स्वच्छता ही सेवा 2026: उर्वरक विभाग का एक्शन प्लान तैयार, 1 अक्टूबर को श्रमदान
सारांश
मुख्य बातें
उर्वरक विभाग ने स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए अपनी तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान की थीम 'स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत' है, जिसके तहत कार्यालयों में स्वच्छता जागरूकता और बेहतर कार्य-संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा। विभाग ने 17 सितंबर से 1 अक्टूबर तक की गतिविधियों का विस्तृत कार्य-योजना तैयार की है।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
स्वच्छता ही सेवा अभियान वर्ष 2017 से प्रतिवर्ष आयोजित होता आ रहा है। इसका मूल उद्देश्य स्वच्छता के प्रति स्वैच्छिक भागीदारी और सामूहिक प्रयासों को सुदृढ़ करना है। इस वर्ष विशेष रूप से स्थायी व्यवहार परिवर्तन और नागरिक सहभागिता पर ज़ोर दिया जा रहा है, ताकि स्वच्छता केवल एक अभियान न रहकर दैनिक जीवन का अंग बन सके।
सचिव का आह्वान
उर्वरक विभाग के सचिव रजत कुमार मिश्र ने विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने विशेष रूप से सफाई अभियान की शुरुआत करने और अभियान-अवधि में आयोजित होने वाली विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मिश्र ने 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर भी अधिकतम भागीदारी की अपील की।
मुख्य गतिविधियाँ और एक्शन प्लान
अभियान के अंतर्गत 1 अक्टूबर को सुबह 8:00 बजे से 9:00 बजे तक 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' के तहत एक घंटे की स्वैच्छिक स्वच्छता सेवा/श्रमदान का आयोजन होगा। उर्वरक विभाग द्वारा यह श्रमदान गतिविधि शास्त्री भवन परिसर, नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी, जिसमें विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
विभाग के एक्शन प्लान में स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यस्थल, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन, लंबित मामलों का निस्तारण, ई-वेस्ट तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक के प्रति जागरूकता और स्वच्छता को दैनिक कार्य-संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
आम जनता और कर्मचारियों पर असर
यह अभियान केवल औपचारिक भागीदारी तक सीमित नहीं है — इसका लक्ष्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता की संस्कृति को जड़ें जमाने में मदद करना है। गौरतलब है कि ई-वेस्ट और प्लास्टिक प्रबंधन जैसे मुद्दे पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण हैं और इनका सीधा असर कर्मचारियों के कार्य वातावरण की गुणवत्ता पर पड़ता है।
आगे की राह
अभियान की परिणति 2 अक्टूबर को गाँधी जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत दिवस के रूप में होगी, जब देशभर के विभागों में स्वच्छता गतिविधियाँ अपने चरम पर होंगी। उर्वरक विभाग की यह पहल अन्य केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है।