स्वच्छता अभियान 6.0: ई-कचरा निपटान से ₹490 करोड़ का राजस्व, 31 अक्टूबर तक दोगुना होने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत ई-कचरे और अनुपयोगी सामान के निपटान से शुरुआती 16-17 दिनों में ही ₹490 करोड़ का राजस्व सरकारी खातों में दर्ज किया जा चुका है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में यह जानकारी देते हुए उम्मीद जताई कि 31 अक्टूबर तक यह राशि दोगुनी हो सकती है।
अभियान में क्या हुआ
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कर्तव्य भवन स्थित कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) मुख्यालय में आयोजित ई-कचरा निपटान गतिविधि में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में जिन वस्तुओं का निपटान किया गया, उनमें 152 डेस्कटॉप, 35 प्रिंटर, 8 स्कैनर, 3 फोटोकॉपी मशीनें, 59 UPS यूनिट, 52 एयर कंडीशनर, 4 टेलीविजन, 5 रेफ्रिजरेटर, 17 वॉटर डिस्पेंसर और 217 अन्य विविध वस्तुएँ शामिल थीं। इन सभी सामानों का आधार मूल्य ₹9 लाख आँका गया था।
अभियान की पृष्ठभूमि
स्वच्छता अभियान की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। यह प्रतिवर्ष महात्मा गांधी की जयंती (2 अक्टूबर) से शुरू होकर सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (31 अक्टूबर) तक चलता है। इस वर्ष का संस्करण — स्वच्छता अभियान 6.0 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाया जा रहा है। मंत्री सिंह ने स्पष्ट किया कि यह अभियान वार्षिक स्वच्छता प्रयासों का विकल्प नहीं, बल्कि उनमें नई ऊर्जा भरने का माध्यम है।
राजस्व का तुलनात्मक आकलन
गौरतलब है कि पिछले संस्करण — स्वच्छता अभियान 5.0 — के दौरान इलेक्ट्रॉनिक व अन्य अनुपयोगी सामान के निपटान से कुल ₹6,000 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया था। मौजूदा अभियान में महज शुरुआती 16-17 दिनों में ₹490 करोड़ की प्राप्ति हुई है। यदि यह गति बनी रही, तो 31 अक्टूबर तक आँकड़ा दोगुने से भी अधिक हो सकता है — ऐसा मंत्री सिंह ने अनुमान जताया है।
GeM पोर्टल की भूमिका
इस बार अनुपयोगी सामान के निपटान को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल की सहायता ली जा रही है। यह पिछले संस्करणों की तुलना में एक नई प्रक्रियागत पहल है, जिसका उद्देश्य बोली प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करना है।
मंत्री ने एक्स पर क्या साझा किया
जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए DoPT मुख्यालय में हुई ई-कचरा निपटान गतिविधि का विवरण साझा किया। उन्होंने लिखा कि इस विशेष अभियान का लक्ष्य केवल राजस्व अर्जन नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों में संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की संस्कृति विकसित करना भी है। अभियान के समापन तक और अधिक मंत्रालयों और विभागों के इस पहल में शामिल होने की उम्मीद है।