26 अक्टूबर 2026
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ओम बिरला और यूएई के सक्र घोबाश की बैठक: BRICS संसदीय मंच पर डिजिटल गवर्नेंस, व्यापार सहयोग पर सहमति

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ओम बिरला और यूएई के सक्र घोबाश की बैठक: BRICS संसदीय मंच पर डिजिटल गवर्नेंस, व्यापार सहयोग पर सहमति

सारांश

12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के मंच पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और यूएई के फेडरल नेशनल काउंसिल अध्यक्ष सक्र घोबाश की मुलाकात महज औपचारिकता नहीं थी — दोनों देशों ने डिजिटल संसद, AI और व्यापार में ठोस सहयोग का रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई।

मुख्य बातें

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 26 अक्टूबर 2026 को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान यूएई की फेडरल नेशनल काउंसिल के अध्यक्ष सक्र घोबाश से मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने डिजिटल संसद , आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , संसदीय समितियों की कार्यप्रणाली और ऑनलाइन एश्योरेंस मॉनिटरिंग सिस्टम पर अनुभव साझा करने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में 'विकसित भारत' और 'वी द यूएई 2031' विज़न की साझा आकांक्षाओं पर चर्चा हुई।
भारत-यूएई संसदीय मैत्री समूह को दोनों देशों के सांसदों को जोड़ने का प्रमुख माध्यम बताया गया।
सांसद गुलाम अली ने 25 अक्टूबर को हवाई अड्डे पर घोबाश की आगवानी की थी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच 2026 के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की फेडरल नेशनल काउंसिल के अध्यक्ष सक्र घोबाश से द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने शिक्षा, युवा आदान-प्रदान, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच आपसी संपर्क को और प्रगाढ़ करने के तौर-तरीकों पर व्यापक विचार-विमर्श किया।

बैठक में उठे प्रमुख मुद्दे

बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने डिजिटल संसद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), संसदीय समितियों की कार्यप्रणाली और ऑनलाइन एश्योरेंस मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे क्षेत्रों में परस्पर अनुभव और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियाँ साझा करने की संभावनाओं पर गहन विचार किया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत और यूएई दोनों अपनी-अपनी डिजिटल शासन प्रणालियों को उन्नत बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

बिरला और घोबाश ने भारत-यूएई के बीच दीर्घकालिक मित्रवत संबंधों को और सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने माना कि नियमित संसदीय संवाद और सांसदों के प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान से द्विपक्षीय रिश्ते और मज़बूत होंगे।

'विकसित भारत' और 'वी द यूएई 2031' की साझा आकांक्षाएँ

बैठक में 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण और यूएई के 'वी द यूएई 2031' विज़न के बीच साझा आकांक्षाओं का विशेष रूप से उल्लेख हुआ। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, शिक्षा, युवा कार्यक्रमों और जन-संपर्क को बढ़ाने के नए अवसरों पर चर्चा की। ओम बिरला ने जोर देकर कहा कि भारत-यूएई संसदीय मैत्री समूह दोनों देशों के सांसदों को जोड़ने और आपसी समझ बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण सेतु है।

क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर विचार

दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए। उन्होंने शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद एवं कूटनीति की अहमियत को रेखांकित किया। ओम बिरला ने वैश्विक मंचों पर भारत को मिले यूएई के सहयोग की सराहना करते हुए दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

सोशल मीडिया पर बिरला का बयान

ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्हें 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान यूएई फेडरल नेशनल काउंसिल के अध्यक्ष सक्र घोबाश की मेजबानी करके प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने संसदीय सहयोग, नियमित बातचीत और प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान के ज़रिए ऐतिहासिक मित्रता को और मज़बूत बनाने पर सहमति जताई।

12वाँ ब्रिक्स संसदीय मंच: पृष्ठभूमि और महत्व

रविवार, 25 अक्टूबर को सक्र घोबाश मंच में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुँचे थे, जहाँ सांसद गुलाम अली ने हवाई अड्डे पर उनकी आगवानी की। सोमवार, 26 अक्टूबर से औपचारिक रूप से शुरू हुए इस मंच में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के संसदीय नेता हिस्सा ले रहे हैं। मंच का मुख्य उद्देश्य संसदीय सहयोग को सुदृढ़ करना और लोगों के हितों को केंद्र में रखकर वैश्विक विकास की गति तेज़ करना है। यह मंच ऐसे समय में महत्व रखता है जब भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत बहुपक्षीय कूटनीति को नई ऊँचाइयाँ देने का प्रयास हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यूएई एक ऐसा देश है जो ब्रिक्स का सदस्य भी है और भारत का प्रमुख आर्थिक भागीदार भी। 'विकसित भारत' और 'वी द यूएई 2031' के बीच समन्वय की बात अच्छी है, लेकिन संसदीय मंचों पर होने वाली इन घोषणाओं को ठोस नीतिगत परिणामों में बदलने का ट्रैक रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है। AI और डिजिटल गवर्नेंस में सहयोग की बात ताज़ा और प्रासंगिक है, परंतु इसे साकार करने के लिए महज संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान से आगे जाकर ठोस द्विपक्षीय तंत्र की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में ओम बिरला और सक्र घोबाश की बैठक किस बारे में थी?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और यूएई के फेडरल नेशनल काउंसिल अध्यक्ष सक्र घोबाश ने 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में शिक्षा, व्यापार, निवेश, युवा आदान-प्रदान, डिजिटल गवर्नेंस और AI सहयोग पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने संसदीय सहयोग और प्रतिनिधिमंडल आदान-प्रदान बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
12वाँ ब्रिक्स संसदीय मंच क्या है और इसमें कौन भाग ले रहा है?
12वाँ ब्रिक्स संसदीय मंच 26 अक्टूबर 2026 से नई दिल्ली में शुरू हुआ, जिसमें ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के संसदीय नेता शामिल हैं। इसका उद्देश्य संसदीय सहयोग को मज़बूत करना और जन-केंद्रित विकास को आगे बढ़ाना है।
भारत-यूएई संसदीय मैत्री समूह की क्या भूमिका है?
भारत-यूएई संसदीय मैत्री समूह दोनों देशों के सांसदों को आपस में जोड़ने और आपसी समझ बढ़ाने का एक प्रमुख माध्यम है। ओम बिरला ने इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को सुदृढ़ करने का अहम सेतु बताया।
भारत और यूएई ने डिजिटल गवर्नेंस में किन क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति जताई?
दोनों देशों ने डिजिटल संसद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, संसदीय समितियों की कार्यप्रणाली और ऑनलाइन एश्योरेंस मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे क्षेत्रों में परस्पर अनुभव और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियाँ साझा करने पर सहमति जताई।
सक्र घोबाश को नई दिल्ली में किसने रिसीव किया?
यूएई की फेडरल नेशनल काउंसिल के अध्यक्ष सक्र घोबाश 25 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ सांसद गुलाम अली ने हवाई अड्डे पर उनकी गर्मजोशी से आगवानी की।
राष्ट्र प्रेस
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