किशन रेड्डी ने लॉन्च किया 'क्रिटिकल मिनरल्स इनोवेशन हैकाथॉन 2026', ₹1.50 लाख तक का पुरस्कार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 25 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में 'क्रिटिकल मिनरल्स इनोवेशन हैकाथॉन 2026' (सीएमआईएच 2026) का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के लक्ष्यों को गति देना और देशभर के छात्रों, शोधकर्ताओं, स्टार्ट-अप्स तथा तकनीकी इनोवेटर्स को खनिज सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है।
हैकाथॉन के दो मुख्य समस्या-विषय
सीएमआईएच 2026 दो केंद्रीय समस्या-विषयों पर आधारित है। पहला विषय है 'ओपन डेटा से मिनरल प्रॉस्पेक्टिविटी मैपिंग', जिसमें प्रतिभागियों को लिथियम या दुर्लभ मृदा तत्वों (आरईई) के पेग्मेटाइट्स के लिए प्रॉस्पेक्टिविटी हीटमैप विकसित करना होगा और उसे ज्ञात खनिज भंडारों के आधार पर सत्यापित करना होगा। दूसरा विषय है 'क्रिटिकल मिनरल्स के लिए स्मार्ट टेक्नोलॉजी और पेटेंट ट्रैकर', जिसके तहत एक सरल, वेब-आधारित आरएंडडी और पेटेंट ट्रैकिंग प्रणाली तैयार की जाएगी।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती माँग के बीच अपनी खनिज आत्मनिर्भरता को मज़बूत करने की दिशा में सक्रिय कदम उठा रहा है।
आयोजन और मेजबानी
इस हैकाथॉन का आयोजन और मेजबानी जवाहरलाल नेहरू एल्युमीनियम रिसर्च डेवलपमेंट एंड डिज़ाइन सेंटर (जेएनएआरडीडीसी), नागपुर करेगा। यह खान मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय है, जो सीएमआईएच 2026 के लिए आधिकारिक आयोजन एवं मेजबान संस्थान की भूमिका निभाएगा। विचार और प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 20 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
पुरस्कार और विजेताओं की घोषणा
प्रत्येक समस्या-विषय के लिए दो विजेता टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार ₹1.50 लाख और द्वितीय पुरस्कार ₹1 लाख का होगा। विजेताओं की घोषणा 'इंडिया माइनिंग वीक 2026' के दौरान की जाएगी, जो 15 से 17 नवंबर 2026 के बीच आयोजित होगा। गौरतलब है कि यह मंच न केवल पुरस्कार बल्कि प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से सीधे मार्गदर्शन पाने और अपने विचार उद्योग के सामने रखने का अवसर भी देता है।
व्यापक संदर्भ और महत्व
क्रिटिकल मिनरल्स — जैसे लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्व — इलेक्ट्रिक वाहनों, सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों की रीढ़ हैं। भारत इन खनिजों के लिए अभी काफी हद तक आयात पर निर्भर है। सीएमआईएच 2026 इस निर्भरता को कम करने की दिशा में इनोवेशन-आधारित इकोसिस्टम खड़ा करने की कोशिश है।
हैकाथॉन से जुड़ी विस्तृत जानकारी, दिशानिर्देश और पंजीकरण की प्रक्रिया जेएनएआरडीडीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुने गए समाधान व्यावसायिक स्तर पर कितने कारगर साबित होते हैं।