उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी ने विकास कार्यों और घोषणाओं की समीक्षा की
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री धामी ने विकास कार्यों की समीक्षा की।
- अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
- विधायकों के साथ संवाद को महत्व दिया गया।
- श्रमिकों के कौशल विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता।
- नकल विरोधी कानून ने भर्ती में पारदर्शिता बढ़ाई है।
देहरादून, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में नैनीताल एवं ऊधमसिंहनगर जनपद के अंतर्गत आने वाली विधानसभाओं के विकास कार्यों, घोषणाओं एवं अन्य पहलुओं की समीक्षा बैठक की।
सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में विधायकों द्वारा क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जन समस्याओं के समाधान हेतु विधायकों के साथ निरंतर संवाद किया जाए। जिन योजनाओं में एक से अधिक विभागों की भागीदारी है, उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय स्थापित किया जाए।
अधिकारियों को आगामी वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए बरसात से पहले सभी आवश्यक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। गर्मियों में अनावश्यक बिजली कटौती न करने एवं पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, राम सिंह कैड़ा, बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, त्रिलोक सिंह चीमा, सीए शिव अरोरा व सरीता आर्य उपस्थित रहे।
इससे पहले, सीएम धामी ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि कैंप कार्यालय, देहरादून में उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा विकसित श्रमिक सेवा मोबाइल एप का उद्घाटन किया गया और 8005 श्रमिकों के खाते में 17 करोड़ रुपए से अधिक राशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण किया गया।
इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन, मिस्त्री, कारपेंटर जैसे तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाए। इसके साथ ही अधिकारियों को योगा एवं वेलनेस क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि उन्हें देश-विदेश में रोजगार से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि शासकीय आवास पर कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अंतर्गत मानचित्रक पद पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। सभी नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य हेतु अनंत शुभकामनाएं।
प्रदेश में लागू सख्त नकल विरोधी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हुई है। अब तक 30 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिल चुकी है, जिससे युवाओं का विश्वास और मनोबल दोनों मजबूत हुआ है।