CM धामी ने रुद्रप्रयाग बाईपास पुल-सुरंग का निरीक्षण किया, चमोली में भव्य स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 26 अक्टूबर 2026 को विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए भराड़ीसैंण (गैरसैंण) रवाना हुए और यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन नए पुल और सुरंग का स्थलीय निरीक्षण किया। चमोली जनपद में उनके आगमन पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।
मुख्य घटनाक्रम
चमोली पहुँचने पर विधायक अनिल नौटियाल, विधायक भूपाल राम टम्टा, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद गौचर, कर्णप्रयाग, खेती और आदिबद्री क्षेत्र में भी स्थानीय नागरिकों ने उन्हें गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री धामी ने आदिबद्री क्षेत्र में स्थानीय दुकानों पर रुककर वहाँ के नागरिकों और बच्चों से मुलाकात की तथा उनकी समस्याओं और सुझावों पर आत्मीय संवाद किया।
रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना का निरीक्षण
यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना के तहत निर्माणाधीन नए पुल और सुरंग का स्थलीय जायज़ा लिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि यह परियोजना पूर्ण होने पर श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान करेगी।
अधिकारियों के अनुसार, बाईपास पर ट्रायल के आधार पर वाहनों का आवागमन प्रारंभ हो चुका है और शीघ्र ही इसे आम जनता के लिए खोला जाएगा।
आम जनता पर असर
इस बाईपास परियोजना के पूर्ण होने से रुद्रप्रयाग शहर में यातायात का दबाव कम होगा और तीर्थयात्रियों को लंबे जाम से राहत मिलेगी। यह मार्ग आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में भी एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में काम आएगा — जो उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और आपदा-संवेदनशील राज्य में विशेष रूप से अहम है।
गौरतलब है कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं और यात्रा सीज़न में रुद्रप्रयाग का यातायात अत्यंत व्यस्त हो जाता है।
सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि जनता का प्रेम और विश्वास राज्य सरकार को विकास कार्यों को और अधिक गति देने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में सड़क संपर्क को सुदृढ़ बनाने, यात्रा को सुगम एवं सुरक्षित करने और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्यरत है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने को लेकर लगातार प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में विधानसभा सत्र में भराड़ीसैंण को लेकर नीतिगत चर्चाएँ भी अपेक्षित हैं।