16 सितंबर 2026
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने यूएई राजदूत से मुलाकात की, संसदीय सहयोग और ब्रिक्स भागीदारी पर चर्चा

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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने यूएई राजदूत से मुलाकात की, संसदीय सहयोग और ब्रिक्स भागीदारी पर चर्चा

सारांश

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और यूएई राजदूत की मुलाकात महज शिष्टाचार नहीं — यह संसदीय स्तर पर संस्थागत कूटनीति की नई परत है। ब्रिक्स में यूएई की सदस्यता और ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर के एल्युमीनियम निवेश के साथ, भारत-यूएई साझेदारी अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं रही।

मुख्य बातें

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में यूएई राजदूत अब्दुल्ला सैफ अल नुऐमी से मुलाकात की।
बैठक में भारत-यूएई संसदीय सहयोग को मज़बूत करने और ब्रिक्स में यूएई की भूमिका पर चर्चा हुई।
यूएई में रहने वाले 45 लाख भारतीयों को बिरला ने दोनों देशों का 'अमूल्य सेतु' बताया।
PM मोदी और अबू धाबी क्राउन प्रिंस शेख खालिद ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' दोहराई।
यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर का इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट स्थापित करेगी — यह भारत का सबसे बड़ा एकीकृत एल्युमीनियम निवेश है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर भारत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत अब्दुल्ला सैफ अल नुऐमी से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

बैठक की मुख्य बातें

स्पीकर बिरला ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'नई दिल्ली में अपने आवास पर भारत में यूएई के राजदूत अब्दुल्ला सैफ अल नुऐमी का स्वागत करके खुशी हुई।' उन्होंने यह भी कहा कि यूएई, ब्रिक्स का एक अहम सदस्य है और भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान यूएई की सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक योगदान के प्रति उन्होंने गहरा आभार व्यक्त किया।

बिरला ने बताया कि दोनों पक्षों ने 'भारत-यूएई की बहुआयामी और लगातार बढ़ती साझेदारी' पर गर्मजोशी भरी चर्चा की, जो 'आपसी भरोसे, साझा हितों और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित है।'

भारतीय समुदाय — दोनों देशों का 'अमूल्य सेतु'

स्पीकर बिरला ने यूएई में रहने वाले 45 लाख भारतीयों के प्रवासी समुदाय को दोनों देशों के बीच एक 'अमूल्य सेतु' करार दिया। गौरतलब है कि भारतीय प्रवासी यूएई की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक व आर्थिक संबंधों को जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि 'आने वाले वर्षों में संसदीय जुड़ाव और व्यापक द्विपक्षीय सहयोग नए मुकाम हासिल करता रहेगा।'

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मोदी-खालिद मुलाकात

यह बैठक उस महत्वपूर्ण संदर्भ में हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात कर 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के महत्व को दोहराया। दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, तकनीक और इनोवेशन जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के ज़रिए वैश्विक कूटनीतिक मंचों पर सक्रिय उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

ओडिशा में ऐतिहासिक एल्युमीनियम निवेश

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा ओडिशा में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर के इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट में निवेश की घोषणा का संज्ञान लिया। यह भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड एल्युमीनियम निवेश बताया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस परियोजना से ओडिशा एक वैश्विक एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरेगा।

आगे की राह

संसदीय कूटनीति के स्तर पर यह बैठक दोनों देशों के बीच संस्थागत जुड़ाव को नई गहराई देने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। भारत-यूएई संबंध ऊर्जा, व्यापार, प्रवासी कल्याण और रक्षा सहयोग जैसे अनेक आयामों पर फैले हैं, और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से यह साझेदारी और व्यापक होती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अक्सर राजनयिक सुर्खियों में पीछे रह जाता है। ब्रिक्स में यूएई की नई सदस्यता और भारत की मौजूदा अध्यक्षता का संयोग यह स्पष्ट करता है कि भारत इस साझेदारी को बहुपक्षीय मंचों पर भी संस्थागत रूप देने में जुटा है। ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर का एल्युमीनियम निवेश महत्वाकांक्षी है, लेकिन इस पर नज़र रखना होगी कि परियोजना समयसीमा में साकार होती है या नहीं — क्योंकि भारत में बड़े विदेशी निवेशों की घोषणाएँ और उनका वास्तविक क्रियान्वयन अक्सर अलग-अलग रफ्तार से चलते हैं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और यूएई राजदूत की मुलाकात में क्या हुआ?
15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में भारत-यूएई संसदीय सहयोग को मज़बूत करने, ब्रिक्स में यूएई की भागीदारी और दोनों देशों की बहुआयामी साझेदारी पर चर्चा हुई। बिरला ने यूएई में रहने वाले 45 लाख भारतीयों को दोनों देशों का 'अमूल्य सेतु' बताया।
ओडिशा में यूएई का 11.5 अरब डॉलर का एल्युमीनियम निवेश क्या है?
यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी ओडिशा में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर का इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट स्थापित करेगी, जिसे आधिकारिक रूप से भारत का सबसे बड़ा एकीकृत एल्युमीनियम निवेश बताया गया है। इससे ओडिशा के एक वैश्विक एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरने की उम्मीद जताई जा रही है।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत और यूएई के बीच क्या हुआ?
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने मुलाकात की और 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' को दोहराया। दोनों नेता रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, तकनीक और इनोवेशन में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए।
भारत-यूएई संसदीय सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
संसदीय सहयोग दोनों देशों के विधायी संस्थानों के बीच सीधा संवाद और समन्वय सुनिश्चित करता है, जो कार्यपालिका स्तर की कूटनीति को और गहराई देता है। यूएई के ब्रिक्स सदस्य बनने के बाद यह जुड़ाव और भी रणनीतिक महत्व रखता है।
यूएई में भारतीय प्रवासी समुदाय कितना बड़ा है?
यूएई में लगभग 45 लाख भारतीय रहते हैं, जो वहाँ के सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस समुदाय को भारत-यूएई संबंधों का 'अमूल्य सेतु' बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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