उत्तराखंड की 315 PMGSY सड़कों को मंज़ूरी के लिए CM धामी ने शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्राम्य विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट की और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत राज्य द्वारा भेजे गए 315 सड़क प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति दिलाने का अनुरोध किया। इन प्रस्तावों के मंज़ूर होने पर प्रदेश की 610 बसावटों को पक्की सड़क संपर्क सुविधा मिलेगी, जिससे दूरदराज़ के पहाड़ी गाँवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार की पहुँच आसान हो सकेगी।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री चौहान को विस्तार से अवगत कराया कि उत्तराखंड सरकार ने PMGSY के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के उद्देश्य से 315 सड़कों के प्रस्ताव केंद्र सरकार को पहले ही सौंप दिए हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पर्वतीय भूगोल और कठिन जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए उत्तराखंड में सड़क संपर्क ग्रामीण विकास की बुनियादी ज़रूरत है।
धामी ने बताया कि इन सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि सीमांत और दूरस्थ इलाक़ों में बसे लोगों को सरकारी सेवाओं तक पहुँचने में भी राहत मिलेगी। उन्होंने केंद्र से इन प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई का अनुरोध किया।
केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड द्वारा प्रस्तुत 315 सड़क प्रस्तावों को जल्द से जल्द स्वीकृत करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह आश्वासन राज्य के लिए महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि PMGSY की स्वीकृति के बाद ही भूमि-अधिग्रहण और निर्माण-कार्य की औपचारिक शुरुआत हो सकती है।
आम जनता पर असर
यदि ये 315 प्रस्ताव स्वीकृत होते हैं और निर्माण-कार्य पूरा होता है, तो 610 बसावटों के निवासियों को पहली बार पक्की सड़क मिलेगी। गौरतलब है कि उत्तराखंड के कई सुदूर गाँव अभी भी बरसात के मौसम में संपूर्ण संपर्क-कटौती झेलते हैं, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ तक पहुँचना जानलेवा हो जाता है।
मुख्यमंत्री धामी के अनुसार इन सड़कों के बनने से स्थानीय किसानों को बाज़ार तक पहुँच मिलेगी, छात्रों को स्कूल-कॉलेज जाना सुलभ होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिलेगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पर्यटन और कृषि-आधारित आजीविका को बढ़ावा देने की योजनाओं पर काम कर रही है।
PMGSY का संदर्भ
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना वर्ष 2000 में शुरू की गई थी और इसका उद्देश्य देश के हर पात्र गाँव को हर मौसम में चलने योग्य सड़क से जोड़ना है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में इस योजना को क्रियान्वित करना तकनीकी और भौगोलिक दृष्टि से अधिक चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए लागत और समय-सीमा दोनों सामान्यतः अधिक होते हैं। राज्य सरकार के आँकड़ों के अनुसार अभी भी सैकड़ों बसावटें सड़क संपर्क से वंचित हैं।
क्या होगा आगे
केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद अब निगाहें केंद्र सरकार की तकनीकी स्वीकृति और वित्तीय आवंटन की प्रक्रिया पर टिकी हैं। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी। प्रस्तावों की स्वीकृति के बाद निर्माण-कार्य की समयसीमा और प्राथमिकता-क्रम स्पष्ट होने की उम्मीद है।