेष रूप से सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में जहाँ आपातकालीन परिस्थितियों में कनेक्टिविटी जीवनरक्षक होती है, यह परियोजना दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने में सहायक हो सकती है।

आगे क्या होगा

अंतिम मंजूरी प्रक्रिया के अगले सप्ताह तक पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। राज्य सरकार PMGSY के साथ अन्य जनपदों में भी कैबिनेट बैठकों की योजना पर आगे बढ़ने के संकेत दे रही है, जिससे विकेंद्रीकृत शासन का यह प्रयोग और व्यापक रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली मापदंड यह होगा कि 315 सड़कों की मंजूरी के बाद निर्माण की गति और गुणवत्ता कैसी रहती है। उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में सड़क परियोजनाएँ अक्सर भूस्खलन और मौसमी बाधाओं के चलते लंबी खिंचती हैं। 610 बस्तियों तक कनेक्टिविटी का वादा बड़ा है, पर यह तभी सार्थक होगा जब समयसीमा और जवाबदेही का ढाँचा पारदर्शी हो — जिसका ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरिद्वार में उत्तराखंड कैबिनेट बैठक क्यों आयोजित की गई?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि कैबिनेट बैठकों को केवल देहरादून तक सीमित न रखकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आयोजित करना शासन को जनता के करीब लाने और स्थानीय आवश्यकताओं को समझने की नीति का हिस्सा है। 12 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार में यह बैठक इसी सोच के तहत आयोजित की गई।
उत्तराखंड में 315 सड़कों की मंजूरी कब तक मिलेगी?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री धामी को भरोसा दिलाया है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 315 सड़कों की मंजूरी की अंतिम प्रक्रिया अगले सप्ताह तक पूरी हो जाएगी।
इन सड़क परियोजनाओं से किन्हें फायदा होगा?
ये 315 सड़कें उत्तराखंड की 610 बस्तियों को सड़क संपर्क से जोड़ेंगी — विशेष रूप से उन दूरदराज के पहाड़ी इलाकों को, जहाँ अभी तक कनेक्टिविटी नहीं है। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार तक पहुँच में सुधार होगा।
इस परियोजना की कुल लागत कितनी है?
315 सड़कों और 32 बड़े पुलों वाली इस परियोजना की कुल लागत ₹2,700 करोड़ से अधिक बताई गई है। यह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वित्त पोषित है।
उत्तराखंड में विकेंद्रीकृत कैबिनेट बैठकों का क्या उद्देश्य है?
मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, इन बैठकों का उद्देश्य स्थानीय परिस्थितियों, जनअपेक्षाओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की प्राथमिकताएँ तय करना और शासन को जनसरोकारों के करीब लाना है।
राष्ट्र प्रेस
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