1 अक्टूबर 2026
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जी. किशन रेड्डी ने यशवंत पैलेस में झाड़ू थामी, 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान की दी अपील

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जी. किशन रेड्डी ने यशवंत पैलेस में झाड़ू थामी, 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान की दी अपील

सारांश

गांधी जयंती के मौके पर केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने नई दिल्ली के यशवंत पैलेस मार्केट में खुद झाड़ू उठाई और 30 दिवसीय 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान का संदेश दिया। साथ ही ₹46,000 करोड़ के 'नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन' के ज़रिए ई-वेस्ट प्रबंधन की नई कड़ी भी जोड़ी।

मुख्य बातें

किशन रेड्डी ने 1 अक्टूबर 2026 को यशवंत पैलेस मार्केट, चाणक्यपुरी में खुद हाथों में झाड़ू लेकर सफाई की।
'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान गांधी जयंती (1 अक्टूबर) से सरदार पटेल जयंती (31 अक्टूबर) तक 30 दिनों तक चलेगा।
अभियान में केंद्र-राज्य सरकारें, शिक्षण संस्थान, कार्यालय, एनजीओ और 'स्वच्छ भारत वॉरियर्स' (सफाई कर्मचारी) भाग लेंगे।
खान मंत्रालय ई-वेस्ट संग्रह, पृथक्करण और रीसाइक्लिंग का विशेष अभियान चला रहा है।
सरकार ने ₹46,000 करोड़ के प्रोत्साहन के साथ 'नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन' शुरू किया है।

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 1 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित यशवंत पैलेस मार्केट में खुद हाथों में झाड़ू लेकर 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान में भाग लिया। उन्होंने नागरिकों से 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस 30 दिवसीय स्वच्छ भारत अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की।

मुख्य घटनाक्रम

गुरुवार को यशवंत पैलेस मार्केट परिसर में आयोजित इस सफाई कार्यक्रम में जी. किशन रेड्डी के साथ संबंधित विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने सम्मिलित रूप से मार्केट परिसर की सफाई की और वहाँ मौजूद आम नागरिकों ने भी इस अभियान में उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

यह आयोजन राजधानी दिल्ली में उन अनेक स्थानों में से एक था जहाँ 1 अक्टूबर को विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों ने 'स्वच्छता ही सेवा' कार्यक्रम के तहत जन-भागीदारी सुनिश्चित की। अभियान का उद्देश्य महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के स्वप्न को साकार करना और आम नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

मंत्री का संदेश

इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा, 'कल से पूरे देश में भारत सरकार, अलग-अलग राज्य सरकारें, सरकारी और प्राइवेट शिक्षण संस्थान, सरकारी और प्राइवेट दफ्तर, एनजीओ, कॉलोनियों के संगठन और स्वच्छ भारत वॉरियर्स यानी सफाई कर्मचारी, ये सभी मिलकर 30 दिनों का अभियान चलाएंगे। स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।'

उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि यह अभियान गांधी जयंती (1 अक्टूबर) से शुरू होकर सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (31 अक्टूबर) तक चलेगा और देश के हर वर्ग को इसमें सहभागी होना चाहिए।

ई-वेस्ट प्रबंधन पर विशेष जोर

केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर ई-वेस्ट प्रबंधन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि खान मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक कचरे से संबंधित एक विशेष अभियान चला रहा है, जिसके तहत ई-वेस्ट को इकट्ठा करना, अलग-अलग करना और रीसायकल करना — ये तीन चरण निर्धारित किए गए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार ने ₹46,000 करोड़ के प्रोत्साहन के साथ 'नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन' शुरू किया है, जो ई-वेस्ट के बेहतर प्रबंधन में भी सहायक सिद्ध होगा। गौरतलब है कि क्रिटिकल मिनरल्स की वैश्विक माँग तेज़ी से बढ़ रही है और ई-वेस्ट उनका एक अहम स्रोत है।

आम जनता पर असर

यह अभियान केवल प्रतीकात्मक नहीं है — इसमें सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों, कार्यालयों, गैर-सरकारी संगठनों और आवासीय कॉलोनियों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा। इस प्रकार यह एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप लेने की कोशिश करता है, जिसमें सफाई कर्मचारियों — जिन्हें 'स्वच्छ भारत वॉरियर्स' कहा गया है — की भूमिका को विशेष रूप से सम्मानित किया गया है।

क्या होगा आगे

31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान के दौरान देशभर में सफाई कार्यक्रम, जागरूकता रैलियाँ और ई-वेस्ट संग्रह शिविर आयोजित किए जाएंगे। 'नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन' के तहत ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग की दिशा में ठोस कदम उठाने की भी संभावना है। इस पहल की सफलता काफी हद तक जन-भागीदारी की गहराई पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान अब अपने कई संस्करण पूरे कर चुका है और हर बार जन-भागीदारी की तस्वीर वही रहती है। असली सवाल यह है कि 30 दिनों की इस मुहिम के बाद ज़मीनी स्थायित्व कितना बचता है — और ई-वेस्ट प्रबंधन जैसी महत्वाकांक्षी योजना के लिए ₹46,000 करोड़ का 'नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन' कितना व्यावहारिक रूप लेता है, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान क्या है?
यह भारत सरकार द्वारा गांधी जयंती के उपलक्ष्य में 1 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाने वाला 30 दिवसीय राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान है। इसमें केंद्र-राज्य सरकारें, शिक्षण संस्थान, एनजीओ और सफाई कर्मचारी सभी मिलकर भाग लेते हैं।
जी. किशन रेड्डी ने यशवंत पैलेस मार्केट में किस कारण सफाई अभियान चलाया?
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गांधी जयंती के अवसर पर 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के तहत 1 अक्टूबर 2026 को चाणक्यपुरी स्थित यशवंत पैलेस मार्केट में सफाई कार्यक्रम में भाग लिया। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को स्वच्छता अभियान से जोड़ना और महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करना था।
नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन क्या है और इसका ई-वेस्ट से क्या संबंध है?
भारत सरकार का 'नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन' ₹46,000 करोड़ के प्रोत्साहन के साथ शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य देश में दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। खान मंत्रालय के अनुसार, ई-वेस्ट इन क्रिटिकल मिनरल्स का एक प्रमुख स्रोत है, इसलिए इसके संग्रह, पृथक्करण और रीसाइक्लिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान में कौन-कौन भाग ले सकता है?
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी के अनुसार, इस अभियान में केंद्र और राज्य सरकारें, सरकारी व निजी शिक्षण संस्थान, कार्यालय, एनजीओ, आवासीय कॉलोनियों के संगठन और सफाई कर्मचारी सभी भाग ले सकते हैं। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में इस 30 दिवसीय अभियान में सक्रिय योगदान दें।
यह अभियान कब तक चलेगा?
यह अभियान 1 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 (सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती) तक कुल 30 दिनों तक चलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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