हरिद्वार में उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: सीएम धामी ने किया ₹2,700 करोड़ की 315 सड़कों का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 12 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद बड़े विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट बैठकों को देहरादून से बाहर विभिन्न जनपदों में आयोजित करने का मकसद शासन को जनता के और करीब लाना है। इसी बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई मुलाकात में 315 सड़कों और 32 बड़े पुलों की मंजूरी की प्रक्रिया अगले सप्ताह तक पूरी होने का भरोसा दिलाया गया, जिसकी कुल लागत ₹2,700 करोड़ से अधिक है।
कैबिनेट बैठक का महत्व
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, 'देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक विकास में विशिष्ट स्थान रखने वाले हरिद्वार में आयोजित कैबिनेट बैठक प्रदेश की प्रगति यात्रा में महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श और जनहित से जुड़े निर्णयों की साक्षी बनी।' उन्होंने आगे कहा कि कैबिनेट बैठकों को विभिन्न जनपदों में ले जाने का उद्देश्य 'स्थानीय परिस्थितियों, जनअपेक्षाओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की प्राथमिकताओं को समझना' है।
गौरतलब है कि यह पहल विकेंद्रीकृत शासन की दिशा में एक सोचा-समझा कदम है, जो पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक विविधता को देखते हुए विशेष महत्व रखती है।
315 सड़कें और 32 पुल: कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत 315 सड़कों को मंजूरी देने की अंतिम प्रक्रिया अगले सप्ताह तक पूरी हो जाएगी। धामी ने कहा, 'हमने पहले सड़कों की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजे थे, क्योंकि इन इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत है।'
ये सड़कें सीधे तौर पर 610 बस्तियों को जोड़ेंगी — यानी वे क्षेत्र जहाँ अभी तक सड़क पहुँच नहीं है, वे इस परियोजना के बाद मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। इस प्रोजेक्ट में 32 बड़े पुल भी शामिल हैं और कुल लागत ₹2,700 करोड़ से अधिक बताई गई है।
उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियाँ और विकास की राह
उत्तराखंड की पहाड़ी भूगोल सड़क निर्माण को स्वाभाविक रूप से जटिल बनाती है। मुख्यमंत्री धामी ने स्वीकार किया कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियाँ बेहद चुनौतीपूर्ण हैं, और इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए परियोजनाओं की अंतिम मंजूरी प्रक्रिया अभी जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार दूरदराज के इलाकों में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने पर बल दे रही है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और उनके उत्तराखंड दौरों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र की योजनाओं का लाभ राज्य को निरंतर मिल रहा है।
आम जनता पर असर
610 नई बस्तियों को सड़क संपर्क मिलने से इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा और बाजार तक पहुँच आसान होगी। विशेष रूप से सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में जहाँ आपातकालीन परिस्थितियों में कनेक्टिविटी जीवनरक्षक होती है, यह परियोजना दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने में सहायक हो सकती है।
आगे क्या होगा
अंतिम मंजूरी प्रक्रिया के अगले सप्ताह तक पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। राज्य सरकार PMGSY के साथ अन्य जनपदों में भी कैबिनेट बैठकों की योजना पर आगे बढ़ने के संकेत दे रही है, जिससे विकेंद्रीकृत शासन का यह प्रयोग और व्यापक रूप ले सकता है।