स्वास्थ्य विभाग का 'विशेष अभियान 6' शुरू: 2,017 स्थानों पर स्वच्छता, 70,032 फाइलों की समीक्षा का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (DoHFW) ने 2 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) से देशभर में 'विशेष अभियान 6' की शुरुआत की है, जो 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। यह अभियान केंद्र सरकार के अस्पतालों, स्वायत्त संस्थानों, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSUs) और अधीनस्थ कार्यालयों तक फैला है। इसका मुख्य लक्ष्य स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों को तेज़ी से निपटाना और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को मज़बूत बनाना है।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस राष्ट्रव्यापी अभियान की यह छठी कड़ी है। पिछले संस्करणों के अनुभव से सीखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग ने लक्ष्यों को अधिक स्पष्ट और संख्यात्मक रूप में परिभाषित किया है। गौरतलब है कि यह अभियान गांधी जयंती के अवसर पर आरंभ हुआ, जो स्वच्छता के प्रतीक के रूप में सांकेतिक महत्व रखता है।
अभियान के अंतर्गत स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, जन शिकायत निवारण और प्रक्रियाओं को सरल बनाने — चार प्रमुख क्षेत्रों पर एक साथ काम किया जाएगा।
स्वच्छता और निपटारे के लक्ष्य
स्वच्छता अभियान के तहत विभाग के विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों में 2,017 स्थानों की पहचान की गई है, जहाँ सफाई गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। इसके साथ ही ई-कचरे और अनुपयोगी सामग्री की पहचान कर उनका जिम्मेदारी से निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग के अनुसार, इससे न केवल कार्यालयों में खाली स्थान का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि राजस्व प्राप्ति की भी संभावना है।
जिन प्रमुख संस्थानों में स्वच्छता गतिविधियाँ शुरू हुई हैं, उनमें सहायक औषधि नियंत्रक (भारत) का कार्यालय, CDSCO — JNPT सी पोर्ट, पनवेल; केंद्रीय स्वास्थ्य शिक्षा ब्यूरो (CHEB), दिल्ली; पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज (IIPS), मुंबई शामिल हैं।
फाइल समीक्षा और जन शिकायत निवारण
अभियान के तहत 60,012 कागजी फाइलों और 10,020 ई-फाइलों की समीक्षा की जाएगी — कुल मिलाकर 70,032 फाइलें। इसका उद्देश्य अनावश्यक रिकॉर्ड को हटाकर दस्तावेज़ प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित करना है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी कार्यालयों में डिजिटल कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी जा रही है।
लंबित जन शिकायतों और उनसे जुड़ी अपीलों की भी पहचान की गई है, जिन्हें अभियान अवधि में प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। विभाग का कहना है कि इससे प्रशासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा।
नियमों और प्रक्रियाओं का सरलीकरण
विभाग ने 12 नियमों और प्रक्रियाओं को चिन्हित किया है जिन्हें अभियान के दौरान सरल बनाया जाएगा। इनका उद्देश्य प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना और सेवा वितरण को नागरिकों के लिए सहज बनाना है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमों का सरलीकरण लंबे समय में शिकायतों की संख्या को भी कम कर सकता है।
आगे की राह
अभियान 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा और इसके परिणामों की नियमित निगरानी DARPG करेगा। DoHFW ने अपने सभी कार्यालयों और संस्थानों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने, प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने और नागरिक-केंद्रित सेवाएँ सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। देखना यह होगा कि अभियान की समाप्ति के बाद ये बदलाव किस हद तक स्थायी रूप ले पाते हैं।