उत्तराखंड: सीएम धामी ने गैरसैंण में ₹231.91 करोड़ की 12 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 28 अक्टूबर 2026 को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित विधानसभा भवन में ₹231.91 करोड़ की कुल 12 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें रामगंगा नदी बांध निर्माण परियोजना प्रमुख है, जो जनपद चमोली के गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने में सहायक होगी।
मुख्य परियोजनाएँ और उनका महत्व
इन 12 परियोजनाओं में रामगंगा नदी पर बाँध निर्माण सबसे महत्वाकांक्षी कदम है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इन परियोजनाओं से कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र और पूरे जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। इसके साथ ही गैरसैंण में ₹122 करोड़ की लागत से एक झील निर्माण को भी स्वीकृति मिल गई है, जिसका कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की उम्मीद है।
सीएम धामी के उद्बोधन की मुख्य बातें
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा, 'कर्णप्रयाग विधानसभा के ₹231 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। इन सभी योजनाओं से आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र और पूरे जिले को बहुत सुविधा होगी।' उन्होंने गैरसैंण झील परियोजना की स्वीकृति की भी पुष्टि की और क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
धामी ने यह भी रेखांकित किया कि 2022 से अब तक इस विधानसभा परिसर में सर्वाधिक सत्र आयोजित हुए हैं और एक ही वर्ष में दो बार सत्र संपन्न होना क्षेत्र के बढ़ते महत्व का प्रतीक है।
रामगंगा बांध परियोजना का असर
रामगंगा नदी बांध निर्माण परियोजना से गैरसैंण और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की दीर्घकालिक आवश्यकताएँ पूरी होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति वर्षों से एक गंभीर चुनौती रही है और यह परियोजना उस दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
गैरसैंण के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट में लिखा कि राज्य सरकार गैरसैंण एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, 'क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, जनसुविधाओं का सुदृढ़ीकरण और विकास परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हमारी प्राथमिकता है।' धामी ने यह भी बताया कि उनकी कोशिश है कि उत्तराखंड के हजारों गाँव विकसित हों।
आगे की राह
₹122 करोड़ की गैरसैंण झील परियोजना की स्वीकृति के साथ क्षेत्र में पर्यटन और पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी नई संभावनाएँ खुलेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इन परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन ही यह तय करेगा कि चमोली जनपद के निवासियों को वास्तविक लाभ कब तक मिल पाएगा।