आयुष मंत्रालय के विशेष अभियान 6.0 में 309 शिकायतें निपटाईं, 220 स्वच्छता अभियान चलाए
सारांश
मुख्य बातें
आयुष मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत 2 अक्टूबर से 27 अक्टूबर 2026 के बीच 309 जन शिकायतों और 50 जन शिकायत अपीलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया है। इसी अवधि में मंत्रालय ने 220 स्वच्छता अभियान भी संचालित किए, जिनका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल की स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालय स्थान के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करना था।
मुख्य उपलब्धियाँ
अभियान के तहत मंत्रालय ने 1,525 पुरानी फाइलों की व्यापक समीक्षा कर उन्हें हटाया। अनुपयोगी कबाड़ और पुराने दस्तावेज़ों के निपटान के फलस्वरूप 1,030 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली कराया गया। इससे आगे काम के लिए संसाधनों की उपलब्धता बढ़ी है।
कबाड़ की बिक्री से मंत्रालय ने ₹1,89,298 रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह आँकड़ा प्रशासनिक अपशिष्ट को संपत्ति में बदलने के सरकारी प्रयासों की व्यावहारिक सफलता को दर्शाता है।
स्वच्छता ही सेवा अभियान की पृष्ठभूमि
विशेष अभियान 6.0 की नींव स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2026 पर आधारित है, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित किया गया था। इस दौरान 32 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (CTU) की पहचान की गई, जिनमें से 20 इकाइयों को पूरी तरह पुनर्स्थापित किया गया।
गौरतलब है कि यह अभियान केवल कार्यालयी स्वच्छता तक सीमित नहीं रहा — मंत्रालय के अधिकारियों, भागीदार संगठनों और स्थानीय समुदायों ने मिलकर जन जागरूकता गतिविधियाँ भी संचालित कीं।
सफाई कर्मचारियों का सम्मान और जन भागीदारी
अभियान में 131 सफाई कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जबकि 88 सफाई कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह पहल सफाई कर्मचारियों के कल्याण और सम्मान के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
इसके अतिरिक्त स्वच्छता से जुड़ी प्रतियोगिताओं और पर्यावरणीय पहलों पर केंद्रित जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्वच्छ भारत दिवस के समापन कार्यक्रम के अवसर पर 31 पेड़ लगाए गए, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति मंत्रालय के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
आगे की राह
आयुष मंत्रालय विशेष अभियान 6.0 को निरंतर जारी रखे हुए है। इसका फोकस लंबित शिकायतों का समयबद्ध निपटारा, व्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन, स्वच्छता और सरकारी संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर बना हुआ है। इन पहलों के माध्यम से मंत्रालय एक अधिक संगठित, नागरिक-केंद्रित और प्रशासनिक रूप से सक्षम कार्य वातावरण विकसित करने की दिशा में अग्रसर है।