विशेष अभियान 6: स्वास्थ्य मंत्रालय ने की 336 संस्थानों की समीक्षा, 27 अक्टूबर को कायाकल्प दिवस
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 26 अक्टूबर 2026 को चल रहे 'विशेष अभियान 6' की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। इस अभियान का मूल उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित कार्यों में कमी लाना और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में दृश्यमान सुधार सुनिश्चित करना है। मंत्रालय 27 अक्टूबर को स्वच्छता एवं साफ-सफाई पर केंद्रित एक दिवसीय 'कायाकल्प' गतिविधि का आयोजन करेगा।
समीक्षा बैठक का स्वरूप और भागीदारी
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्या सलिला श्रीवास्तव की अध्यक्षता में यह समीक्षा बैठक नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-1 से वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। देशभर के 336 केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रमुखों ने इसमें भाग लिया, जिनमें एम्स गुवाहाटी, एम्स ऋषिकेश, एम्स भुवनेश्वर, निमहंस बेंगलुरु, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग अस्पताल और रिम्स इंफाल जैसे प्रमुख संस्थान शामिल थे। बैठक में केंद्र सरकार के अस्पताल, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन अन्य कार्यालयों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य सचिव की मुख्य बातें
बैठक में स्वास्थ्य सचिव श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल प्रतीकात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में आगंतुकों का आवागमन अत्यधिक होता है, इसलिए वहाँ स्वच्छता और साफ-सफाई का उचित स्तर बनाए रखना प्रभावी सेवा वितरण के लिए अनिवार्य है। उन्होंने सभी संस्थानों को 27 अक्टूबर की कायाकल्प गतिविधियों में पूर्ण उत्साह से भाग लेने और किए गए सुधारों को सत्यापन-योग्य एवं दृश्यमान बनाने का निर्देश दिया।
अभियान की अब तक की उपलब्धियाँ
मंत्रालय के अनुसार, चिन्हित 100 प्रतिशत स्थलों की सफाई पूरी हो चुकी है और सार्वजनिक शिकायतों का लगभग 100 प्रतिशत समाधान किया जा चुका है। नीलामी और सफाई अभियानों के माध्यम से लगभग ₹50 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है। गौरतलब है कि यह अभियान 'रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल' के सिद्धांतों पर आधारित है, जिसके अंतर्गत कीट नियंत्रण, बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन, ई-कचरे का निपटान और सार्वजनिक स्थानों के बेहतर रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
संस्थानों के नवाचारी प्रयास
बैठक में कई संस्थानों ने अपने अभिनव प्रयासों की जानकारी साझा की। इनमें बेकार सामग्री से प्लांट स्टैंड और स्टोरेज रैक जैसी उपयोगी वस्तुएं बनाना, पुराने फर्नीचर की मरम्मत, मेडिकल रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, पौधरोपण के माध्यम से हरित क्षेत्र का विकास और गहन सफाई अभियान शामिल हैं। कुछ संस्थानों ने दीर्घकाल से संचित कबाड़ का अधिकृत ई-नीलामी प्लेटफॉर्म के जरिए निपटान किया, जिससे राजस्व प्राप्त हुआ और परिसर में अतिरिक्त स्थान भी उपलब्ध हुआ। कई संस्थानों ने शिकायत निवारण को तेज़ करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्यूआर कोड-आधारित फीडबैक सिस्टम भी लागू किए हैं।
आगे की राह
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि अभियान के प्रभाव का आकलन आगंतुकों और लाभार्थियों से प्राप्त प्रत्यक्ष फीडबैक के आधार पर भी किया जाना चाहिए। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब केंद्र सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई समानांतर पहल चला रही है। 27 अक्टूबर की कायाकल्प गतिविधि इस दिशा में एक अगली कड़ी होगी, जिसके परिणामों की निगरानी मंत्रालय स्तर पर की जाएगी।