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क्या जम्मू-कश्मीर में 24 नवंबर को चूना पत्थर खनिज ब्लॉकों की पहली नीलामी होगी?

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क्या जम्मू-कश्मीर में 24 नवंबर को चूना पत्थर खनिज ब्लॉकों की पहली नीलामी होगी?

सारांश

जम्मू-कश्मीर में 24 नवंबर को चूना पत्थर खनिज ब्लॉकों की पहली नीलामी का आयोजन होने जा रहा है। यह नीलामी स्थानीय विकास और औद्योगिक अवसरों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानिए इसके पीछे की रणनीति और अपेक्षाएं।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर में पहली बार चूना पत्थर खनिज ब्लॉकों की नीलामी हो रही है।
यह नीलामी 24 नवंबर को होगी।
किशन रेड्डी इसकी अध्यक्षता करेंगे।
यह पहल स्थानीय विकास और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण है।
यह नीलामी एमएमडीआर अधिनियम के तहत की जा रही है।

नई दिल्ली, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में चूना पत्थर खनिज ब्लॉकों की पहली नीलामी सोमवार को प्रारंभ की जाएगी। खनन मंत्रालय ने रविवार को इस संबंध में जानकारी साझा की।

इस नीलामी की अध्यक्षता केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी भी उपस्थित रहेंगे। यह नीलामी केंद्र-राज्य की मजबूत साझेदारी और इस क्षेत्र के लिए इस पहल की रणनीतिक महत्वता को दर्शाती है।

यह 2015 में माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट के तहत शुरू किए गए खनन सुधारों को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्रालय ने बताया कि इन सुधारों के बाद यह केंद्र शासित प्रदेश में होने वाला पहला माइनिंग ब्लॉक ऑक्शन है, जो मिनरल सेक्टर में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और सतत विकास की दिशा में बदलाव का संकेत देता है।

अनंतनाग, राजौरी और पुंछ जिलों में लगभग 314 हेक्टेयर में फैले कुल सात लाइमस्टोन ब्लॉक की पहचान की गई है।

यूएनएफसी जी-3 और जी-4 एक्सप्लोरेशन स्टेज में आने वाले इन डिपॉजिट में उच्च गुणवत्ता वाले लाइमस्टोन के लिए काफी संभावनाएं हैं। यह सीमेंट बनाने, कंस्ट्रक्शन और अन्य औद्योगिक उपयोगों के लिए आवश्यक है।

यह नीलामी एमएमडीआर अधिनियम की धारा 11 की उपधारा (4) और (5) के तहत आयोजित की जाएगी, जिससे केंद्र सरकार उन मामलों में प्रक्रिया को सुविधाजनक बना सकेगी जहां राज्य या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को प्रक्रियात्मक सीमाओं का सामना करना पड़ता है।

यह तरीका कोऑपरेटिव फेडरलिज्म के सिद्धांतों को प्रदर्शित करता है, जिससे समय पर लागू करना और सुधार लागू करना सुनिश्चित होता है।

मंत्रालय ने कहा, "इस पहल से नौकरियां पैदा होने, राजस्व बढ़ने, औद्योगिक विस्तार और स्थानीय समुदायों के लिए नए आर्थिक अवसर मिलने की उम्मीद है। इससे जम्मू-कश्मीर के विकास की रफ्तार बढ़ेगी और विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन में योगदान मिलेगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस नीलामी में कौन-कौन शामिल होगा?
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी शामिल होंगे।
यह नीलामी किन जिलों में होगी?
यह नीलामी अनंतनाग, राजौरी और पुंछ जिलों में होगी।
इस नीलामी का क्या महत्व है?
यह नीलामी स्थानीय विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा देगी।
क्या यह नीलामी पहले से तय योजनाओं के तहत है?
हाँ, यह 2015 के माइंस एंड मिनरल्स अधिनियम के तहत की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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