रक्षा मंत्रालय स्वच्छता अभियान: सेना भवन में बेकार कमरा बना हिंदी पुस्तकालय, ₹50.60 लाख का राजस्व अर्जित
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्रालय के स्वच्छता अभियान के छठे चरण (विशेष अभियान 6.0) के तहत नई दिल्ली स्थित सेना भवन में वर्षों से अनुपयोगी पड़े एक कमरे को हिंदी पुस्तकालय में रूपांतरित कर दिया गया है। 22 अक्टूबर 2026 को रक्षा सचिव आरके सिंह ने इस पुस्तकालय का उद्घाटन किया, जो अब मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए खुला है।
अभियान का स्वरूप और उद्देश्य
रक्षा मंत्रालय में चल रहा विशेष अभियान 6.0 केवल सफाई तक सीमित नहीं है। रक्षा सचिव आरके सिंह के अनुसार, इस अभियान के अंतर्गत पुरानी फाइलों की छंटाई, अनुपयोगी सामान का निस्तारण, इलेक्ट्रॉनिक कचरे को हटाना और कार्यालयी स्थानों का पुनरुपयोग सुनिश्चित करना — ये सभी लक्ष्य एक साथ साधे जा रहे हैं। अभियान के पहले दो सप्ताहों में 2.46 लाख से अधिक फाइलों की समीक्षा की जा चुकी है।
इस अभियान का दायरा सेना भवन तक सीमित नहीं है। देशभर में 3,553 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया है और 158 नियमों की समीक्षा कर उन्हें सरल बनाया गया है।
राजस्व अर्जन और संसाधन प्रबंधन
अभियान का एक उल्लेखनीय पहलू आर्थिक भी रहा है। सेना भवन के स्तर पर कबाड़ बिक्री से अब तक करीब ₹4.5 लाख की राशि प्राप्त हुई है। वहीं रक्षा मंत्रालय के सैन्य कार्य विभाग में अनुपयोगी सामान के निपटान से कुल ₹50.60 लाख का राजस्व अर्जित किया गया है — जो यह दर्शाता है कि सुव्यवस्था केवल सौंदर्यात्मक नहीं, बल्कि वित्तीय दृष्टि से भी लाभकारी हो सकती है।
स्वच्छता वीरों का सम्मान
उद्घाटन समारोह के दौरान रक्षा सचिव आरके सिंह ने अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कर्मचारियों को 'स्वच्छता वीर' की उपाधि देकर सम्मानित किया। यह पहल कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को संस्थागत रूप देने का प्रयास है।
भविष्य की योजना
मंत्रालय की ओर से पौधारोपण अभियान भी समानांतर रूप से चलाया जा रहा है। इसके साथ ही देशभर की सैन्य छावनियों को भविष्य में शून्य-कचरा क्षेत्र अथवा शून्य-कचरा नगर निकाय बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार के कई मंत्रालय 'स्वच्छ भारत' की परिकल्पना को प्रशासनिक ढाँचे में भी उतारने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि सेना भवन में हिंदी पुस्तकालय का बनना इसी व्यापक पहल का एक ठोस और दृश्यमान परिणाम है।