भारत में खनिजों की नीलामी का सातवां चरण: क्या है विशेषता?

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भारत में खनिजों की नीलामी का सातवां चरण: क्या है विशेषता?

सारांश

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और सतीश चंद्र दुबे सोमवार को खनिजों की नीलामी के सातवें चरण का शुभारंभ करेंगे। यह नीलामी भारत की खनिज सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। जानें इसके पीछे की रणनीति और खनिजों की मांग।

मुख्य बातें

भारत सरकार ने 24 खनिजों को महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज घोषित किया है।
नीलामी में 19 खनिज ब्लॉकों की पेशकश की जाएगी।
सातवें चरण की नीलामी ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से होगी।
उद्योग की भागीदारी में वृद्धि को दर्शाता है।
नीलामी से राज्य सरकारों को वित्तीय लाभ होगा।

नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे सोमवार को खनिज ब्लॉकों की नीलामी के महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक सातवें चरण का आरंभ करेंगे। यह जानकारी खनन मंत्रालय ने रविवार को साझा की।

खनन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश के आर्थिक विकास और खनिज सुरक्षा के लिए आवश्यक खनिजों का होना अत्यंत जरूरी है। स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकियों की दिशा में वैश्विक परिवर्तनों ने लिथियम, ग्रेफाइट, दुर्लभ पृथ्वी तत्व (आरईई), टंगस्टन, वैनेडियम, टाइटेनियम और अन्य दुर्लभ धातुओं की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि की है, लेकिन इनकी सीमित उपलब्धता और भौगोलिक एकाग्रता ने वैश्विक स्तर पर मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं।

मंत्रालय के अनुसार, इन खनिजों के रणनीतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने 17 अगस्त 2023 को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर अधिनियम) में संशोधन किया और 24 खनिजों को महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के रूप में घोषित किया। इस संशोधन ने केंद्र सरकार को इन खनिजों के लिए खनन पट्टे और संयुक्त लाइसेंस की नीलामी करने का अधिकार प्रदान किया। इन नीलामियों से प्राप्त राजस्व संबंधित राज्य सरकारों को प्राप्त होगा।

अब तक, खनन मंत्रालय ने नीलामी के छह चरणों को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसमें 46 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है, जो उद्योग की मजबूत भागीदारी और भारत के खनिज क्षेत्र में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

मंत्रालय के अनुसार, इसी प्रवृत्ति को बनाए रखने के लिए, सातवें चरण के अंतर्गत कई राज्यों में खनन पट्टे और मिश्रित लाइसेंस के तहत 19 ब्लॉक उपलब्ध कराए जाएंगे। इन ब्लॉकों में स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत प्रौद्योगिकी, उर्वरक और रणनीतिक उद्योगों के लिए आवश्यक खनिजों का एक विविध भंडार शामिल है।

खनिज ब्लॉकों के संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और गति सुनिश्चित करने के लिए नीलामी ढांचे को लगातार मजबूत किया गया है। हाल के सुधारों, जिनमें खनिज (नीलामी) द्वितीय संशोधन नियम, 2025 शामिल हैं, ने प्रदर्शन सुरक्षा जमा करने, अग्रिम भुगतान और आशय पत्र जारी करने जैसी नीलामी के बाद की समय-सीमाओं को सुव्यवस्थित किया है। इसके अतिरिक्त, खनिज (नीलामी) संशोधन नियम, 2026 ने बैंक गारंटी के विकल्प के रूप में बीमा गारंटी बांड का प्रावधान किया है, जिससे बोलीदाताओं को अधिक सरलता मिलती है।

मंत्रालय के अनुसार, यह नीलामी एक पारदर्शी दो-चरण वाली आरोही नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल बोलीदाता का चयन भेजे गए खनिज के मूल्य के उच्चतम प्रतिशत के आधार पर किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खनिजों की नीलामी का उद्देश्य क्या है?
खनिजों की नीलामी का उद्देश्य देश की खनिज सुरक्षा को सुनिश्चित करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
सातवें चरण में कितने खनिज ब्लॉक नीलाम किए जाएंगे?
सातवें चरण में कुल 19 खनिज ब्लॉक नीलाम किए जाएंगे।
नीलामी की प्रक्रिया कैसे होगी?
यह नीलामी एक पारदर्शी दो-चरण वाली आरोही नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी।
किस प्रकार के खनिजों की नीलामी की जाएगी?
नीलामी में स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत प्रौद्योगिकी, और उर्वरक जैसे क्षेत्रों के लिए आवश्यक खनिज शामिल होंगे।
क्या इस नीलामी से राज्य सरकारों को लाभ होगा?
हाँ, नीलामियों से प्राप्त राजस्व संबंधित राज्य सरकारों को प्राप्त होगा।
राष्ट्र प्रेस
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