1 अक्टूबर 2026
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'स्वच्छता ही सेवा 2026': स्वास्थ्य मंत्रालय का श्रमदान, डॉ. राजीव बहल के नेतृत्व में कर्तव्य भवन की सफाई

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'स्वच्छता ही सेवा 2026': स्वास्थ्य मंत्रालय का श्रमदान, डॉ. राजीव बहल के नेतृत्व में कर्तव्य भवन की सफाई

सारांश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को 'स्वच्छता ही सेवा 2026' के तहत नई दिल्ली में श्रमदान किया। ICMR महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने झाड़ू थामी और 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' थीम को जीवंत किया — स्वच्छता को सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए।

मुख्य बातें

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2026 को 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के तहत श्रमदान आयोजित किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व ICMR महानिदेशक डॉ.
राजीव बहल ने किया; स्थल था कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली ।
NHM मिशन निदेशक आराधना पटनायक , NACO महानिदेशक डॉ.
राकेश गुप्ता और DGHS डॉ.
कृष्णा सहित वरिष्ठ अधिकारी सहभागी रहे।
थीम रही 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' ; सभी ने हाथों में झाड़ू लेकर परिसर की सफाई की।
मंत्रालय ने स्वच्छ भारत के लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और स्वच्छता को जन-स्वास्थ्य से अभिन्न बताया।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2026 को 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के अंतर्गत नई दिल्ली के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मार्ग स्थित कर्तव्य भवन-1 के गेट नंबर 3 के पास एक विशेष श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया। इस स्वैच्छिक स्वच्छता अभियान का नेतृत्व स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने किया।

मुख्य घटनाक्रम

अभियान में मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों की भागीदारी रही। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक आराधना पटनायक, नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (NACO) के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक डॉ. राकेश गुप्ता तथा स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) डॉ. लोवनीश जी. कृष्णा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

सभी प्रतिभागियों ने हाथों में झाड़ू लेकर परिसर की सफाई की। 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' की थीम के तहत चले इस अभियान में सामूहिक प्रयास की भावना को व्यावहारिक रूप दिया गया।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

मीडिया से बातचीत में डॉ. राजीव बहल ने कहा कि 'स्वच्छता केवल एक दिन का काम नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाला सामूहिक प्रयास है।' उन्होंने समस्त अधिकारियों और नागरिकों से साफ-सुथरा एवं स्वस्थ माहौल बनाए रखने में सक्रिय योगदान देने की अपील की।

आराधना पटनायक ने जनभागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वस्थ सार्वजनिक स्थान बनाने के लिए हर व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने जोर दिया कि लगातार स्वच्छता बनाए रखने के लिए हर नागरिक को जिम्मेदार बनना होगा।

'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान का उद्देश्य

यह श्रमदान 'स्वच्छता ही सेवा 2026' मुहिम का हिस्सा है, जिसका मुख्य लक्ष्य देशभर में जन-भागीदारी को मजबूत करना और नागरिकों को सफाई के प्रयासों में सक्रिय रूप से जोड़ना है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दीर्घकालिक स्वच्छता केवल सरकार या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता है।

गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय और विभाग प्रतिवर्ष इस प्रकार के अभियान आयोजित करते हैं। यह आयोजन उसी व्यापक श्रृंखला का हिस्सा है, जो स्वच्छता, जन-स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन-शैली के अंतर्संबंध को रेखांकित करता है।

आम जनता पर असर

मंत्रालय ने इस बात पर बल दिया कि साफ-सुथरी और टिकाऊ सार्वजनिक जगहें बनाने के लिए लगातार जागरूकता, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, स्वच्छ वातावरण सीधे तौर पर संक्रामक रोगों की रोकथाम और समग्र सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है।

आगे इस प्रकार के सामुदायिक श्रमदान कार्यक्रमों को देशभर के सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर और विस्तार दिए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु आलोचक अक्सर पूछते हैं कि क्या एक घंटे की सफाई संस्थागत कचरा प्रबंधन की खामियों को वास्तव में संबोधित करती है। स्वच्छ भारत मिशन के एक दशक से अधिक के सफर में ऐसे अभियान नियमित रूप से होते रहे हैं, फिर भी शहरी सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता की स्थिति असमान बनी हुई है। असली कसौटी यह है कि क्या ये कार्यक्रम नागरिकों में दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन ला पाते हैं या केवल वार्षिक आयोजन बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान क्या है?
'स्वच्छता ही सेवा 2026' केंद्र सरकार का एक राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान है, जिसके तहत सरकारी विभाग, मंत्रालय और नागरिक स्वैच्छिक श्रमदान के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों की सफाई में योगदान देते हैं। इसका उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए जन-भागीदारी को मजबूत करना है।
1 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्रालय का श्रमदान कहाँ हुआ?
यह श्रमदान नई दिल्ली के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मार्ग स्थित कर्तव्य भवन-1 के गेट नंबर 3 के पास आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ICMR महानिदेशक डॉ. राजीव बहल सहित मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
डॉ. राजीव बहल ने स्वच्छता के बारे में क्या कहा?
डॉ. राजीव बहल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का काम नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाला सामूहिक प्रयास है। उन्होंने सभी अधिकारियों और नागरिकों से साफ-सुथरा व स्वस्थ माहौल बनाए रखने में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
इस अभियान की थीम क्या थी और इसमें कौन-कौन शामिल हुए?
अभियान की थीम 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' रही। इसमें NHM मिशन निदेशक आराधना पटनायक, NACO महानिदेशक डॉ. राकेश गुप्ता, DGHS डॉ. लोवनीश जी. कृष्णा और मंत्रालय के अनेक कर्मचारी शामिल हुए।
स्वच्छता और जन-स्वास्थ्य का क्या संबंध है?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, स्वच्छता, जन-स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन-शैली के बीच गहरा संबंध है। साफ-सुथरे सार्वजनिक स्थान संक्रामक रोगों की रोकथाम में सहायक होते हैं और इसके लिए जागरूकता, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन तथा नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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