लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने यूएई राजदूत से मुलाकात की, संसदीय सहयोग और ब्रिक्स भागीदारी पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर भारत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत अब्दुल्ला सैफ अल नुऐमी से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
बैठक की मुख्य बातें
स्पीकर बिरला ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'नई दिल्ली में अपने आवास पर भारत में यूएई के राजदूत अब्दुल्ला सैफ अल नुऐमी का स्वागत करके खुशी हुई।' उन्होंने यह भी कहा कि यूएई, ब्रिक्स का एक अहम सदस्य है और भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान यूएई की सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक योगदान के प्रति उन्होंने गहरा आभार व्यक्त किया।
बिरला ने बताया कि दोनों पक्षों ने 'भारत-यूएई की बहुआयामी और लगातार बढ़ती साझेदारी' पर गर्मजोशी भरी चर्चा की, जो 'आपसी भरोसे, साझा हितों और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित है।'
भारतीय समुदाय — दोनों देशों का 'अमूल्य सेतु'
स्पीकर बिरला ने यूएई में रहने वाले 45 लाख भारतीयों के प्रवासी समुदाय को दोनों देशों के बीच एक 'अमूल्य सेतु' करार दिया। गौरतलब है कि भारतीय प्रवासी यूएई की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक व आर्थिक संबंधों को जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि 'आने वाले वर्षों में संसदीय जुड़ाव और व्यापक द्विपक्षीय सहयोग नए मुकाम हासिल करता रहेगा।'
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मोदी-खालिद मुलाकात
यह बैठक उस महत्वपूर्ण संदर्भ में हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात कर 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के महत्व को दोहराया। दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, तकनीक और इनोवेशन जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के ज़रिए वैश्विक कूटनीतिक मंचों पर सक्रिय उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
ओडिशा में ऐतिहासिक एल्युमीनियम निवेश
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा ओडिशा में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर के इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट में निवेश की घोषणा का संज्ञान लिया। यह भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड एल्युमीनियम निवेश बताया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस परियोजना से ओडिशा एक वैश्विक एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरेगा।
आगे की राह
संसदीय कूटनीति के स्तर पर यह बैठक दोनों देशों के बीच संस्थागत जुड़ाव को नई गहराई देने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। भारत-यूएई संबंध ऊर्जा, व्यापार, प्रवासी कल्याण और रक्षा सहयोग जैसे अनेक आयामों पर फैले हैं, और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से यह साझेदारी और व्यापक होती जा रही है।