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स्वच्छता ही सेवा 2026: जी. किशन रेड्डी यशवंत प्लेस में श्रमदान और ई-कचरा स्टॉल का उद्घाटन करेंगे

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स्वच्छता ही सेवा 2026: जी. किशन रेड्डी यशवंत प्लेस में श्रमदान और ई-कचरा स्टॉल का उद्घाटन करेंगे

सारांश

खान मंत्रालय ने स्वच्छता ही सेवा-2026 को महज़ सफाई अभियान से आगे ले जाते हुए ई-कचरे और खनिज पुनर्प्राप्ति से जोड़ा है। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी 2 अक्टूबर को यशवंत प्लेस में श्रमदान और ई-कचरा स्टॉल का उद्घाटन करेंगे; पूरे अक्टूबर चलेगा अभियान।

मुख्य बातें

किशन रेड्डी गुरुवार को यशवंत प्लेस, चाणक्यपुरी में 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' श्रमदान कार्यक्रम में भाग लेंगे।
खान मंत्रालय ने नेताजी नगर, जीपीओए-3 में एक पार्क को सौंदर्यीकरण के लिए गोद लिया है।
ई-कचरा संग्रहण स्टॉल का उद्घाटन जीपीओए-3 में होगा; अभियान 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
एकत्रित ई-कचरे को अधिकृत पुनर्चक्रण तंत्रों के ज़रिए वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए भेजा जाएगा।
पहल का उद्देश्य ई-कचरे में मौजूद महत्वपूर्ण खनिजों की पुनर्प्राप्ति और चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी गुरुवार, 2 अक्टूबर 2026 को यशवंत प्लेस, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में खान मंत्रालय के 'स्वच्छता ही सेवा-2026' अभियान के तहत आयोजित 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' सामूहिक स्वैच्छिक श्रमदान कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान वे अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाईकर्मियों के साथ मिलकर सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

मुख्य कार्यक्रम और गतिविधियाँ

केंद्रीय मंत्री इस अवसर पर सफाईकर्मियों और सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव में लगे कर्मियों से सीधे बातचीत करेंगे। एक घंटे का यह सामूहिक श्रमदान प्रतिभागियों को एकजुट करते हुए जन भागीदारी, कार्य की गरिमा और सामूहिक पर्यावरण जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करेगा।

इसके अतिरिक्त, नई दिल्ली के नेताजी नगर स्थित जीपीओए-3 में खान मंत्रालय ने एक पार्क को गोद लिया है। इस पार्क का योजनाबद्ध भूनिर्माण, सौंदर्यीकरण और आसपास के क्षेत्र का समग्र सुधार किया जाएगा, जिससे इसे एक स्वच्छ, हरित और सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।

ई-कचरा संग्रहण स्टॉल का उद्घाटन

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी जीपीओए-3 में एक ई-कचरा संग्रहण स्टॉल का भी उद्घाटन करेंगे — जो स्वच्छता ही सेवा-2026 के अंतर्गत एक अहम पहल है। यह स्टॉल बेकार इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों के संग्रहण को सुगम बनाएगा तथा अधिकारियों व कर्मचारियों को ई-कचरे के जिम्मेदारीपूर्ण निपटान के लिए प्रेरित करेगा।

यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक पूरे एक महीने चलेगा। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्धारित संग्रहण केंद्रों पर जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। एकत्रित ई-कचरे को अधिकृत तंत्रों के ज़रिए उचित पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए भेजा जाएगा।

खनिज पुनर्प्राप्ति और चक्रीय अर्थव्यवस्था का संदेश

इस पहल का एक विशेष पक्ष ई-कचरे के संसाधन मूल्य पर केंद्रित है। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में मौजूद महत्वपूर्ण खनिजों और मूल्यवान सामग्रियों की पुनर्प्राप्ति की संभावना को उजागर करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। यह दृष्टिकोण संसाधन दक्षता को बढ़ाने, प्राकृतिक कच्चे माल पर निर्भरता घटाने और चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को मज़बूत करने में सहायक होगा।

गौरतलब है कि यह पहल खान मंत्रालय के उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है जो संसाधनों के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग, द्वितीयक स्रोतों से खनिज पुनर्प्राप्ति और सतत विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हैं।

आगे का रोडमैप

खान मंत्रालय स्वच्छता ही सेवा-2026 के तहत स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण स्थिरता और नागरिक भागीदारी पर केंद्रित गतिविधियाँ जारी रखे हुए है। यशवंत प्लेस और जीपीओए-3 में शुरू की जा रही ये पहलें स्वच्छता को एक सतत सामूहिक आंदोलन का रूप देने और देश में स्वच्छ, हरित व संसाधन-कुशल भविष्य की दिशा में मंत्रालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब भारत महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को लेकर वैश्विक होड़ में है। लेकिन असली सवाल यह है कि एक महीने का यह संग्रहण अभियान कितना ई-कचरा जुटाएगा और उसकी ट्रैकिंग कैसे होगी। बिना पारदर्शी मात्रात्मक लक्ष्यों और परिणाम-रिपोर्टिंग के, ऐसी पहलें प्रतीकात्मक बनकर रह जाती हैं। खान मंत्रालय के लिए यह अवसर है कि वह सफाई की राजनीति से आगे बढ़कर वास्तविक खनिज-पुनर्प्राप्ति का डेटा सामने रखे।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान क्या है?
स्वच्छता ही सेवा 2026 केंद्र सरकार का वार्षिक स्वच्छता अभियान है, जिसके तहत खान मंत्रालय नई दिल्ली में श्रमदान, पार्क गोद लेने और ई-कचरा संग्रहण जैसी गतिविधियाँ आयोजित कर रहा है। इस वर्ष अभियान में ई-कचरा प्रबंधन और महत्वपूर्ण खनिज पुनर्प्राप्ति को विशेष रूप से जोड़ा गया है।
जी. किशन रेड्डी किस कार्यक्रम में भाग लेंगे?
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी यशवंत प्लेस, चाणक्यपुरी में 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाईकर्मियों के साथ मिलकर सार्वजनिक स्थानों की सफाई में भाग लेंगे।
ई-कचरा संग्रहण अभियान कब से कब तक चलेगा?
ई-कचरा संग्रहण अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक एक महीने के लिए चलाया जाएगा। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों से बेकार इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्धारित संग्रहण केंद्रों पर जमा करने की अपील की जाएगी।
एकत्रित ई-कचरे का क्या किया जाएगा?
एकत्रित ई-कचरे को अधिकृत पुनर्चक्रण तंत्रों के माध्यम से वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में मौजूद महत्वपूर्ण खनिजों और मूल्यवान सामग्रियों की पुनर्प्राप्ति करना है।
जीपीओए-3 में पार्क गोद लेने की पहल का क्या उद्देश्य है?
नेताजी नगर, नई दिल्ली स्थित जीपीओए-3 के पार्क को खान मंत्रालय ने भूनिर्माण, सौंदर्यीकरण और आसपास के क्षेत्र के सुधार के लिए गोद लिया है। इसका लक्ष्य इसे एक स्वच्छ, हरित और सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना और सतत तौर-तरीकों को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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